प्रयागराज। जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जहां एक दूल्हे के सुहागरात में पर कुछ ऐसा हुआ कि वह जीवन भर नहीं भूल पाएगा। दरअसल सुहागरात के दिन दुल्हन ने चाकू लेकर पास में लेकर सोई। जब दूल्हा उसके पास गया तो दुल्हन ने चाकू निकाल ली और कहा कि अगर टच किया तो टुकड़े-टुकड़े कर दी। धमकी देने के बाद दुल्हन एक रात दीवार लांघकर अपने आशिक संग फरार हो गई।
ये मामला प्रयागराज के नैनी इलाके का है। जहां कप्तान नाम के एक युवक की शादी 29 अप्रैल को **** सितारा संग हुई थी। शादी तक सब कुछ ठीक रहा लेकिन सुहागरात के दिन जो हुआ उससे दूल्हे के पैरों तले जमीन खिसक गई। कप्तान का आरोप है कि सुहागरात के दिन उसकी नई नवेली दुल्हन ने चाकू दिखाते हुए उसे धमकी दी। कहा कि उसे छुआ तो अंजाम बुरा होगा, उसके 35 टुकड़े कर देगी, वह किसी और की अमानत है। इसके बाद दुल्हन बेड पर सो गई और दूल्हा डर के मारे सोफे पर सोया।
दूल्हे के मुताबिक पूछताछ के दौरान उसकी पत्नी ने बताया कि उसका प्रेम प्रसंग भटौती गांव के रहने वाले अमन नाम के लड़के के संग है और वह उसी के साथ रहना चाहती है। इसके बाद पत्नी मायके चली गई। दोनों परिवारों के बीच समझौता भी हुआ और सितारा को दोबारा ससुराल रहने भेजा गया। लेकिन एक दिन चुपचाप वह आशिक संग फरार हो गई।
वहीं, इस मामले में नैनी थाना प्रभारी बृजेश गौतम का कहना है कि शादी के बाद दुल्हन एक युवक के साथ फरार हो गई थी। वर्तमान में वह मायके में है। दोनों पक्ष में सामानों के वापसी का विवाद चल रहा है। दूल्हे की तरफ से दुल्हन पर धमकानेका आरोप लगाया गया है।
]]>हाईस्कूल में यश प्रताप सिंह टॉपर
रसकेंद्री देवी इंटर कॉलेज, उमरी (जालौन) के छात्र यश प्रताप सिंह ने हाईस्कूल में 97.83% अंक प्राप्त कर टॉप किया है। दूसरे स्थान पर अंशी और अभिषेक यादव (97.67%) रहे, जबकि तीसरे स्थान पर ऋतू गर्ग, अर्पित वर्मा और सिमरन गुप्ता (97.50%) रहे।
इंटरमीडिएट में महक जायसवाल ने मारी बाज़ी
बच्चा राम यादव इंटर कॉलेज, भुलाई की छात्रा महक जायसवाल ने 12वीं में 97.20% अंक प्राप्त कर टॉप किया। दूसरे स्थान पर साक्षी, आदर्श यादव, शिवानी सिंह और अनुष्का सिंह (96.8%) रहे, जबकि मोहिनी (96.4%) तीसरे स्थान पर रहीं।
परीक्षाएं 24 फरवरी से 12 मार्च तक 8,140 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई थीं। हाईस्कूल के 27.32 लाख और इंटर के 27.05 लाख छात्रों ने परीक्षा दी थी। उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन 2 अप्रैल तक पूरा कर लिया गया था।
टॉपर्स को मिलेगा पुरस्कार
बोर्ड ने घोषणा की है कि राज्य स्तरीय टॉपर्स को ₹1 लाख नकद और लैपटॉप दिया जाएगा। जिला स्तर के टॉपर्स को ₹21,000 का पुरस्कार मिलेगा। मेरिट लिस्ट रिजल्ट के साथ ही जारी की गई है।
कम से कम 33% अंक जरूरी
पास होने के लिए हर विषय में न्यूनतम 33% अंक लाना अनिवार्य है। एक या दो विषयों में असफल होने वाले छात्रों को कंपार्टमेंट परीक्षा में भाग लेने का अवसर दिया जाएगा।
इस वर्ष का रिजल्ट यूपी बोर्ड के छात्रों की मेहनत, लगन और आत्मविश्वास का प्रतीक है। यह सफलता न सिर्फ छात्रों के लिए, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय बन गई है।
