नगर में आदर्श रामलीला कमेटी की ओर से रामनवमी शोभायात्रा निकाली जाती है। सोमवार को भाजपा जिलाध्यक्ष आदेश प्रताप सिंह ने सीएस इंटर कॉलेज ग्राउंड से शोभायात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। शोभायात्रा में कुछ लोग बुलडोजर पर सवार होकर निकले। यह देख पुलिस ने नई परंपरा बताकर उसे रोक दिया। इससे गुस्साए लोग स्टेशन रोड पर बैठ गए। बुलडोजर निकालने पर अड़ गए। सड़क पर झाकियां खड़ी कर दीं।
सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंच गया। भाजपा जिलाध्यक्ष आंवला आदेश प्रताप सिंह व कमेटी के लोगों की अफसरों से जमकर नोकझोंक हुई। भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि वह खुद बुलडोजर पर सवार होकर शोभायात्रा के आगे चलेंगे। कोई विवाद नहीं होने देंगे। डेढ़ घंटे तक हंगामा होता रहा। बाद में बुलडोजर निकालने की सहमति पर मामला शांत हुआ। इसके बाद शोभायात्रा आगे बढ़ी। इस दौरान भारी फोर्स तैनात रहा।
]]>किसान ने अपने घर से किसी तरह से दो लाख रुपये मंगाकर दिए तो उसे जाने दिया। मामले की शिकायत एसएसपी को मिलने पर उन्होंने तत्काल जांच कराई। जांच में सत्यता मिलने पर चौकी इंचार्ज व दो सिपाहियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए तीनों के विरुद्ध प्राथमिकी पंजीकृत कराई है।
फतेहगंज पश्चिमी कस्बा के भिटौरा मुहल्ला निवासी बलवीर ने अधिकारियों को बताया कि तीन मार्च की दोपहर करीब एक बजे कस्बा चौकी प्रभारी बलवीर सिंह अपने दो सिपाहियों हिमांशु तोमर व मोहित कुमार के साथ उनके घर के अंदर घुस आए।
आरोप है कि आरोपितों ने उनकी खोपड़ी पर तमंचा तानकर उनका और उनके बेटे का फोटो खींच लिया। आरोप है कि पूछने पर उन्होंने अभद्रता की और गाली-गलौच करते हुए बलवीर सिंह को जबरन बाइक पर बैठाकर थाने के बराबर में बने क्वार्टर में ले गए। वहां ले जाकर पीड़ित बलवीर को बंधक बना लिया।करीब पांच घंटे तक तीनों ने टार्चर किया। कहा कि उन्हें तीन लाख रुपये चाहिए। यदि नहीं दिए तो किसी ने किसी मामले में वांछित कर जेल भेज दिया जाएगा। यदि यह भी नहीं हुआ तो स्मैक उसके पास से बरामद दिखाकर जेल भेज दिया जाएगा। यदि जेल जाने से बचना हैं तो तीन लाख रुपये देने होंगे।
किसान बलवीर ने अपने बेटे और पत्नी से संपर्क करके दो लाख रुपये की व्यवस्था कराई। कहा कि शुरूआत में चौकी प्रभारी ने दो लाख रुपये लेने से इन्कार किया कहा कि पूरी तीन लाख रुपये चाहिए। मगर बाद में उसने दो लाख लाख रुपये लेकर किसान बलवीर को छोड़ दिया।इसी बीच किसी ने एसएसपी अनुराग आर्य से मामले की शिकायत की तो एसएसपी ने तत्काल प्रभाव से सीओ हाईवे नीलेश मिश्र को जांच के लिए भेजा। उन्होंने पीड़ित पक्ष के बयान दर्ज किए और घटना की पुष्टि की। सीओ हाईवे ने अपनी रिपोर्ट एसएसपी को सौंपी जिसमें आरोपों की पुष्टि हो गई।
इसके बाद एसएसपी ने तत्काल प्रभाव से कस्बा चौकी इंचार्ज बलवीर सिंह, और दो सिपाही हिमांशु तोमर व मोहित कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया और तीनों के विरुद्ध पीड़ित किसान के शिकायती पत्र पर प्राथमिकी भी लिखाई है। साथ ही तीनों पुलिसकर्मियों के विरुद्ध विभागीय जांच भी बैठाई है। जांच के बाद विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।
