जनपद में 23 जनवरी 2026 को सायं 6 बजे पुलिस लाइन आजमगढ़ में ब्लैकआउट मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा। इसके दृष्टिगत 19 जनवरी 2026 को अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व) आजमगढ़ की अध्यक्षता में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का नेतृत्व डॉ. चन्दन कुमार, आपदा विशेषज्ञ, कलेक्ट्रेट आजमगढ़ द्वारा किया गया।
इस दौरान अग्निशमन विभाग के फायरमैन एवं आपदा मित्रों की सहभागिता में चयनित नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों जिसमें चीफ वार्डन, डिप्टी चीफ वार्डन, डिवीजनल वार्डन, डिप्टी डिवीजनल वार्डन, घटना नियंत्रण अधिकारी एवं पोस्ट वार्डन शामिल रहे, को हवाई हमले की स्थिति में आग से बचाव के उपाय, प्राथमिक उपचार की विधि तथा आपातकाल के दौरान स्थानीय संसाधनों के प्रभावी उपयोग के संबंध में विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया।
आज़मगढ़। जिले की पुलिस को CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल पर मोबाइल फोन रिकवरी में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया। यह सम्मान डीजी टेलीकॉम सुनीता चंद्रा ने अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन को प्रदान किया।
इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन ने विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया, जिसमें बताया कि आजमगढ़ पुलिस ने समन्वित टीमवर्क, तकनीकी दक्षता, त्वरित कार्रवाई और नागरिक सहभागिता के माध्यम से मोबाइल रिकवरी में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। CEIR पोर्टल पर दर्ज गुम एवं चोरी मोबाइल ट्रैकिंग मामलों का त्वरित निस्तारण कर नागरिकों को समयबद्ध राहत प्रदान की गई।
बता दे कि वर्ष 2024 से अब तक आजमगढ़ पुलिस ने कुल 2445 एंड्रॉइड मोबाइल फोन जिसकी कुल कीमत लगभग ₹6 करोड़ 11 लाख बरामद कर स्वामियों को सुपुर्द किए हैं।
केवल वर्ष 2025 में अब तक 1194 मोबाइल फोन बरामद किए गए। हाल ही में 177 एंड्रॉइड मोबाइल फोन कीमत लगभग ₹44 लाख बरामद कर स्वामियों को लौटाए गए। यह सफलता प्रोएक्टिव टेक्निकल ट्रेसिंग सिस्टम, थाना-स्तरीय CEIR नोडल अधिकारी प्रणाली और नागरिक जागरूकता अभियानों के माध्यम से संभव हुई है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने कहा कि यह सम्मान आजमगढ़ पुलिस के हर अधिकारी और कर्मी के परिश्रम और तकनीकी दक्षता का परिणाम है, जिन्होंने तकनीक को जनसेवा का सशक्त माध्यम बनाया। हमारा लक्ष्य केवल मोबाइल बरामद करना नहीं, बल्कि नागरिकों का विश्वास अर्जित करना है।
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