उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को कहा कि भारत की विरासत पर हमला करने वाले और यहां के लोगों का अपमान करने वाले आक्रमणकारियों का महिमामंडन करना देशद्रोह के बराबर है, जिसे ‘नया भारत’ कभी स्वीकार नहीं करेगा।
बहराइच में एक जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा, “आक्रमणकारियों का महिमामंडन करने का मतलब है देशद्रोह की जड़ों को मजबूत करना। नया भारत उन लोगों को कभी स्वीकार नहीं करेगा जो हमारे महान पूर्वजों का अपमान करते हैं और उन लोगों की प्रशंसा करते हैं जिन्होंने हमारी सभ्यता पर हमला किया, हमारी महिलाओं का अपमान किया और हमारी आस्था पर प्रहार किया।”
उन्होंने कहा, “जब पूरा विश्व भारत की समृद्ध विरासत को स्वीकार कर रहा है, तो प्रत्येक नागरिक का यह कर्तव्य है कि वह हमारे महान नेताओं के प्रति सम्मान बनाए रखे, न कि उन लोगों की प्रशंसा करे जिन्होंने हमारी पहचान मिटाने की कोशिश की।”
सीएम योगी का यह बयान प्रयागराज में हाल ही में संपन्न महाकुंभ पर बोलते हुए आया, जिसे उन्होंने “अब तक का सबसे बड़ा मानव समागम” कहा। उन्होंने संसद में हाल ही में दिए गए पीएम नरेंद्र मोदी के भाषण का भी जिक्र किया, जिसमें प्रधानमंत्री ने इस आयोजन के लिए उत्तर प्रदेश की प्रशंसा की थी, जिसके लिए “66 करोड़ से अधिक श्रद्धालु” गंगा, यमुना और रहस्यमयी सरस्वती के संगम पर जमा हुए थे।
योगी ने कहा, “दुनिया में कहीं भी इतना बड़ा आयोजन नहीं हुआ है और कोई भी देश इस पैमाने पर आयोजन नहीं कर सकता। महाकुंभ भारत की सनातन संस्कृति का प्रमाण है, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगा।”
]]>मामला मोतीपुर थाना क्षेत्र का है। यहां के निवासी पंकज कुमार ने बताया कि साल 2018 में उनका विवाह थाना क्षेत्र की ही निवासी एक युवती के साथ हुआ था। विवाह के बाद उनकी पत्नी ने पढ़ाई करने की इच्छा जताई। पंकज ने बताया कि वह किसान हैं, बावजूद इसके उन्होंने पत्नी के पढ़ने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
बताया कि वर्ष 2019 में जीएनएम कोर्स के लिए पत्नी का दाखिला लखनऊ के डॉ. भीमराव आंबेडकर नर्सिंग फार्मेसी कॉलेज में करवा दिया। इस दौरान साल 2021 में दोनों से एक बेटी भी हुई। लेकिन, पत्नी ने उसकी भी फिकर नहीं की। पढ़ाई के दौरान वह साथ में पढ़ रहे एक युवक के साथ प्रेम प्रसंग में मस्त हो गई।
बताया कि मैं खेती करके पत्नी की फीस भरता रहा। लगभग छह लाख रुपये खर्च करके कोर्स पूरा करवाया। कोर्स पूरा होने बाद पत्नी ने घर आने से इंकार कर दिया। पंकज ने बताया कि पत्नी प्रेमी के साथ रह रही है। वापस लाने के लिए मैं भटक रहा हूं। पंकज की पीड़ा और झलकी जब उन्होंने कहा कि मामला पारिवारिक न्यायालय तक पहुंच गया है। ऐसा लगता है कि पत्नी को पढ़ाकर मैंने बड़ी गलती कर दी।
]]>मुंबई क्राइम ब्रांच और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने नानपारा कोतवाली इलाके के हांड़ा बसेहरी गांव के पास से नेपाल भागने की फिराक में रोडवेज बस से अपने साथियों के साथ जा रहे बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में फरार हत्यारोपी कैसरगंज के गंडारा गांव निवासी शिवा व उसके चार अन्य साथियों को पकड़ा। टीम उन्हें अपने साथ मुंबई ले जाने की तैयारी में है।