कला विषय में ललित कला में स्नातक (बीएफए) के अभ्यर्थियों के लिए भी बीएड की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। इससे कंप्यूटर और कला विषय के अभ्यर्थियों को काफी राहत मिलेगी।
अभ्यर्थी काफी समय से इसकी मांग भी कर रहे थे। पहले कंप्यूटर विषय में सहायक अध्यापक भर्ती के लिए शिक्षा स्नातक (बीएड) या समकक्ष उपाधि की अनिवार्यता थी।
इसके साथ कंप्यूटर विज्ञान में बीटेक या बीई या कंप्यूटर विज्ञान में विज्ञान स्नातक या कंप्यूटर अप्लीकेशन में स्नातक या एआईईएलआईटी से ‘ए’ स्तरीय पाठ्यक्रम के साथ स्नातक की उपाधि होनी चाहिए थी।
नई व्यवस्था में कंप्यूटर विषय के लिए बीएड की अनिवार्यता को पूरी तरह खत्म
नई व्यवस्था में कंप्यूटर विषय के लिए बीएड की अनिवार्यता को पूरी तरह से समाप्त करते हुए इसे अधिमानी अर्हता के रूप में शामिल किया गया है।अभ्यर्थी के पास बीएड की डिग्री है तो अधिमानी अर्हता के रूप में उसे वेटेज दिया जाएगा। यदि बीएड की डिग्री नहीं है, तब भी वह सहायक अध्यापक कंप्यूटर भर्ती के लिए अर्ह माना जाएगा, लेकिन अलग से वेटेज नहीं मिलेगा।
वहीं, सहायक अध्यापक कला के लिए अभ्यर्थी ललित कला में स्नातक (बीएफए) है तो बीएड की उपाधि अधिमानी अर्हता होगी। यानी बीएफए की उपाधि वाले अभ्यर्थी को सहायक अध्यापक कला की भर्ती में बीएड की डिग्री होने पर वेटेज मिलेगा, लेकिन बीएड की डिग्री न होने पर भी अभ्यर्थी आवेदन के लिए पात्र होगा। अभ्यर्थी के पास एक विषय के रूप में कला के साथ स्नातक की उपाधि है तो उसके लिए एनसीटीई से मान्यता प्राप्त किसी कोर्स में बीएड की डिग्री अनिवार्य होगी।
पिछली भर्ती में कंप्यूटर विषय में 98 फीसदी पद रह गए थे खाली
एलटी ग्रेड शिक्षक की पिछली भर्ती का विज्ञापन मार्च 2018 में आया था, जिसमें सहायक अध्यापक कंप्यूटर के 1673 पदों में से 1637 पद खाली रह गए थे। कुल पदों में पुरुष वर्ग के 898 और महिला वर्ग के 775 पद शामिल थे। इनमें पुरुष वर्ग के 36 व महिला वर्ग के छह पदों पर अभ्यर्थियों का चयन हुआ था। नई नियमावली में कंप्यूटर व कला विषय में लागू की गई व्यवस्था से छात्रों को राहत मिलेगी और उनके लिए चयन के अवसर बढ़ेंगे।
प्रयागराज जिले में करछना क्षेत्र के एक युवक की शादी घूरपुर क्षेत्र की युवती से तय हुई थी। 20 फरवरी को कन्या पक्ष के लोग दूल्हे के यहां तिलक चढ़ाने आए। धूमधाम से कार्यक्रम संपन्न हुआ। 24 फरवरी को दूल्हा बरात लेकर पहुंच गया। विवाह संपन्न होने पर दूसरे दिन दुल्हन विदा होकर ससुराल आ गई।26 फरवरी की शाम दुल्हन के पेट में दर्द उठा। उसने पति को इस बारे में बताया। पति ने सोचा कि शादी में खानपान के कारण पेट में दर्द उठा होगा। उसने मेडिकल स्टोर से दवा लाकर पत्नी को दी। दवा खाने के कुछ देर वाद नवविवाहिता को असहनीय पीड़ा होने लगी।
ससुराल वाले उसको लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र करछना गए, वहां डॉक्टरों ने बताया कि दुल्हन तो गर्भवती है। उसे प्रसव पीड़ा हो रही है। उसने स्वास्थ्य केंद्र में बच्चे को जन्म दिया।
ससुराल वालों से खबर पाकर दुल्हन के मायके वाले भी पहुंच गए। उनके बीच कहासुनी होने लगी। दूसरे दिन दोनों पक्षों के बीच रिश्तेदारों की मौजूदगी में पंचायत बैठी। सहमति बनी कि धोखा देकर किया गया विवाह मान्य नहीं है। स्टांप पर लिखापढ़ी कर रिश्ता खत्म कर लिया गया।
