जब से आयोग ने पीएसएस, आरओ और एआरओ की भर्ती परीक्षा दो दिन में लेने और उसके नंबर में नॉर्मलाइजेशन (मानकीकरण) करने का फैसला लिया है, तब से नौकरी की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले स्टूडेंट्स इसका विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि नॉर्मलाइजेशन के रास्ते पिछले दरवाजे से भर्ती की जाएगी। छात्र-छात्रा दूसरे राज्यों में एक ही दिन में परीक्षा होने का भी हवाला दे रहे हैं। इनकी मांग है कि एक शिफ्ट में परीक्षा ली जाए जिससे नॉर्मलाइजेशन करने की नौबत ना आए। अखिलेश यादव लगातार इस आंदोलन के दौरान ट्वीट कर रहे हैं और सरकार को कोस रहे हैं।
अखिलेश ने ताजा ट्वीट किया है- “भाजपा अगर केवल चुनाव का गणित समझती है तो सुन ले कि PCS/RO/ ARO/LOWER SUBORDINATE जैसी अन्य प्रतियोगी छात्रों और उनके परिवार के लोगों को मिला लिया जाए तो ये संख्या लगभग 1 करोड़ होती है। अगर इस ‘महा-संख्या’ को लगभग 400 विधानसभा सीटों से भाग दें तो भाजपा के लगभग 25000 वोट हर विधानसभा सीट पर कम होंगे मतलब भाजपा दहाई के अंक में सिमट जाएगी। उम्मीद है, इस गणित को ही समझ कर आज ही भाजपा की हृदयहीन सरकार अत्याचार बंद करेगी और आंदोलनकारी युवाओं की लोकतांत्रिक जायज़ माँग को पूरा करेगी।”
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