मिली जानकारी के अनुसार गुजरात, अहमदाबाद के थाना ईसापुर का रहने वाला उदय उर्फ़ गुजराती छह दिसंबर को पाइल्स के इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती था। उसकी सुरक्षा में बंदी रक्षक विनोद दूबे और गौसूल आज़म ख़ान तैनात थे।
शुक्रवार की भोर करीब साढ़े तीन बजे वह शौचालय जाने के बहाने उठा और पीछे के गेट से चकमा देकर फरार हो गया। देर तक बाहर न आने पर जब दोनों बंदी रक्षक अंदर पहुंचे, तब तक वह गायब हो चुका था।
तलाश में सफलता न मिलने पर बंदी रक्षकों ने जेल प्रशासन को सूचना दी। सूचना पर अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच कर वापस लौट गए।
विभागीय आदेश के तहत दोनों बंदी रक्षक तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए हैं। जेलर अनिल कुमार पांडेय की तहरीर पर दोनों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। इसी के साथ बंदी की गिरफ्तारी के लिए एसएसपी ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर टीमों को सक्रिय कर दिया है।
]]>आज़मगढ़। मंडलीय कारागार का एक बंदी इलाज के दौरान जिला अस्पताल से फरार हो गया। बंदी को 6 दिसंबर को तबीयत खराब होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। फरार बंदी की गिरफ्तारी के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है।
मिली जानकारी के अनुसार फरार बंदी की पहचान उदय उर्फ गुजराती के रूप में हुई है। वह गुजरात के अहमदाबाद थाना ईसानगर का निवासी है, जबकि उसका हाल पता गोरखपुर के शाहपुर थाना क्षेत्र का है। हत्या के मुकदमे में बंद उदय को 6 सितंबर 2021 को प्रशासनिक आधार पर गोरखपुर जेल से आज़मगढ़ जेल भेजा गया था। पिछले चार वर्षों से वह यहां बंद था।
बताया जा रहा है कि उदय की तबीयत लंबे समय से खराब रहती थी और उसे हर 15 दिन में अस्पताल लाना पड़ता था। पाइल्स और खून की कमी की समस्या के चलते उसे 6 दिसंबर को फिर से मंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
शुक्रवार को तड़के वह टॉयलेट के लिए उठा और मौके का फायदा उठाकर सुरक्षा में लगे जेलकर्मियों को चकमा देकर फरार हो गया। काफी देर तक न मिलने पर दोनों सुरक्षा कर्मी उसकी तलाश में जुटे, लेकिन कोई सुराग न मिलने पर मामले की सूचना जेल प्रशासन को दी गई।
काफी खोज के बाद भी जब बंदी का पता नहीं चला तो जेल प्रशासन ने शहर कोतवाली पुलिस को।सूचना दी। पुलिस भी उसकी तलाश में जुटी है।
वही एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि फरार बंदी उदय उर्फ ‘गुजराती’ के खिलाफ शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया है। उसके ऊपर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है।पुलिस की टीमें उसकी तलाश कर रही है।
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मिली जानकारी के अनुसार फरार बंदी की पहचान उदय उर्फ गुजराती के रूप में हुई है। वह मूल रूप से गुजरात के अहमदाबाद के थाना ईसानगर का रहने वाला है, लेकिन वह गोरखपुर के शाहपुर थाना क्षेत्र में रह रहा था । एक हत्या के मुकदमे में बंद उदय को प्रशासनिक आधार पर 6 सितंबर 2021 को गोरखपुर से आज़मगढ़ जेल ट्रांसफर किया गया था, जहां वह पिछले चार वर्षों से बंद था।
बताया जा रहा है कि उदय की तबीयत लंबे समय से खराब रहती थी और हर 15 दिन में उसे इलाज के लिए अस्पताल लाना पड़ता था। पाइल्स और खून की कमी की समस्या के कारण 6 दिसंबर को उसे मंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
शुक्रवार की तड़के करीब 4 बजे इलाज के दौरान उदय शौचालय जाने के बहाने उठा और मौके का फायदा उठाकर ड्यूटी पर तैनात जेलकर्मियों को चकमा देकर फरार हो गया। काफी देर तक वापस न आने पर सुरक्षा में लगे दोनों जेलकर्मी उसकी तलाश में जुटे, लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला तो उन्होंने मामले की सूचना जेल प्रशासन को दी।
सूचना मिलते ही जेल अधिकारी अस्पताल पहुंचे और परिसर व आसपास के इलाकों में खोजबीन कराई, लेकिन बंदी का कहीं पता नहीं चला। उसकी तलाश में पुलिस टीमें जुटी है।
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