पूर्व सांसद ने कहा कि 15 किलोमीटर लंबे रिंग रोड (चालान दक्षिण-पूर्व बाईपास) परियोजना को लेकर केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी द्वारा 1279.13 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। उन्होंने बताया कि जब वह वर्ष 2022 से 2024 तक आजमगढ़ के सांसद थे, उसी दौरान इस सड़क की मांग की गई थी और डीपीआर भी तैयार कराई गई थी।
इस मामले में सपा सांसद धर्मेंद्र यादव की टीम द्वारा श्रेय लेने के सवाल पर निरहुआ ने कहा कि सांसद धर्मेंद्र यादव सब कुछ जानते हैं, लेकिन श्रेय लेने का काम वे स्वयं नहीं बल्कि उनके समर्थक कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही नितिन गडकरी को आजमगढ़ लाया जाएगा और वह खुद बताएंगे कि यह सड़क परियोजना किसके प्रयास से स्वीकृत हुई। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि एक फोटो रेल मंत्री के साथ भी खिंचवा लें, क्योंकि आने वाले समय में रेल मंत्री भी जिले को बड़ी सौगात देने वाले हैं।
पूर्व सांसद ने कहा कि भाजपा सरकार ने आजमगढ़ को विश्वविद्यालय और संगीत महाविद्यालय जैसी सौगातें दी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लगातार विकास कार्य हो रहे हैं और आने वाले समय में जिले को और भी बड़ी योजनाएं मिलने वाली हैं।
उन्होंने कहा कि बिहार और महाराष्ट्र में भाजपा जीत हासिल कर चुकी है, अब पश्चिम बंगाल भी जीतेंगे और उसके बाद उत्तर प्रदेश का विधानसभा चुनाव भी भाजपा ही जीतेगी। देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में निरंतर काम हो रहा है और आगे और भी विकास कार्य होंगे। यही वजह है कि 2027 में भी आजमगढ़ में कमल खिलेगा।
SIR प्रक्रिया पर विपक्ष के सवालों पर जवाब देते हुए निरहुआ ने कहा कि निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए यह प्रक्रिया जरूरी है। उन्होंने दावा किया कि कई जगह एक ही परिवार में चार लोग रहते थे, लेकिन मतदाता सूची में छह नाम दर्ज थे, ऐसे मामलों को ठीक करने के लिए SIR लागू की गई है।
]]>मीडिया से बातचीत में निरहुआ ने कहा कि बिहार में मिली जीत विपक्ष द्वारा लगाए गए ईवीएम हैक या वोट चोरी के आरोपों से प्रभावित नहीं हुई है। उन्होंने कहा, अगर वोट चोरी होती तो आजमगढ़ से वह चुनाव क्यों हारते? विपक्ष हमेशा हार के बाद ऐसे आरोप लगाता है। उन्होंने एनडीए की जीत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विकास कार्यों का महत्वपूर्ण योगदान बताया।
लालू परिवार में चल रहे कलह पर निरहुआ ने कहा, रोहिणी आचार्य का घर छोड़ना दुखद है। परिवार से बड़ा कुछ नहीं होता। जब परिवार ही साथ नहीं है तो राजनीति करने का क्या मतलब। उन्होंने यह भी बताया कि वे लालू परिवार के बेहद करीबी हैं और समय-समय पर लालू जी से आशीर्वाद लेते रहते हैं।
भोजपुरी स्टार खेसारी लाल यादव के बिहार विधानसभा चुनाव में हारने पर निरहुआ ने टिप्पणी की कि जो हश्र खेसारी का हुआ, वही उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव का भी हो सकता है। उन्होंने कहा, जिस तरह खेसारी लाल यादव ने राम मंदिर पर टिप्पणी की, वैसा ही उत्तर प्रदेश में भी हो रहा है। जनता को ऐसे बयान पसंद नहीं आते। उन्होंने खेसारी को राजनीति में आने की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जनता की सेवा सबसे महत्वपूर्ण है।
बिहार में महिलाओं को दस है, हज़ार की मदद देने को विपक्ष जीत का कारण बता रहा है, इस पर निरहुआ ने कहा कि जनता गुंडाराज नहीं चाहती। उन्होंने बताया कि राजद के लोग चुनाव के दौरान पहले ही गुंडागर्दी की बात करते रहे, जिसे जनता ने पसंद नहीं किया।
आजमगढ़ के विकास पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि जल्द ही दिल्ली के लिए आजमगढ़ से नई ट्रेन चलाने की योजना है। इसके साथ ही वाराणसी से गोरखपुर तक रेल लाइन का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है और रिंग रोड का निर्माण भी शुरू हो रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वे हमेशा आजमगढ़ के विकास और जनता की सेवा के लिए तत्पर रहेंगे।
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आजमगढ। जिले में छठवे चरण में होने वाले मतदान के लिए आजमगढ़ व लालगंज सुरक्षित सीट के भाजपा प्रत्याशियों ने अपना-अपना नामांकन किया। इस दौरान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भूपेन्द्र चौधरी, एमएलसी दारा सिंह चौहान सहित अन्य नेता मौजूद रहे। इस दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि दो चरणों में संपन्न हुए मतदान में विपक्ष की कोई गतिविधि नहीं दिखी इसलिए मतदान प्रतिशत कम हुआ है। उन्होने दावा किया वे पीएम के चार सौ के पार के लक्ष्य को पूरा करने का काम कर रहे है।

बुधवार को तीखी धूप के बीच भाजपा के आजमगढ़ प्रत्याशी दिनेश लाल यादव व लालगंज की प्रत्याशी नीलम सोनकर रोड शो करते हुए कलेक्ट्रेट पर पहुंचे। जहां से दोनों प्रत्याशियों ने अपने प्रस्तावकों के साथ नामांकन कक्ष में पहुंचकर नामांकन किया।