सूचना मिली थी कि फतेहगंज पश्चिमी चौकी इंचार्ज बलवीर सिंह ने दो साथियों संग मिलकर एक व्यक्ति को बंधक बनाकर उनसे दो लाख रुपये वसूले हैं। शिकायत की सत्यता के लिए जांच सीओ हाईवे को सौंपी गई। उनकी जांच रिपोर्ट में पीड़ित की तरफ से लगाए गए सभी आरोप सत्य पाए गए। इसके बाद आरोपित चौकी इंचार्ज समेत तीन लोगों को निलंबित कर दिया गया है। तीनों के विरुद्ध प्राथमिकी भी पंजीकृत कराई गई है। तीनों के विरुद्ध विभागीय जांच भी बैठाई है।
-अनुराग आर्य, एसएसपी।
]]>बरेली । जिले के सिरौली क्षेत्र में एक युवक ने बुधवार को गांव में जमकर हाईवोल्टेज ड्रामा किया। वह हाथ में तमंचा लेकर छत पर चढ़ गया और आत्महत्या करने की धमकी देने लगा। युवक पुलिस से बोला, साहब प्रेमिका ने मेरा जीवन बर्बाद कर दिया। मैं अब जीना नहीं चाहता हूं। पुलिस ने तीन घंटे की मशक्कत एवं ग्रामीणों के सहयोग से युवक को पकड़ लिया। तमंचा रखने के अपराध में उसे गिरफ्तार कर लिया।
सिरौली थाना क्षेत्र की नबाबपुरा पुलिस चौकी के एक गांव निवासी संदीप सागर का एक किशोरी से प्रेम प्रसंग चल रहा था। वह किशोरी को फुसलाकर अपने साथ ले गया। किशोरी के पिता ने रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस ने प्रेमी युगल को पकड़ लिया और युवक को जेल भेज दिया। जमानत पर छूटकर युवक गांव आया। वह मुकदमे से परेशान हो गया। घरवालों ने भी उसका साथ छोड़ दिया।
बुधवार को युवक हाथ में तमंचा लेकर आत्महत्या करने के इरादे से छत पर चढ़ गया। सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस ने युवक को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह कनपटी पर तमंचा रखकर पुलिस को अपनी प्रेम कहानी बताता रहा। इस दौरान वह फफक कर रो भी पड़ा। बोला, साहब… प्रेमिका ने मेरा जीवन बर्बाद कर दिया। अब मैं जीना नहीं चाहता।
लड़की के भाई ने लगाया धमकाने का आरोप
पुलिस ने तीन घंटे युवक को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माना। इसी बीच एक ग्रामीण उसे समझाते हुए उसके पास गया और उसे दबोच लिया। इसके बाद पुलिस की सांस में सांस आई। पुलिस युवक को थाने में ले आई। उधर, लड़की के भाई ने शिकायत कर पुलिस को बताया कि वह गोबर डालने जा रहे थे। तभी संदीप तमंचा लेकर उन्हें जान से मारने को धमका रहा था। आरोप है कि उसने तमंचा लेकर दौड़ाया भी था।
सिरौली थाने के इंस्पेक्टर रामरतन सिंह ने बताया कि युवक अपने परिजनों से परेशान होकर आत्महत्या करने की धमकी दे रहा था। उसे तमंचा रखने के जुर्म में गिरफ्तार किया गया। अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।
]]>थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी हाईस्कूल की छात्रा का उसके रिश्तेदार से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। उसका प्रेमी बरेली के बिशारतगंज थाना क्षेत्र का रहने वाला है। वह लगातार उससे फोन पर बात करती थी। छात्रा के मां-बाप पंजाब में मजदूरी करते हैं। छात्रा अपने भाई बहनों के साथ गांव में घर पर रहती थी। उसका एक दिन पहले ही हाई स्कूल का अंतिम पेपर समाप्त हुआ था।
