इसके बावजूद पवई पुलिस ने पूरे मामले को छिपाते हुए अधिकारियों को गुमराह किया और इसे महज दो सिपाहियों की बाइक आपस में भिड़ने का मामला बताया। पांच दिन तक घटना दबाए रखने से एसएसपी हेमराज मीना नाराज हो गए। सच्चाई सामने आने पर उन्होंने लापरवाही और कर्तव्यहीनता बरतने वाले उपनिरीक्षक शिवसागर यादव, सिपाही प्रभात त्रिपाठी और प्रीतम कुमार को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया।
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