नामांकन के बाद बाहर निकले भाजपा के आजमगढ व लालगंज लोकसभा के प्रत्याशियों ने अपनी-अपनी जीत का दावा किया। इस दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह चौधरी ने कहा कि इस बार हम मोदी जी के चार सौ के लक्ष्य को पूरा कर रहे है। उन्होने कहा कि लगातार मतदान का प्रतिशत जो कम हो रहा है उसके लिए विपक्ष जिम्मेदार है। क्योंकि कांग्रेस, सपा और बसपा के लोग चुनाव के पहले किसी भी प्रकार का रोड शो एवं रैलियों से परहेज करते रहे है।

जिसके कारण उनके मतदाता मतदान करने के लिए बाहर नहीं निकल रहे है। इसी कारण उनके मतदाता मतदान करने के लिए बाहर नहीं निकल रहे है। इसलिए दो चरणों में सपन्न हुए लोकसभा चुनाव में मतदान प्रतिशत कम रहा।
2019 में आजमगढ़ में एक भी सीट न मिलने के सवाल पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि हम लोग समीक्षा करते है। जहां परिणाम अनकूल आते है वहां भी और जहां नहीं आते है वहां भी समीक्षा करते है। वर्ष 2019 में यूपी में 16 लोकसभा की सीटे नहीं जीत पाए थे उसमें आजमगढ की दोनों सीटे भी शामिल थी। लेकिन बाद में हुए उप चुनाव में आजमगढ़ व रामपुर की जनता ने हमे आर्शीवाद दिया।
प्रदेश में पांच सीटे सपा के परिवार के सदस्यों को दिए जाने के सवाल पर उन्होने कहा कि समाज को इसके बारे में विचार करना चाहिए। इतना बड़ा समाज का नेतृत्व करने वाला समूह केवल एक परिवार के लोग ही नेतृत्व कर सकते है तो विचार उन्हे करना चाहिए। बाकी लोग योग्य है या नहीं है, वे लड़ सकते हैया नहीं लड़ सकते यह जबाव तो समाज के लोगों को करना चाहिए।
आजमगढ। चुनाव प्रचार करने दीवानी न्यायालय में पहुंचे भाजपा प्रत्याशी व सांसद दिनेश लाल यादव निरहुआ को विरोध का सामान करना पड़ा। लेकिन इस दौरान अधिवक्ता दो फाड में नजर आए। एक तरफ भाजपा प्रत्याशी का फूल मालाओं से अधिवक्ता स्वागत कर रहे थे तो दूसरी तरफ कुछ अधिवक्ता विरोध करने के साथ ही नारेबाजी कर रहे थे। वही बार के ज्वाइंट सिक्रेटरी शशिकांत पांडेय ने दावा किया कि अधिवक्ताओं ने ग्रामीण न्यायालय के विरोध में करीब दो माह तक चले धरने में नहीं पहुंचने को लेकर विरोध हुआ। जो की गलत है। वही भाजपा प्रत्याशी निरहुआ ने दावा किया विरोध करने वाले सपाई थे।
दीवानी न्यायालय में मंगलवार को भाजपा सांसद व प्रत्याशी दिनेश लाल यादव पहुंचे। सभागार में पहुंचने पर दीवानी बार के अध्यक्ष व मंत्री व अन्य अधिवक्ता फूल मामलाओं से निरहुआ का स्वागत कर रहे थे ,तभी सभागार में अधिवक्ताओं ने भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दिया। लेकिन दूसरी तरफ भाजपा प्रत्याशी का स्वागत चलता रहा। अधिवक्ताओं के अधिक शोर मचाने पर बिना किसी संबोधन के भाजपा प्रत्याशी निरहुआ न्यायालय परिसर से बाहर चले गए। इस दौरान निरहुआ ने कहा कि उनको अधिवक्ताओं ने समय दिया था जिसके बाद वे वहां पर पहुंचे थे। विरोध वही अधिवक्ता कर रहे है जो सपाई है। कुछ उनका आपस का विरोध है। निरहुआ ने कहा कि अगर किसी को विरोध करना है तो चुनाव आता है और े विरोध किया जाता है बटन दबाकर । निरहुआ ने कहा कि जिस गाड़ी पर सपा का झंडा उस गाड़ी में मिलेगा गुंडा। तो कुछ गुंडे यहां भी है तो अपना रंग दिखाएगें ही । पर उनको पता नहीं है कि ये कितना भी जोर लगाएगें लेकिन इनका भगोड़ा नेता आजमगढ़ में टीक नहीं पाएगे। वर्ष 2019 में एक भाई जीतकर भाग गया, 2022 में एक भाई हार कर भाग गया और तो ये भगोड़े भाई है। उन्होने अपील किया कि इन भगोड़े भाइयों से आजमगढ़ को बचाना है तो एक बार फिर से मोदी जी को लाना है ।
वही दीवानी बार के सेक्रेटरी शशिकांत पांडेय ने कहा कि विरोध किसी व्यक्ति विशेष का नहीं किया गया। बल्कि दो माह तक अधिवक्ता ग्रामीण न्यायालय के विरोध में प्रदर्शन करते रहे लेकिन पक्ष व विपक्ष का कोई भी नेता आश्वासन देने नहीं पहुंचा इसलिए विरोध किया गया। हालांकि उन्होने माना कि न्यायालय में जातिगत समीकरण व पार्टी से जो लोग भी नारा लगाए है वह गलत है। उन्होने कहा कि यह जनपद न्यायालय व अधिवक्ताओं के लिए कष्ट की बात है।