हालांकि, कई उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगने के बाद भी बिजली बिल गलत आ रहा है। इससे उन्हें बार-बार विभाग के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक प्रतिदिन प्रत्येक वितरण खंड में बिजली बिल से जुड़ी दो से तीन शिकायतें आ रही हैं, जिससे महीने में यह संख्या 450 से 500 तक पहुंच रही है।
पहले शिकायत मिलते ही बिजली बिल संशोधित हो जाता था, लेकिन अब स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं का बिल तभी सुधरेगा जब जेई और एसडीओ मौके पर जाकर सेंक्शन लोड और इस्तेमाल हो रहे उपकरणों के लोड की जांच करेंगे। इसके बाद साइट इंस्पेक्शन रिपोर्ट तैयार होगी और उसी के आधार पर बिल में संशोधन किया जाएगा।
अधिशासी अभियंता पीके गुप्ता के अनुसार, जांच से यह स्पष्ट हो सकेगा कि उपभोक्ता के पास कितने भार का कनेक्शन है और वास्तविक खपत कितनी है। इससे एक तरफ लाइन लॉस और बिजली चोरी पर रोक लगेगी, वहीं दूसरी ओर उपभोक्ताओं को सही बिजली बिल मिल सकेगा।




आजमगढ़। अधिशासी अभियंता विद्युत ने सभी उपभोक्ताओं को सूचित किया है कि बिजली बिल राहत योजना का प्रथम चरण अब 03 जनवरी तक बढ़ा दिया गया है। योजना के तहत उपभोक्ताओं को बकाया राशि और बिजली चोरी के मामलों में विशेष राहत दी जा रही है।
मिली जानकारी के अनुसार, विद्युत विभाग ने बताया कि अभी तक 91,473 उपभोक्ता बिजली बिल राहत योजना का लाभ ले चुके हैं। बिजली चोरी के प्रकरणों में राजस्व निर्धारण पर 50 प्रतिशत की राहत मिल रही है, जिसमें अब तक 1,086 उपभोक्ता लाभान्वित हुए हैं।
बकाया बिजली बिल जमा करने के लिए प्रतिमाह बिल के साथ 780 या 500 रुपये की किस्त का विकल्प भी लिया जा सकता है। कांशीराम आवास से अभी तक 4 उपभोक्ता इस सुविधा का लाभ ले चुके हैं।
पहले चरण में ब्याज के अतिरिक्त मूलधन पर 25 प्रतिशत की राहत दी जा रही है, जबकि दूसरे चरण में यह राहत 20 प्रतिशत होगी। किस्त का चयन करने पर क्रमशः 10 प्रतिशत और 5 प्रतिशत की अतिरिक्त राहत भी मिल रही है।
विद्युत विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि इस राहत योजना का लाभ अवश्य लें।
]]>अतरौलिया/आज़मगढ़। स्थानीय नगर पंचायत क्षेत्र के बब्बर चौक पर शुक्रवार को बिजली बिल राहत योजना 2025 के तहत एक विशाल कैंप का आयोजन किया गया। कैंप में उमड़ी भारी भीड़ के बीच उपभोक्ताओं ने अपने बिजली बिलों में राहत पाने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया। अब तक 700 लोगों ने पंजीकरण करवाया है। जिसमे ब्याज में 100 % और मूलधन में भी 25% छूट का लाभ प्राप्त किया है।
अतरौलिया उपखंड अधिकारी दिलीप वर्मा ने बताया कि यह योजना 1 दिसंबर से 28 फरवरी 2026 तक संचालित की जा रही है। इसके अंतर्गत 1 से 2 किलोवाट तक के घरेलू और व्यावसायिक (कमर्शियल) उपभोक्ताओं को विशेष राहत दी जा रही है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में लगभग 8000 उपभोक्ता ऐसे हैं जो इस लाभ के दायरे में आते हैं। उपखंड अधिकारी ने बताया कि गांव-गांव कैंप लगाकर लोगों को योजना से जोड़ने का प्रयास लगातार जारी है। अब तक लगभग 700 उपभोक्ता अपना बिल जमा कर योजना का लाभ प्राप्त कर चुके हैं। मार्च 2025 तक के मूलधन पर 25% छूट उपलब्ध है, जो उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है। उन्होंने ने कहा कि शनिवार को अतरौलिया उपकेंद्र के हैदरपुर और सेखौना में भी कैंप आयोजित किया जाएगा। उन्होंने सभी उपभोक्ताओं से अपील की कि वे जल्द से जल्द रजिस्ट्रेशन कराकर अपने बकाया बिजली बिल से छुटकारा पाएं। यह योजना न केवल उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत दे रही है, बल्कि सरकार की जनकल्याणकारी मंशा को भी स्पष्ट रूप से दर्शा रही है।