बुधवार को वह अपने प्रेमी से बात कर रही थी। तभी उसके भाई ने उसे देख लिया। भाई ने उसे डांट दिया, जिससे वह नाराज हो गई। डांट से नाराज छात्रा घर के कमरे में फंदा लगाकर जान दे दी। फरीदपुर इंस्पेक्टर हरेंद्र सिंह ने बताया कि छात्रा ने फंदे पर लटक कर आत्महत्या की है। परिजनों के अनुसार वह रिश्तेदार से बात करती थी। भाई के डांटने पर उसने आत्महत्या की है।
छात्रा से संबंध बनाने का आरोपी डाल रहा था दबाव
छात्रा के भाई ने बताया कि आरोपी युवक बहन के साथ संबंध बनाने का दबाव बना रहा था। बात न मानने पर उसका अश्लील फोटो वायरल करने की धमकी दे रहा था। इससे तंग आकर उसकी बहन ने जान दे दी। पुलिस ने भमोरा थाना क्षेत्र के गांव सहासा के मोहित के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
बरेली। जिले में एक महिला ने अपने पति, देवरों और ससुराल वालों पर सनसनीखेज आरोप लगाकर सबको चौंका दिया है। महिला का कहना है कि उसका पति उस पर अपने ठेकेदार को खुश करने का दबाव बनता है। उसके देवर उससे रेप की कोशिश करते हैं। इन सब अत्याचारों का विरोध करने पर उसे प्रताड़ित किया जाता है। अंततः नाराज होकर पति ने उसे तीन तलाक तक दे दिया है। इस मामले में महिला ने इज्जतनगर थाने में पति समेत 12 पर रिपोर्ट दर्ज कराई है।
बरेली के शेरगढ़ क्षेत्र की रहने वाली इस महिला का कहना है कि उसकी शादी छह साल पहले इज्जतनगर के गांव शिकारपुर चौधरी में हुई थी। शादी के बाद ही ससुराल वाले बुलेट बाइक और दो लाख के लिए प्रताड़ित करने लगे। बेटे के जन्म के बाद भी ससुराल वालों का व्यवहार नहीं बदला। पति ने उस पर अपने ठेकेदार को खुश करने का दबाव बनाया और विरोध करने पर पति काम करने कर्नाटक चला गया। पति की गैरमौजूदगी में दो देवरों ने चाकू के बल पर रेप करने की कोशिश की।
शिकायत करने पर ससुराल वालों ने उनसे मारपीट की और फिर तीन तलाक देकर घर से निकाल दिया। दुपट्टे से गला कसकर उनकी हत्या करने की कोशिश भी की गई, लेकिन मायके वालों के पहुंचने पर वह बच गईं। इस मामले में उन्होंने थाना इज्जतनगर में पति समेत ससुराल पक्ष के 12 लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कराई है।
]]>बिथरी चैनपुर क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक शेर सिंह ने पुलिस को बताया कि उनके भाई राजेंद्र पाल (35) की शादी करीब 12 साल पहले हुई थी। भाई बैंक में नौकरी करता था। भाई के चार बच्चे हैं।
पिंटू से हैं अवैध संबंध
आरोप है कि उनकी भाभी के गांव निवासी भानु प्रताप उर्फ पिंटू से अवैध संबंध हैं। राजेंद्र ने दोनों को कई बार फोन पर बात करते देख लिया था। इसकी वजह से वह परेशान रहता था। आरोप है रविवार को भानु प्रताप ने उनके भाई राजेंद्र को अपने घर बुलाया।
आरोपी ने दी थी धमकी
