एकमुश्त समाधान योजना की शुरूआत आज एक दिसंबर से हो रही है। यह तीन चरणों में फरवरी 2026 तक चलेगी। ओटीएस के अंतर्गत जिले 402129 उपभोक्ता चिह्नित किए गए हैं। इन पर बिजली बिल का 2134 करोड़ रुपये बकाया है। इस बकाए में 969 करोड़ रुपये सिर्फ सरचार्ज और लेट पेमेंट हैं।
एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) का लाभ लेने के लिए उपभोक्ता विभाग के किसी भी खंडीय, उपखंडीय कार्यालयों व कैश काउंटरों पर जाकर पंजीकरण करा सकते हैं। अधीक्षण अभियंता प्रथम घनश्याम ने बताया कि प्रथम सर्किल के तीनों डिवीजनों में विभिन्न भार के 198000 उपभोक्ताओं पर 1056 करोड़ रुपये बकाया है। इसमें से 474 करोड़ रुपये सिर्फ सरचार्ज और लेट पेमेंट है।
सर्किल द्वितीय के तीनों वितरण खंडों में 204129 उपभोक्ताओं पर बिजली बिल का 1078 करोड़ रुपये बकाया है। इसमें 495 करोड़ रुपये सरचार्ज और लेट पेमेंट है। उन्होंने बताया कि ओटीएस का पहला चरण एक से 31 दिसंबर, दूसरा चरण एक से 31 जनवरी और तीसरा चरण एक से 28 फरवरी तक चलेगा।
तीनों चरणों में सरचार्ज और लेट पेमेंट में शत प्रतिशत की छूट मिलेगी वहीं, मूल बिल में पहले चरण में 25, दूसरे चरण में 20 और तीसरे चरण में 15 प्रतिशत छूट का लाभ मिलेगा। अगर कोई उपभोक्ता एकमुश्त जमा नहीं कर सकता तो वह 500 या 750 रुपये प्रति माह किस्तों में भी भुगतान कर सकता है। बिजली चोरी वाले प्रकरणों में राजस्व निर्धारण में 50 प्रतिशत तक छूट है।
घनश्याम, अधीक्षण अभियंता विधुत विभाग ने बताया कि ओटीएस के अंतर्गत 4.02 लाख उपभोक्ता चिह्ति किए गए हैं। इन पर बिजली बिल का 2134 करोड़ रुपये बकाया है। आज से एकमुश्त समाधान योजना में पंजीकरण कराकर उपभोक्ता ब्याज, लेटपेमेंट में शत प्रतिशत छूट के साथ ही मूल बिल में छूट का लाभ उठा सकते हैं।
]]>इस योजना के तहत पंजीकरण तीन चरणों में किया जाएगा। पहला चरण 1 दिसंबर से 31 दिसंबर 2025 तक चलेगा, जिसमें उपभोक्ताओं को Principal राशि पर 25% की सर्वाधिक छूट मिलेगी। दूसरा चरण 1 से 31 जनवरी 2026 तक और तीसरा चरण 1 से 28 फरवरी 2026 तक चलेगा। दूसरे चरण में 20% तथा तीसरे चरण में 15% की छूट प्रदान की जाएगी। योजना में LMV-1 (घरेलू) एवं LMV-2 (वाणिज्यिक) श्रेणी के साथ-साथ LUC (Long Unpaid Consumers) और NPC (Never Paid Consumers) उपभोक्ता भी पात्र होंगे।
आज़मगढ़ प्रथम मंडल में LUC एवं NPC उपभोक्ताओं की संख्या लगभग 1.98 लाख है, जिन पर कुल ₹1,056 करोड़ का बकाया दर्ज है। इसमें से ₹474 करोड़ का LPSC (लेट पेमेंट सरचार्ज) उपभोक्ताओं से पूरी तरह माफ किया जाएगा। LUC श्रेणी में 1.15 लाख उपभोक्ता शामिल हैं, जिन पर ₹329 करोड़ बकाया और ₹108 करोड़ LPSC है। वहीं NPC श्रेणी में 0.83 लाख उपभोक्ताओं पर ₹727 करोड़ का बकाया तथा ₹366 करोड़ का LPSC दर्ज है।
योजना के अंतर्गत उपभोक्ताओं को LPSC पर 100% राहत दी जाएगी, जबकि मूल धनराशि (Principal) पर चरणवार भारी छूट मिलेगी। बिजली चोरी (Assessment) से जुड़े मामलों में भी उपभोक्ताओं को 50% की छूट दी जाएगी। इसके अतिरिक्त भुगतान के लिए आसान विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं, जिनमें एकमुश्त भुगतान के साथ-साथ ₹750 प्रति माह + चालू बिल अथवा ₹500 प्रति माह + चालू बिल वाली किस्त व्यवस्था शामिल है।
इस योजना का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि वर्षों से बंद पड़े कनेक्शन बिना किसी अतिरिक्त जुर्माने और बिना LPSC के पुनः सक्रिय हो सकेंगे। LUC और NPC उपभोक्ता भी सरल प्रक्रिया के माध्यम से फिर से नियमित उपभोक्ता की श्रेणी में आ पाएंगे। योजना में पंजीकरण कराने वाले उपभोक्ताओं को बिजली कटौती या कनेक्शन विच्छेदन के जोखिम से भी राहत मिलेगी।
पंजीकरण विद्युत खंड व उपखंड कार्यालयों, कैश काउंटरों, UPPCL कंज्यूमर ऐप, UPPCL वेबसाइट, तथा विद्युत सखी, CSC और फिनटेक एजेंसियों के माध्यम से किया जा सकेगा।
अधीक्षण अभियंता, विद्युत वितरण मंडल प्रथम, आज़मगढ़ ने मंडल के सभी उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे निर्धारित चरणों में पंजीकरण कर इस महत्वपूर्ण राहत योजना का अधिकतम लाभ उठाएँ।
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