आजमगढ़। जिले के बरदह थाना क्षेत्र के बर्रा गांव में पुलिस पर जानलेवा हमला करने, सरकारी वाहन क्षतिग्रस्त करने और अफरा-तफरी फैलाने के मामले में दो और अभियुक्तों को गिरफ्तार किया।
सात जून को वरिष्ठ उपनिरीक्षक सुरेश चंद्र मिश्रा ने थाना बरदह में तहरीर दी थी कि 6 जून को रात 11.15 बजे पीआरवी 1043 को बर्रा गांव में मारपीट की सूचना मिली थी।
विवाद सुलझाने की कोशिश के दौरान गांव के फूल चंद, सर्वेश, लकी व दीदारगंज थाना क्षेत्र के महुआरा गांव निवासी गौतम, आकाश, सिंकू, विपिन, चन्द्रेश, रीतिक, राकेश, विशाल, मनोज, शर्मिला, शिवमूरत, संगम, मनकू व ऋषभ सहित 25-30 लोगों ने मिलकर पीआरवी वाहन का रास्ता रोककर ईंट-पत्थरों से हमला किया। जिससे वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। इस मामले में बरदह थाने में मुकदमा पंजीकृत किया गया।
थानाध्यक्ष संजय कुमार सिंह ने बताया कि सात जून को उपनिरीक्षक उमेश कुमार ने 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसके बाद शुक्रवार को उपनिरीक्षक उमेश चंद्र यादव ने अपनी टीम के साथ आरोपी बुद्ध उर्फ शैलेंद्र और नीरज को बंधवा तिराहे से सुबह के समय गिरफ्तार कर लिया।
]]>आज़मगढ़। जिले के बरदह थाना क्षेत्र के बर्रा गांव में तीन दिन पहले एक बारात के दौरान डीजे पर डांस को लेकर शुरू हुआ विवाद हिंसक रूप ले लिया। जौनपुर जनपद के आनापुर चकवा बाजार से इनोवा वाहन में सवार होकर आ रहे लोगों पर गांव के दूसरे पक्ष के लोगों ने हमला बोल दिया। हमलावरों ने वाहन का शीशा तोड़ दिया और जान से मारने की धमकी दी।
सूचना पर डायल 112 पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची, लेकिन ग्रामीणों ने आक्रोशित होकर पुलिस का विरोध शुरू कर दिया। यही नही ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। ग्रामीणों के पथराव में पुलिस की टाटा सूमो, डायल 112 वाहन का शीशा टूट गया और थानाध्यक्ष सहित 4 पुलिसकर्मी घायल हो गए। जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायल पुलिकर्मियों का आला अधिकारियों ने अस्पताल पहुचकर हाल जाना।
वही घटना के बाद हालात को नियंत्रित करने के लिए सीओ लालगंज के नेतृत्व में भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए करीब पांच दर्जन से अधिक ग्रामीणों को हिरासत में लिया है। तनाव को देखते हुए गांव में भारी पुलिसबल तैनात लिया गया है।
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संभल । संभाल की जामा मस्जिद विवाद को लेकर रविवार को लोगों का गुस्सा भड़क उठा। मस्जिद के सर्वे से नाराज भीड़ ने पुलिस पर पथराव कर दिया। पुलिस ने भी भीड़ पर काबू पाने के लिए आंसू गैस के गोले दागे हैं। पथराव की घटना हुई जब एक सर्वेक्षण टीम मस्जिद का सर्वेक्षण करने के लिए शाही जामा मस्जिद पहुंची। पुलिस ने स्थानीय लोगों से सर्वेक्षण टीम के पहुंचने पर पथराव न करने की अपील की है। पथराव के बाद पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई है।
संभल के पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार उस स्थान पर पहुंचे, जहां एक सर्वे टीम मस्जिद का सर्वेक्षण करने के लिए शाही जामा मस्जिद पहुंची थी। वहीं पर पथराव की घटना हुई है। पथराव के साथ-साथ वाहनों को भी आग लगाई गई है। इलाके में हालात तनावपूर्ण हैं।
जामा मस्जिद का यह है मामला
हिंदू पक्ष की ओर से न्यायालय में जो वाद दायर किया गया है। उसमें उन्होंने हरिहर मंदिर होने का दावा किया है। न्यायालय ने कोर्ट कमिश्नर नियुक्त कर दिया है। मंगलवार को कोर्ट कमिश्नर ने मस्जिद पहुंचकर सर्वे भी किया था। करीब दो घंटे तक वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी की गई थी। कोर्ट कमिश्नर 29 नवंबर को न्यायालय में रिपोर्ट पेश करेंगे। इस सर्वे के बाद से जामा मस्जिद के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इस वाद को दायर करने में वादीगण में सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता हरिशंकर जैन, पर्थ यादव, महंत ऋषिराज गिरि, राकेश कुमार, जीतपाल सिंह यादव, मदनपाल, वेदपाल और दीनानाथ शामिल हैं। हरिशंकर जैन के बेटे विष्णु शंकर जैन इस मामले में अधिवक्ता के तौर शामिल हैं।
आपत्तिजनक पोस्ट पर कार्रवाई तय
पुलिस की एक टीम सोशल मीडिया के सभी प्लेटफार्म पर निगरानी कर रही है। भड़काऊ या विवादित पोस्ट करने पर पुलिस द्वारा कार्रवाई की जाएगी। एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि इस तरह की पोस्ट से अशांति फैल सकती है। इसलिए टीम को निगरानी पर लगाया हुआ है। एक मामला प्रकाश में आया था तो कार्रवाई की गई थी। इसी तरह लोगों को पाबंद भी करने की कार्रवाई जारी है।
जानकारी के अनुसार घोसी के बड़ागांव के राजभर बस्ती निवासी सूक्खू राजभर 22 और घोसी निवासी दानिश दोनो बाइक से निकल रहे थे। इसी बीच दोनों की बाइक मधुवन मोड पर एक दूसरे से टकरा गई। इसको लेकर दोनों में विवाद हो गया जिसमें बात बढ़ने पर दोनों ने एक दूसरे पर हमला कर दिया। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने दोनों को घोसी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाकर भर्ती कराया। इधर दोनों पक्षों के घायल होने की सूचना पर घायल सुक्खू राजभर की तरफ से बड़ी संख्या में लोग एकत्रित होकर दूसरे पक्ष पर कारवाई की मांग करने लगे। इस बीच उन लोगों ने अस्पताल पर पथराव कर दिया। अस्पताल में पथराव की सूचना मिलने पर बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ घोसी सीओ दिनेशदत्त मिश्र एवं प्रभारी निरीक्षक राजकुमार सिंह मौके पर पहुंचे तो पुलिस पर भी पत्थर फेंके गए। स्थिति अभी नियंत्रण में है।
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