आरोपी ने कहा कि तेरी पत्नी तुझे पसंद नहीं करती है। तू उसे छोड़ दे वर्ना ठीक नहीं होगा। इससे राजेंद्र परेशान हो गया। सुबह राजेंद्र ने अपने भाई शेर सिंह से बताया कि भानु प्रताप ने उसकी पत्नी को प्रेमजाल में फंसा रखा है और दोनों उसको धमकी दे रहे हैं कि उनके बीच से हट जाए।
जहरीला पदार्थ खाकर दी जान
शेर सिंह के मुताबिक रविवार आधी रात में भाभी के बुलाने पर वह लोग राजेंद्र के घर गए। वहां देखा कि राजेंद्र ने जहरीला पदार्थ खा लिया है। इलाज के लिए उसे निजी अस्पताल में ले गए, जहां राजेंद्र की मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इंस्पेक्टर अभिषेक कुमार ने बताया रिपोर्ट दर्ज कर ली है, आरोपों की जांच की जा रही है।
दिल्ली की एक कंपनी में साथ काम कर रहे दोस्त सुमित के साथ शादी हुई है। गुलबसा उर्फ पूजा और सुमित ने सात फेरे लेने के बाद संतों से आशीर्वाद भी लिया।
लखीमपुर खीरी निवासी गुलबसा और बीसलपुर निवासी सुमित कुमार की मुलाकात इंस्टाग्राम के जरिए हुए। सुमित कुमार दिल्ली की एक कंपनी में काम करते हैं। घर पर उन्हें प्रताड़ित किया जाता था। इस पर वह 25 फरवरी को घर छोड़कर सुमित के पास पहुंच गईं। दोनों ने एक-दूसरे के साथ जीवन का सफर तय करने का निर्णय लिया। रविवार को दोनों ने बरेली के एक शिव मंदिर में सात फेरे लेकर एक-दूसरे को हमसफर चुना।
गुलबसा के घर वापसी के बाद सुमित के स्वजनों में हर्ष है। विवाह के बाद स्वजनों ने मिठाई बांट खुशियां साझा की। दोनों की शादी की चर्चा हर ओर होती रही। साथ ही मंदिर में सात फेरे लेने और पूजन करने की तस्वीरें सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर भी प्रसारित होती रही।
मांग में सिंदूर, गले में मंगलसूत्र डाले पूजा बोलीं कि अब तीन तलाक और हलाला का डर नहीं रहा। बुर्का जैसी कई पाबंदियों से मुक्ति पाकर घर वापसी कर ली है। सनातन धर्म में महिलाओं को देवी माना जाता है। यहां विवाह सात जन्मों का बंधन है। यही सब बातें मुझे प्रभावित करती रहीं। अब मैं सुरक्षित हूं।लखीमपुर खीरी की पूजा (गुलबसा) ने बताया कि सौतेली मां प्रताड़ित करती थी। 12वीं के बाद मैंने पढ़ना चाहा, लेकिन उसने कॉलेज नहीं जाना दिया। कुछ समय से पूरा परिवार नोएडा में रहने लगा था। एक वर्ष पहले इंस्टाग्राम के माध्यम से पीलीभीत के सुमित कुमार से परिचय हुआ। वह दिल्ली की एक कंपनी में नौकरी करते हैं। उनसे बातचीत बढ़ी तो बताया कि भगवान शिव के बारे में काफी पढ़ा-सुना है, उनकी भक्त हैं, मगर पूजा-पाठ में धर्म आड़े आता था।
पूजा ने अपनी आर्थिक कमजोरी के बारे में सुमित को बताया तो उन्होंने दिल्ली में फैक्ट्री में पूजा की नौकरी भी लगवा दी। बोलीं कि प्रेम संबंध होने पर शादी का प्रस्ताव रखा, जिसे सुमित ने स्वीकार लिया। इसकी जानकारी होने पर 20 दिन पहले सौतेली मां ने 30 साल बड़े व्यक्ति का फोटो दिखाकर कहा कि इससे निकाह करना होगा।
दरअसल, निकाह के बहाने वह मुझे बेचना चाहती थी। यह बात सुमित को बताई, जिसके बाद दोनों ने तय कर लिया कि अब घर छोड़कर शादी कर लेंगे। सुमित ने बताया कि 25 फरवरी को पूजा घर छोड़कर आई थी। इस बीच कुछ परिचितों से जानकारी के आधार पर शनिवार को शिव मंदिर पहुंचे।