]]>13 जनवरी, पौष पूर्णिमा से प्रारंभ महाकुम्भ-2025, प्रयागराज में आज 26 फरवरी, महाशिवरात्रि की तिथि तक कुल 45 दिवसों में 66 करोड़ 21 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने पावन त्रिवेणी में स्नान का पुण्य लाभ प्राप्त किया। विश्व इतिहास में यह अभूतपूर्व है-अविस्मरणीय है।
पूज्य अखाड़ों, साधु-संतों, महामंडलेश्वरों एवं धर्माचार्यों के पुण्य आशीर्वाद का ही प्रतिफल है कि समरसता का यह महासमागम दिव्य और भव्य बनकर सकल विश्व को एकता का संदेश दे रहा है।
इस सिद्धि के सूत्रधार सभी गणमान्य जनों, देश-विदेश से पधारे सभी श्रद्धालुओं तथा कल्पवासियों का हार्दिक अभिनंदन एवं आभार।
महाकुम्भ के सुव्यवस्थित आयोजन के कर्णधार रहे महाकुम्भ मेला प्रशासन, स्थानीय प्रशासन, पुलिस प्रशासन, स्वच्छताकर्मियों, गंगा दूतों, स्वयंसेवी संगठनों, धार्मिक संस्थाओं, नाविकों तथा महाकुम्भ से जुड़े केंद्र व प्रदेश सरकार के सभी विभागों सहित प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग देने वाले सभी महानुभावों व संस्थाओं को साधुवाद। विशेष रूप से प्रयागराज वासियों का धन्यवाद, जिनके धैर्य एवं आतिथ्य सत्कार ने सबको सम्मोहित किया। माँ गंगा, भगवान बेनी माधव आप सबका कल्याण करें।
महाकुंभ की सकुशल समाप्ति पर डीजीपी प्रशांत कुमार ने कहा कि यह बिना किसी बड़ी त्रासदी के संपन्न हुआ। महाकुंभ ने कई कीर्तिमान बनाए हैं, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेंगे। बता दें कि महाकुंभ की समाप्ति पर बृहस्पतिवार को सीएम योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में प्रयागराज में बड़ा खाना का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें मुख्य सचिव, डीजीपी समेत पुलिस के करीब 5 हजार से अधिक अधिकारी एवं कर्मचारी हिस्सा लेंगे।
डीजीपी ने अंतिम स्नान के सकुशल संपन्न होने पर जारी अपने बयान में कहा कि आज महाकुंभ का आखिरी दिन है। बीते 45 दिनों के महाकुंभ में 65 करोड़ से अधिक भक्तों ने प्रयागराज में पवित्र स्नान किया। सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर हमने भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा और तकनीकों का एक अभूतपूर्व मॉडल पेश किया है। हमने भीड़ प्रबंधन और निगरानी के लिए विश्व स्तरीय प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग किया। सभी एजेंसियों के सहयोग से हमें मदद मिली। अयोध्या, वाराणसी और विंध्यवासिनी देवी जैसे धार्मिक स्थानों पर पर्यटकों की भारी भीड़ देखी गई, जो प्रयागराज जाने के बाद वहां गए थे। हमने रेलवे के साथ मिलकर काम किया। यह हमारे लिए एक चुनौती नहीं ,बल्कि एक अवसर है। हमारे कर्मियों ने 45 दिनों तक जमीन पर काम किया और उससे पहले दो महीने तक प्रशिक्षण लिया। व्यक्तिगत रूप से यह गर्व की बात है और एक अविस्मरणीय अनुभव है।
महाकुंभ के अंतिम मुख्य स्नान पर्व पर जोनल स्कीम लागू रहेगी, जिसे मंगलवार शाम से प्रभावी कर दिया जाएगा। इसके साथ ही पूरे मेला क्षेत्र में नो व्हीकल जोन का कड़ाई से पालन किया जाएगा और पासशुदा वाहन भी निकटतम पार्किंग में खड़े होंगे।
सड़क मार्ग से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी राजमार्ग और प्रमुख मार्ग पर पुलिस की बाइक सचल दस्ते की 40 टीमों को तैनात किया गया है। वाहनों के तेजी से आगमन और निकासी पर भी जोर देते हुए सुगम व सुरक्षित यातायात की योजना बनाई गई है।
