अभियान के दौरान प्र0नि0 अभयराज मिश्र, उ0नि0 प्रदीप कुमार, श्रम प्रवर्तन अधिकारी विशाल श्रीवास्तव, रोहित प्रताप सिंह, नजरे आलम, हे0का0 रामजनम यादव और म0का0 मन्दाकिनी यादव की टीम ने कुल 03 बाल श्रमिक कार्य करते हुए पाए गए। उनके परिजनों को मौके पर बुलाकर सेवायोजकों और परिजनों को कड़ी चेतावनी दी गई तथा भविष्य में बच्चों से बालश्रम न कराने की सख्त हिदायत दी गई। संबंधित प्रतिष्ठानों के सेवायोजकों के विरुद्ध श्रम विभाग द्वारा बालश्रम अधिनियम के उल्लंघन के संबंध में नोटिस जारी किया गया।
संयुक्त टीम ने दुकानदारों और आमजन को बालश्रम न कराने के प्रति जागरूक किया। मिठाई की दुकानों, रेस्टोरेंट/ढाबों, बेकरी, ऑटोमोबाइल दुकानों और गैराज आदि सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता पोस्टर चस्पा किए गए। साथ ही शासन-प्रशासन द्वारा जारी टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 108, 112, 1090, 1930, 1098, 1076, 181 की जानकारी दी गई।
बीएसए राजीव कुमार पाठक का कहना है कि शासन द्वारा आवारा कुत्तों की पहचान और नियंत्रण के लिए सभी विभागों को निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में परिषदीय विद्यालयों सहित शहरी क्षेत्रों के शैक्षणिक संस्थानों में आवारा कुत्तों से प्रभावित स्थलों का चिह्नित कराया जा रहा है। नगर निकाय से समन्वय स्थापित कर सूची तैयार कर शासन को भेजी जाएगी, ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।