वहां महंत ने शादी की रस्में पूरी कराईं। सुमित के स्वजन इस रिश्ते से संतुष्ट हैं। पूजा का कहना है कि सौतेली मां से जान का खतरा है, इसलिए कुछ समय तक किसी दूर शहर में रहेंगे।
]]>रहीमा ने बताया कि वह दिल्ली के सीलमपुर क्षेत्र की रहने वाली हैं, जबकि दीपक बरेली जिले के बहेड़ी थाना क्षेत्र के गांव चुरेली के निवासी हैं। दोनों दो साल पहले एक-दूसरे के संपर्क में आए थे। दीपक दिल्ली में रहकर सिलाई फैक्टरी में नौकरी करते हैं, वहीं रहीमा भी काम करती हैं। दो साल पहले दोनों की मुलाकात हुई और बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ। दीपक ने प्यार का इजहार किया। इस पर रहीमा ने हामी भर दी। इसके बाद दोनों ने शादी करने का निर्णय लिया, लेकिन दोनों का धर्म अलग होने के कारण शादी में अड़चन आ रही थी। रहीमा के मुताबिक उनके घरवाले दीपक से रिश्ते के खिलाफ थे। उन्होंने पाबंदी लगानी शुरू कर दी। धमकियां देते थे।
दीपक के घरवाले भी दोनों के रिश्ते से खुश नहीं थे। हालांकि बाद में वह शादी के लिए राजी हो गए। इसके बाद रहीमा ने अपना घर छोड़ने का फैसला कर लिया और दीपक के साथ बरेली चली आई। दीपक और रहीमा शहर स्थित एक मंदिर में पहुंचे, जहां रहीमा ने धर्म परिवर्तन कर अपना नाम रिद्धि कर लिया। मंदिर के महंत ने दोनों की शादी करा दी। रिद्धि बनी रहीमा ने दीपक के साथ सात फेरे लिए। दीपक ने रिद्धि की मांग में सिन्दूर भरा और मंगलसूत्र पहनाया। रहीमा ने अपने पैरों में बिछिया पहने। उन्होंने कहा कि दीपक से शादी करके वह खुश है। दीपक ने भी जिंदगी भर रहीमा का साथ देने का वादा किया।
]]>जिससे पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। साथ ही एसएसपी ने वर्क लोड के दौरान सही काम करने वाले चार उपनिरीक्षकों को पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित भी किया है।
दरअसल, एसएसपी ने 1 जनवरी से 31 जनवरी तक जिले के सभी थानों में न्यायालयों से प्राप्त गिरफ्तारी और वसूली वारंट की समीक्षा की। समीक्षा के बाद जिन्होंने अच्छे परिणाम आए हैं उन्हें पुरस्कृत किया गया । इस दौरान दरोगा सनी कुमार चौकी प्रभारी बहेड़ी, दरोगा विजय तेवतिया थाना देवरनियां, दरोगा मोहम्मद सरताज थाना प्रेमनगर और दरोगा रविराज थाना किला को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया है अच्छे काम करने वाले अधिकारियों को सम्मानित किया गया।
वहीं लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई। एसएसपी ने गिरफ्तारियों और वसूली वारंट को लेकर लापरवाही बरतने वाले 57 उपनिरीक्षकों की प्रारंभिक जांच के आदेश दिए। इसके साथ ही 187
उपनिरीक्षकों को चेतावनी दी गई है. वसूली वारंट की तामीला में लापरवाही के कारण 12 उपनिरीक्षकों की प्रारंभिक जांच शुरू की गई है और 78 उपनिरीक्षकों को सचेत करते हुए उन्हें चेतावनी दी गई है।
SSP के एक्शन से मचा हड़कंप