महाकुंभ के अंतिम मुख्य स्नान पर्व महाशिवरात्रि पर भी एक करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने का अनुमान लगाया गया है। इस आधार पर पुलिस अधिकारियों ने मेला क्षेत्र में, प्रयागराज जनपद में और दूसरे जिलों से आने वाले स्नानार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग स्कीम बनाई गई है।
मंगलवार शाम से जोनल स्कीम के प्रभावी होते ही जो श्रद्धालु जिस मार्ग से आएंगे, उसी के तरफ के घाट पर सुरक्षित ढंग से स्नान करेंगे। भीड़ के अनुसार पांटून पुलों को खोलने और बंद रखने का निर्णय लिया जाएगा, जिससे यातायात प्रभावित न हो और स्नानार्थियों को परेशानी भी न हो।संगम से लेकर दूसरे घाटों, मेले के प्रवेश मार्गों, एकल मार्गों पर भी सुरक्षाकर्मियों की ड्यूटी लगाई जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कहीं पर जाम न लगे और कोई असुविधा न हो। इसके दृष्टिगत महाकुंभ, कमिश्नरेट प्रयागराज, रेंज, जोन के साथ ही आसपास के जिलों से बेहतर समन्वय बनाकर योजना को धरातल पर उतारने की कवायद की जा रही है।
महाशिवरात्रि पर श्रद्धालुओं शिवालयों में जल चढ़ाने के लिए भी जाते हैं। सभी प्रमुख शिवालयों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जा रही है। शिवालयों के गर्भगृह को जल्दी-जल्दी खाली कराने पर भी जोर दिया गया है, ताकि भीड़ का प्रबंधन किया जा सके। माना गया गया है कि गर्भगृह में अधिक देर तक श्रद्धालुओं के रुकने पर भीड़ बढ़ती जाएगी, जिससे लोगों को असुविधा व कठिनाई का भी सामना करना पड़ सकता है।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रयागराज को जोड़ने वाले सात प्रमुख मार्गों पर एडीजी व आईजी स्तर के अधिकारियों की तैनाती की गई है। एडीजी सुजीत पांडेय को प्रयागराज-मीरजापुर राजमार्ग, आईजी चंद्रप्रकाश को प्रयागराज-वाराणसी मार्ग, प्रीतिंदर सिंह को प्रयागराज-रीवा मार्ग, मंजिल सैनी को लखनऊ व प्रतापगढ़-अयोध्या मार्ग, राजेश मोदक को शहर क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को संभालने की जिम्मेदारी दी गई है।
प्रयागराज जिले में पिछले दिनों जिन-जिन स्थानों पर यातायात का अत्यधिक दबाव था और जाम की स्थिति निर्मित हुई थी, उन्हें चिन्हित करते हुए नए आईपीएस अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। खासकर धूमनगंज, तेलियरगंज, बैरहना, नैनी, झूंसी, फाफामऊ, सहसों, अंदावा समेत कई अन्य स्थानों पर अधिकारियों को तैनात किया गया है। सभी अधिकारी महाशिवरात्रि पर यातायात व्यवस्था संभालेंगे।
]]>भूख लगी थी तो बहन ने रोटी बनाने के लिए बर्तन, सब्जी और आटा का प्रबंध कर दिया। शैला ने पहली रोटी बनाई तब तक दुकान के सामने दो लोग आ गए। खाना मांगा तो मना नहीं कर पाए। कुछ मिनटों में दुकान के बाहर एक-एक की भीड़ दर्जनों में बदल गई। तवा की रोटी ने हर भूखे को अपनी ओर खींच लिया।
दुकान पर इतनी भीड़ आई की रोटी, सब्जी सब खत्म हो गई। इससे पहले पति-पत्नी ने कभी कोई दुकान नहीं चलाई थी, लेकिन बहनोई ने सलाह दी कि यहीं रुक जाओ, बिजनेस कर लो।
बात सही लगी और अगले दिन ठेले का प्रबंध हुआ, दुकान चल पड़ी। अब एक दिन में 15-20 हजार रुपये से अधिक की बिक्री कर रहे हैं। एक महीने से अधिक का समय दुकान खोले बीत गया है।सूचना पर छोटा बेटा पंकज भी प्रयागराज आ गया है। शैला बताती हैं कि हम काम करते-करते थक जाते हैं तो दुकान बंद कर देते हैं। पर भीड़ नहीं खत्म होती। इतनी दुकान चलेगी यह तो कभी सोचा ही नहीं था।