नेपाल भागने की फिराक में थे सभी
नानपारा कोतवाली के हाड़ा बसेहरी गांव के पास चार इनोवा वाहन से मुंबई क्राइम ब्रांच व एसटीएफ के जवान पहुंचे और नेपालगंज नानपारा मार्ग पर रोडवेज बस को रोक लिया। कुछ संदिग्ध युवकों को बस से उतारकर हांडा बसेहरी स्थित होटल में लेकर गए। यहां सभी ने संदिग्धों से लगभग दो घंटे पूछताछ की। इसके बाद टीम सभी को अपने साथ लेकर चली गई। टीम ने पूछताछ के समय होटल के मुख्य द्वार को बंद करवा दिया और किसी को भी अंदर नहीं जाने दिया गया। एसटीएफ टीम में प्रभारी प्रमेश कुमार शुक्ल, उपनिरीक्षक जावेद आलम सिद्दकी आदि शामिल रहे। टीम ने शूटर के नेपाल भागने की पुष्टि की है।
शिवा के साथी में चढ़े हत्थे
शूटर शिवा को शरण देने व नेपाल भागने में मदद करने के अपराध में टीम ने उसके साथियो गांव निवासी अनुराग कश्यप, ज्ञानप्रकाश त्रिपाठी, आकाश श्रीवास्तव और अखिलेश प्रताप सिंह को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए लोगों के पास से बैग बरामद हुए जिसमें कपड़े और मोबाइल आदि सामान रखा मिला।
सीओ नानपारा प्रदुम्न सिंह ने बताया एटीएस ने जिन युवकों को पकड़ा उनमें से एक बाबा सिद्दकी हत्याकांड में फरार आरोपी कैसरगंज निवासी शिवा है। वहीं उसके चार अन्य साथी भी गिरफ्तार हुए है। जिन्हें टीम अपने साथ ले गई है। उनसे क्या पूछताछ की गई, कोई जानकारी नहीं है।

सोमवार देर शाम पुलिस अधीक्षक वृंदा शुक्ला द्वारा की गई कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। इसमें हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल शामिल हैं। 29 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर उनकी जगह दूसरे पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।
हालांकि पुलिस अधिकारी इसे रूटीन कार्रवाई बता रहे हैं। लेकिन चर्चा है कि घटना के बाद से ही पुलिसकर्मी भी जांच के घेरे में थे। जांच के बाद एसपी वृंदा शुक्ला ने यह कार्रवाई की है। इसमें 14 पुलिसकर्मी हरदी थाने के और 15 पुलिसकर्मी रामगांव थाने के हैं।
इन अधिकारियों व पुलिसकर्मियों पर गिर चुकी है गाज
बताते चले कि घटना के बाद पुलिस और प्रशासनिक महकमे की ओर से की गई यह पहली कार्रवाई नहीं है। इससे पहले एएसपी ग्रामीण पवित्र मोहन त्रिपाठी को डीजीपी मुख्यालय से संबद्ध किया गया था। इसके अलावा सीओ रूपेंद्र गौड़ और हरदी थाना प्रभारी एसके वर्मा और महसी चौकी इंचार्ज अशोक कुमार को भी निलंबित किया गया था।
इसी तरह हिंसा के बाद महसी तहसील के तहसीलदार रविकांत द्विवेदी को तहसील से हटाकर जिलाधिकारी कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। उनकी जगह नायब तहसीलदार सौरभ सिंह को तहसीलदार का प्रभार दिया गया है। हिंसा के बाद से पुलिस प्रशासनिक महकमे में तबादलों और कार्रवाई का दौर जारी है।
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