बता दें कि आरोपियों से सपा विधायक नवाब जान, चौधरी समरपाल सिंह, पूर्व सांसद एसटी हसन के साथ कई सपा नेताओं ने जेल में मुलाकात की थी। पूर्व सांसद,विधायकों के साथ कुछ सपा नेता बगैर पर्ची लगाए मिले थे।
कहा जा रहा है कि मुलाकात के दौरान जेल मैनुअल का पालन नहीं किया गया। शासन के निर्देश पर डीजी जेल ने डीआईजी जेल कुंतल किशोर को मामले की जांच सौंपी थी। संभल में जेल नहीं होने की वजह से आरोपियों को मुरादाबाद जेल भेजा गया था।
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