प्रयागराज महाराज ने तो हमारी झोली भर दी
सतीश गुप्ता कहते हैं कि वह लोगों के घरों में विशेष आयोजनों पर खाना बनाने का काम करते हैं, इसलिए इस काम में उन्हें कोई परेशानी नहीं हुई। प्रयागराज महाराज ने तो हमारी झोली भर दी। शैला की उम्र 52 व सतीश 54 साल है और पांच बच्चे हैं। इनमें से दो बेटियों की शादी कर चुकी हैं, जिनसे दो नाती भी हैं। अब दोनों के जीवन का दृष्टिकोण बदल गया है। वह कहते हैं कि यहां जब आए थे तो कभी यह नहीं सोचा कि हम पैसे कमाएंगे या बिजनेस करना सीख जाएंगे। यहां बिजनेस के साथ हम पुण्य भी कमा रहे हैं। अगर कोई पैसे नहीं दे पाता, तब भी भोजन करा ही देते हैं।
रोजगार के मुद्दे को लेकर युवा चिंतित रहते हैं, लेकिन संगम तट से 52 वर्षीय शैला क्या खूब संदेश देती हैं। कहती हैं कि वह पूरी तरह से गृहिणी हैं। उनकी घर में रोटी और खाना बनाने की कला ही उनका स्टार्टअप बन जाएगी यह तो कभी सोचा नहीं था। रोजगार के लिए पैसों की जरूरत नहीं होती अगर इच्छा शक्ति है तो कहीं से भी शुरुआत हो सकती है। रोजगार के लिए बस सोच चाहिए। काम अगर छोटा बड़ा नहीं मानते तो महाकुंभ आपको परिपक्व बिजनेसमैन बना देगा। अब हम जब अपने गांव जाएंगे तो वहां भी इसे आगे बढ़ाने पर विचार करेंगे।
]]>दो दर्जन से अधिक ब्राजीली युवाओं का यह समूह विशेष रूप से महाशिवरात्रि स्नान के लिए यहां आया है। यह भक्त रियो डी जनेरियो और साओ पाउलो शहरों से जुड़े हैं, जहां भगवान शिव के कई मंदिर स्थित हैं।
सालों से शिवभक्ति में लीन हैं ब्राजील के ये युवा
ग्रुप के समन्वयक हेनरिक मोर ने बताया कि ये सभी युवा वर्षों से शिवभक्ति में लीन हैं और इस बार महाकुंभ में त्रिवेणी स्नान का संकल्प लेकर आए हैं। महाकुंभ की इस आध्यात्मिक यात्रा में विदेशी श्रद्धालुओं की सहभागिता भारतीय संस्कृति के वैश्विक प्रभाव को दर्शाती है, जिससे सनातन धर्म की व्यापकता और गहराई का पता चलता है।हाथों में ओम और रुद्राक्ष की माला धारण किए हैं शिव भक्त
ब्राजील के इन श्रद्धालुओं की भक्ति और समर्पण देखते ही बनती है। इनके शरीर पर भगवान शिव से जुड़े विभिन्न प्रतीकों के टैटू गुदे हुए हैं, जिनमें त्रिशूल, डमरू और महाकाल की आकृतियां प्रमुख हैं। पुरुषों के कानों में त्रिशूल के आकार की कुंडलियां और महिलाओं के हाथों में ओम व रुद्राक्ष की माला इनकी भक्ति को और विशेष बना रही हैं।
शरीर पर गुदवाया है धार्मिक टैटूग्रुप की सदस्य इसाबेला ने बताया कि ब्राजील में कयापो समुदाय के लोग शरीर पर धार्मिक प्रतीक का टैटू गुदवाने की परंपरा को मानते हैं, जिससे प्रेरित होकर उन्होंने शिवभक्ति का यह अनूठा स्वरूप अपनाया है। दल के सदस्य बताते हैं कि वह हर वर्ष महाशिवरात्रि के अवसर पर वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन और गंगा स्नान के लिए आते थे, लेकिन इस बार प्रयागराज में महाकुंभ के दिव्य आयोजन की ख्याति सुनकर यहां पहुंचे हैं।
जीवन में नई ऊर्जा का संचार
उनका कहना है कि इस अलौकिक अनुभव ने उनके जीवन में नई ऊर्जा का संचार किया है। हेनरिक मोर कहते हैं कि यह महाकुंभ न केवल एक धार्मिक आयोजन है, बल्कि जीवन को आध्यात्मिक रूप से समृद्ध करने का एक अनमोल अवसर भी है।
