बताया गया है कि अभी भी जिले में करीब 2,00,125 मतदाताओं का सत्यापन कार्य शेष है। इसके लिए संबंधित कर्मचारियों और बीएलओ को घर-घर जाकर मतदाताओं का भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में शामिल न रह सके।
एडीओ पंचस्थानीय व नगरीय निकाय राजा राम वर्मा ने बताया कि पंचायत चुनाव के लिए मतदाता सूची को पारदर्शी बनाने की प्रक्रिया तेज गति से चल रही है। एक-एक मतदाताओं का सत्यापन कराया जा रहा है। 1.90 लाख से अधिक अपात्र व डुप्लीकेट लोगों का नाम सूची से हटा दिया गया है।
निर्वाचन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मतदाता सूची में एक ही व्यक्ति के नाम कई स्थानों पर दर्ज होना, मृत्यु के बाद भी नाम बने रहना या स्थान परिवर्तन के बावजूद पुराने पते पर नाम दर्ज होना जैसी शिकायतें लगातार मिल रही थीं। इसी को देखते हुए जिलेभर में व्यापक सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है।
बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) घर-घर जाकर जांच कर रहे हैं, वहीं ऑनलाइन और दस्तावेजी मिलान से डुप्लीकेट नामों की पहचान की जा रही है। अब तक करीब 12,727 मतदाताओं के नाम सूची से डिलीट किए जा चुके हैं।
अधिकारियों का कहना है कि शुद्ध मतदाता सूची ही निष्पक्ष चुनाव की आधारशिला है। यदि डुप्लीकेट या अपात्र नाम सूची में बने रहते हैं, तो चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठ सकते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके आसपास किसी मृत व्यक्ति का नाम, स्थानांतरित मतदाता या एक से अधिक स्थानों पर दर्ज नाम की जानकारी हो, तो वे संबंधित बीएलओ या निर्वाचन कार्यालय को सूचित करें।
सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी पंचस्थानीय राजाराम वर्मा ने बताया कि निर्वाचन आयोग की ओर से जिले स्तर पर चिन्हित 18 लाख से अधिक डुप्लीकेट मतदाताओं की सूची उपलब्ध कराई गई। इस सूची का सत्यापन चल रहा है। अब तक हुए सत्यापन में 12 हजार अधिक डुप्लीकेट मतदाता मिले हैं, जिनके नाम को मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। अभी 16 लाख मतदाताओं का सत्यापन होना बाकी है।
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