आज़मगढ़। जिले के महराजगंज थाना क्षेत्र के जूड़ाखुर्द में स्थित एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन से पहले चिकित्सक ने मरीज को एनेस्थीसिया का इंजेक्शन लगाया तो उसकी हालत बिगड़ गई। चिकित्सक ने उसे शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
गुस्साए परिजनों ने चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए थाने में तहरीर दी है और अस्पताल के सामने शव रखकर विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस परिजनों को समझाने में जुटी रही।महाराजगंज थाना क्षेत्र के नरायनपुर गांव निवासी प्रेमनाथ यादव ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
आरोप है कि 20 मार्च को दोपहर करीब 12 बजे जूड़ाखुर्द स्थित एक निजी अस्पताल में अपनी पत्नी मनीषा यादव (32) के बच्चेदानी का ऑपरेशन कराने के लिए भर्ती कराया था। पति प्रेमनाथ का आरोप है कि ऑपरेशन से पूर्व चिकित्सक ने जैसे ही एनेस्थीसिया का इंजेक्शन लगाया वैसे ही मनीषा की हालत बिगड़ गई, जिसके बाद चिकित्सक ने स्वायं अपनी गाड़ी से शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया।
मनीषा का उपचार चल रहा था कि रविवार को दिन में करीब 10 बजे उसकी मौत हो गई। गुस्साए परिजनों ने चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए थाने में तहरीर दी है और अस्पताल के सामने शव रखकर विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया। आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल प्रशासन से जवाब मांगा, लेकिन संतोषजनक उत्तर न मिलने पर उन्होंने शव को अस्पताल के सामने रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
साथ ही, स्थानीय थाने में चिकित्सक के खिलाफ लापरवाही की शिकायत दर्ज कराई गई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। परिजन दोषी चिकित्सक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और जांच के बाद आगे की कार्रवाई की बात कही है। मृतका मनीषा एक पुत्र व दो पुत्री की मां थी।
महराजगंज थानाध्यक्ष विनय कुमार मिश्रा ने बताया किपीड़ित पक्ष की शिकायत मिली है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।-
]]>पल्लवपुरम और सिविल लाइन थाना क्षेत्र निवासी दो युवती आबूलेन स्थित एक रेडिमेड शोरूम में काम करती थीं। बताया गया है कि दोनों ने लिव इन में रहने का निर्णय लिया। कचहरी जाकर इसके लिए स्टांप पेपर पर कागज तैयार करा लिए। इसके बाद पल्लवपुरम निवासी युवती को सहेली अपने घर ले गई और साथ रहने की इच्छा जाहिर की। पल्लवपुरम निवासी युवती के परिजनों को इसका पता चला तो वे मौके पर पहुंच गए। किसी तरह वह अपनी बेटी को घर ले आए। उसके सहेली से मिलने पर बंदिश लगा दी।
करीब एक माह पहले दोनों युवतियां एसएसपी ऑफिस पहुंची थीं और अफसरों से मदद की गुहार लगाई थी। दोनों ने समलैंगिक विवाह करने की इच्छा जाहिर की थी, अफसरों ने दोनों युवतियों को समझा बुझाकर घर भेज दिया था। इसकी भनक पल्लवपुरम निवासी युवती के परिवार को लगी तो उन्होंने सख्ती बढ़ा दी और अपनी बेटी को बागपत में मामा के यहां रहने के लिए भेज दिया।
आरोप है कि बृहस्पतिवार को सिविल लाइन क्षेत्र की रहने वाली युवती पल्लवपुरम निवासी युवती से मिलने बागपत पहुंची और बहाने से उसे अपने साथ लेकर लापता हो गई। परिजनों को सूचना मिली तो वे भाजपा पल्लवपुरम मंडल की महिला मोर्चा अध्यक्ष सुनीता रस्तोगी और शालीन त्यागी के साथ अपनी बेटी को ढूंढते हुए आरोपी सहेली के घर पहुंच गए। उन्होंने संगीन आरोप लगाकर हंगामा कर दिया। थाने में बेटी की सहेली के परिजनों ने बताया कि दोनों युवतियां पंजाब में हैं। सुबह तक दोनों को यहां बुला लिया जाएगा। बताया जा रहा है कि दोनों पंजाब जाकर शादी करेंगी। सीओ सिविल लाइन अभिषेक तिवारी का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। इसके बाद कार्रवाई की जाएगी।
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