]]>हालांकि, इससे पहले भी शिक्षा सेवा चयन आयोग ने चार जनवरी 2025 को बेसिक, माध्यमिक व उच्च शिक्षा के अफसरों के साथ बैठक की थी। उस वक्त भी एक सप्ताह में अधियाचन मांगा था। लेकिन, विभागों ने कोई अधियाचन उपलब्ध नहीं कराया। ऐसे में आयोग को शिक्षा विभाग के अफसरों के साथ दोबारा बैठक करनी पड़ी।
अफसरों ने आयोग को बताया कि पदों का विवरण इकट्ठा किया जा रहा है। जल्द ऑनलाइन अधियाचन भेज दिया जाएगा। एडेड माध्यमिक विद्यालयों में टीजीटी-पीजीटी के तकरीबन 20 हजार पद खाली हैं। वहीं, एडेड महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के एक हजार से अधिक पद खाली हैं।
बेसिक शिक्षा में भी सहायक अध्यापक के 50 हजार से अधिक पद रिक्त पड़े हैं। वर्ष 2019 के बाद से कोई नई भर्ती नहीं आई है। इसके के लिए अभ्यर्थी शिक्षा सेवा चयन आयोग में कई बार धरना-प्रदर्शन भी कर चुके हैं। आयोग पर भी शिक्षक भर्ती जल्द शुरू करने का दबाव है।
बैठक में तय हुआ कि संबंधित विभाग एक सप्ताह के भीतर शासन के पोर्टल पर ऑनलाइन अधियाचन प्रेषित करेंगे। वहीं, शासन के माध्यम से अधियाचन शिक्षा सेवा चयन आयोग को मिलेगा, जिसके बाद विज्ञापन जारी किया जाएगा। अफसरों ने आयोग को अधियाचन प्रक्रिया से संबंधित कुछ सुझाव भी दिए। बैठक में आयोग के सचिव मनोज कुमार, उपसचिव शिवजी मालवीय, उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमित भारद्वाज रहे।
अटल आवासीय विद्यालयों के लिए तैयार हो रही सेवा नियमावली
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को अटल आवासीय विद्यालयों में भी शिक्षक भर्ती करनी है। बैठक में शामिल श्रम विभाग के प्रतिनिधियों ने बताया कि शिक्षकों की सेवा नियमावली तैयार की जा रही है। नियमावली तैयार होने के बाद रिक्त पदों का अधियाचन ऑनलाइन प्रेषित कर दिया जाएगा।
]]>आजमगढ़ । प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ तक न पहुंच पाने वाले बंदियों को जेल के अंदर ही गंगाजल से स्नान कराया गया। शुक्रवार को आज़मगढ़ मंडलीय कारागार के 1350 बंदियों ने महाकुंभ से आए जल में स्नान कर पुण्य हासिल किया। इसके लिए जेल प्रशासन की ओर से विशेष व्यवस्था की गई थी। स्नान के दौरान बंदी हर-हर गंगे का उद्घोष करते रहे।

देश दुनिया से लोग महाकुंभ में स्नान के लिए पहुंच रहे हैं। विभिन्न कारणों से जेल में निरुद्ध बंदियों के मन में 144 वर्षों बाद दुर्लभ संयोग में आयोजित हो रहे इस भव्य आयोजन में शामिल न हो पाने की कसक बनी हुई थी। इसके मद्देनजर शासन के निर्देश पर जेल प्रशासन ने अनूठी पहल करते हुए जेल के अंदर ही बंदियों को त्रिवेणी के जल से स्नान की व्यवस्था कराई। इसके लिए जेल में कलश स्थापित कर उसे प्रयागराज से लाए गए जल से भरा गया। इस अवसर पर पूरे उत्सव और श्रद्धा के साथ कैदियों ने गंगाजल से स्नान करने के साथ-साथ आचमन भी किया।
जेल के सुपरिंटेंडेंट आदित्य कुमार और जेलर आए एन गौतम ने जेल में निरूद्ध सभी बंदियों से अपील करते हुए कहा कि सभी बंदी महाकुंभ के इस जल से स्नान करें जिससे कोई भी कैदी इस पुण्य लाभ से अछूता न रह जाए। जेल अधीक्षक का कहना है कि 144 वर्ष बाद पड़े इस दिव्य महाकुंभ का लाभ जिससे कि हमारे कैदियों को भी मिल सके।
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