लड़की की मां की तहरीर पर पुलिस ने 29 दिसंबर को एफआइआर दर्ज कर ली। इसके कुछ ही दिनों बाद 13 जनवरी, 2025 को 16 साल की दसवीं की एक छात्रा स्कूल जाने के लिए निकली लेकिन इसके बाद उसका कोई पता नहीं चला। पुलिस ने जांच शुरू की और सुराग के आधार पर कई जगहों पर छापेमारी की कार्रवाई भी की।
इसके बाद पुलिस ने राजस्थान के पाली जिले के अशोक कुमार कुमावत, किशन भाटी के साथ मनियर के गौरा बगही (गंगापुर) के मोहन यादव और 17 साल के एक आरोपित को गिरफ्तार किया। दोनों लड़कियों को आरोपितों के चंगुल से मुक्त करा लिया गया है।
पूछताछ में आरोपितों ने कई राज्यों में फैले अपने गिरोह के बारे में जानकारी दी। आरोपित ऐसी लड़कियों को अपने जाल में फंसाते थे जो किसी बात को लेकर अपने घरवालों से नाराज होती थीं। इसके बाद उन्हें दूसरे राज्यों में शादी या घरेलू कार्यों के लिए बेच देते थे। पुलिस ने आरोपितों के पास से 35,000 रुपये भी बरामद किए हैं। एसपी ने बताया कि गिरोह के अन्य बदमाशों की तलाश के लिए जांच जारी है।
]]>तस्करों के फोन बंद, सर्विलांस का सहारा
तस्करी में गोंडा के गौरपुरवा कर्नलगंज निवासी विनोद सिंह, आरजू नगर मड़ियांव निवासी डॉ. अल्ताफ, सीतापुर के शीतलपुरवा हरगांव निवासी नीरज कुमार गौतम, न्यू आनंद नगर विकासनगर निवासी कुसुम देवी, सीतापुर के गलैहरा छावनी के पास अटरिया निवासी संतोष कुमारी और सरावा महिगवां निवासी शर्मा देवी को गिरफ्तार किया था। पकड़े जाने के बाद से गिरोह में शामिल तस्कर भूमिगत हो गए हैं। पुलिस ने कुछ संदिग्धों से संपर्क का प्रयास किया, लेकिन फोन बंद मिले। सर्विलांस की मदद से आरोपियों का पता लगाया जा रहा है।
यह है मामला
तस्करी करने वाले गिरोह का मड़ियांव पुलिस ने राजफाश किया था। गिरोह में शामिल तीन महिलाओं समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया गया था। आरोपियों के पास से एक नवजात बच्ची भी बरामद हुई थी। गिरोह पांच लाख में बेटा और तीन लाख में बेटी बेचते थे। आरोपियों ने विकासनगर निवासी एक दंपती को दो लाख में एक बच्ची बेच दी थी। इस मामले में मड़ियांव थाने के दरोगा भूपेंद्र सिंह ने संतोष कुमारी और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।