आजमगढ़। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार के निर्देशानुसार हरिऔध कला केंद्र में प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी आजमगढ़ के सहयोग से राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत एक मेगा कैम्प आयोजित किया गया। इसमें टीबी के लक्षण वाले संभावित रोगियों को निःशुल्क परामर्श, जांच और दवा वितरण की सुविधा दी गई।
मेगा कैम्प का उद्घाटन जिलाधिकारी श्री रविन्द्र कुमार ने फीता काटकर किया। इसके साथ ही ऑडिटोरियम में जनपद स्तरीय अधिकारियों द्वारा 110 टीबी मरीजों को पोषण पोटली वितरित की गई। जिलाधिकारी ने अपने गोद लिए दो टीबी मरीजों को स्वयं पोषण पोटली प्रदान की।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने टीबी उन्मूलन के लक्ष्य हेतु चार प्रमुख बिंदुओं पर जोर दिया— उन्होंने कहा कि सभी संभावित रोगियों की निःशुल्क जांच प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र पर उपलब्ध होनी चाहिए। सभी डायग्नोज्ड टीबी मरीजों को पर्याप्त दवा और निःशुल्क उपचार मिले। इलाजरत मरीजों को निक्षय पोषण योजना के तहत ₹1000 प्रतिमाह की धनराशि डीबीटी से समय पर मिले। साथ ही समाज के गणमान्य लोग टीबी मरीजों को गोद लेकर प्रतिमाह पोषण पोटली दें, जिससे उनका पोषण स्तर बेहतर बना रहे और वे शीघ्र स्वस्थ हों।
जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद के 275 अधिकारियों द्वारा टीबी मरीजों को गोद लिया गया है। उन्होंने सभी मरीजों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।
कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) गंभीर सिंह, जिला विकास अधिकारी संजय सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन.आर. वर्मा, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. वाई. प्रसाद, एसीएमओ डॉ. उमा शरण पांडेय, डॉ. मो. अजीज व डॉ. बी.पी. सिंह ने भी अपने विचार रखे और मरीजों को पोषण पोटली वितरित की।
इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी के सभापति दिवाकर तिवारी, कोषाध्यक्ष सुरेन्द्र कुमार सिंह सहित अन्य सदस्यों रविन्द्र नाथ राय, श्री रिजवान अहमद, संजय सिंह व राहुल सिंह ने भी मरीजों को पोटलियाँ प्रदान कीं।
]]>
आजमगढ़। जिलाधिकारी के निर्देश पर जनपद में चलाए जा रहे क्षयरोग उन्मूलन महाभियान के तहत जनपदीय व ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों द्वारा कुल 264 टीबी मरीजों को गोद लिया गया है। इन मरीजों को नियमित रूप से पोषण पोटली और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे उनके स्वास्थ्य में सुधार हो सके।
वर्तमान में जनपद में 8,000 से अधिक क्षयरोगी उपचाराधीन हैं। शासन द्वारा प्रत्येक रोगी को प्रतिमाह ₹1000 की सहायता राशि प्रोटीनयुक्त आहार हेतु सीधे प्रदान की जाती है। इसके साथ ही सभी जांच, दवाएँ और उपचार पूर्णतः निःशुल्क उपलब्ध हैं।
जिला क्षय रोग अधिकारी ने बताया कि आगामी 5 अक्टूबर को हरिऔध कला केंद्र में वृहद क्षय रोगी शिविर आयोजित किया जाएगा। इस दौरान जिलाधिकारी स्वयं 140 क्षयरोगियों को पोषण पोटली वितरित करेंगे। इन पोटलियों में मूंगफली 1 किलो, भुना चना 1 किलो, गुड़ 1 किलो, सत्तू 1 किलो तथा तिल/गजक 1 किलो शामिल होंगे।
उन्होंने आगे बताया कि शिविर स्थल पर बलगम संग्रहण, परिक्षण और दवा वितरण की व्यवस्था पूरी तरह निःशुल्क की गई है। जिन लोगों को दो सप्ताह से अधिक समय से खाँसी-बुखार, लगातार वजन घटना, भूख न लगना या सीने में दर्द की शिकायत हो, वे शिविर में पहुँचकर विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श एवं जांच करवा सकते हैं।
जिला क्षय रोग अधिकारी ने कहा कि कई स्वैच्छिक संस्थाएँ भी “निःक्षय मित्र” के रूप में आगे आ रही हैं और रोगियों की सहायता कर रही हैं। यह समाजहित में सराहनीय पहल है, जिससे जिले को क्षयरोग मुक्त बनाने की दिशा में बड़ा योगदान मिलेगा।
]]>