एसएसपी के इस एक्शन से पुलिस विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। जिन 57 दरोगाओं के खिलाफ जांच शुरू की गई है। उनमें बरेली के विभिन्न थानों से जुड़े दरोगा शामिल हैं। इनमें दरोगा कमलवीर, बृजेश सिंह, देव दत्त गौड़, और कई अन्य नाम शामिल हैं जो गिरफ्तारी वारंट की तामीला में लापरवाही के कारण जांच के दायरे में आए हैं। वहीं, वसूली वारंट में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों में प्रमोद कुमार, संजय सिंह, विपिन तोमर जैसे दरोगा शामिल हैं।
‘लापरवाही बर्दाश्त नहीं’
एसएसपी अनुराग आर्य का यह कदम पुलिस महकमे में अनुशासन बनाए रखने और कानून के प्रति जिम्मेदारी सुनिश्चित करने के लिए अहम है। उनके इस फैसले ने सभी दरोगाओं को अपनी कार्यशैली पर पुनरविचार करने के लिए प्रेरित किया है। एसएसपी की पहल ने यह स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुलिसकर्मियों को अपने कर्तव्यों का निर्वाह पूरी ईमानदारी से करना होगा।
]]>वीडियो वायरल होते ही हिंदूवादी संगठनों ने इस पर नाराजगी जताई। मंडप पहुंचकर उन्होंने जोरदार हंगामा किया और आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की।
मौके पर पहुंची ब्रह्मपुरी थाना पुलिस ने हिंदूवादी संगठनों का समझाकर शांत किया। आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर गिरफ्तारी का आश्वासन दिया। आरोपी की तलाश में कई स्थानों पर दबिश दी गई लेकिन वह हाथ नहीं आया है।
ब्रह्मपुरी निवासी एक हिंदू युवती की 21 फरवरी को प्रेम ग्रीन मंडप में शादी थी। इसमें ब्रह्मपुरी के ही हलवाई अरूण कुमार को खाना बनाने की जिम्मेदारी दी थी। उसने तंदूर पर रोटी बनाने को कारीगर इरशाद निवासी मऊखास को ठेका दिया था। शादी समारोह शांति से निपट गया।सोमवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुई। इसके साथ मैसेज पोस्ट किया गया। कहा गया कि 21 फरवरी को ब्रह्मपुरी की हिंदू युवती की शादी थी। यहां तंदूर कारीगर ने रोटी पर थूका और उसे लोगों को खिलाकर धर्म भ्रष्ट कर दिया।
वीडियो वायरल होते ही लोगों में आक्रोश व्याप्त हो गया। ब्रह्मपुरी निवासी युवती के स्वजन ने हलवाई अरूण से नाराजगी जतायी। इसी बीच हिंदूवादी नेता सचिन सिरोही प्रेम ग्रीन मंडप पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने आरोपी तंदूर कारीगर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की।
इंस्पेक्टर ब्रह्मपुरी रमाकांश पचौरी ने उन्हें समझाकर शांत किया। पुलिस ने मंडप मालिक दिनेश सैनी व हलवाई अरूण कुमार को थाने बुलाकर पूछताछ की। दिनेश सैनी ने बताया कि हलवाई की व्यवस्था लड़की पक्ष ने की थी। उन्होंने केवल मंडप प्रयोग करने को दिया था। तंदूर कारीगर से उनका कोई संंबंध व जानकारी नहीं है।
हलवाई अरूण कुमार ने बताया कि उसने रोटी बनाने का ठेका तंदूर कारीगर इरशाद निवासी मऊखास को दिया था। वह ही वीडियो में नजर आ रहे तंदूर कारीगर को लेकर आया था। देर शाम तक पुलिस मामले की जांच कर इरशाद व वीडियो में नजर आ रहे कारीगर की तलाश कर रही है। कई स्थान पर दबिश के बाद भी वह हाथ नहीं आए है। इंस्पेक्टर रमाकांत पचौरी ने बताया कि आरोपियों की तलाश की जा रही है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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