आजमगढ़ के थाना बिलरियागंज क्षेत्र के ग्राम इमलीपुर में बीते मंगलवार को चौकीदार जयप्रकाश यादव द्वारा सूचना दी गई कि एक खेत में प्रतिबंधित पशु के अवशेष पड़े हुए हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान सलमान, तबरेज, सरफराज और मेराज का नाम प्रकाश में आया। साक्ष्य मिलने पर मामले में धारा 4/25 आयुध अधिनियम की बढ़ोत्तरी की गई।
इसके बाद बीती रात पुलिस टीम क्षेत्र में गश्त कर रही थी, तभी मुखबिर की सूचना पर नेयाज के भट्ठे के पास घेराबंदी कर दो वांछित अभियुक्त सरफराज और मेराज को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने प्रतिबंधित पशु को काटकर मांस बेचने की बात स्वीकार की। अभियुक्त मेराज की निशानदेही पर पुलिस ने एक चाकू, एक चापड़ और लकड़ी का ठीहा बरामद किया।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्त मेराज के खिलाफ पहले भी गोवध निवारण अधिनियम सहित अन्य धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। फिलहाल दोनों आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई करते हुए आगे की जांच जारी है।
मिली जानकारी के अनुसार बिलरियागंज थाना क्षेत्र के हरखपुर गांव निवासी राम उग्रह चौहान पुत्र स्वर्गीय दूईज चौहान सोमवार की सुबह घर से निकलकर गागेपुर गांव के सिवान स्थित अपने ट्यूबवेल पर गए थे। बताया जा रहा है कि उन्होंने ट्यूबवेल के कमरे का दरवाजा बंद कर वहां लगे करकट से रस्सी के सहारे फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
परिजनों के अनुसार जब दोपहर में खाना खाने का समय हुआ और वह घर नहीं पहुंचे तो परिवार के लोगों को चिंता हुई। इसके बाद परिजन उन्हें खोजते हुए ट्यूबवेल पर पहुंचे। वहां दरवाजा खोलकर देखा तो राम उग्रह चौहान फांसी के फंदे से लटके हुए थे। यह दृश्य देखते ही परिजनों के होश उड़ गए और घर में चीख-पुकार मच गई।
घटना की सूचना ग्रामीणों ने बिलरियागंज थाने को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच कर रही है।
आजमगढ़। जिले के बिलरियागंज थाना क्षेत्र में संदिग्ध परिस्थितियों में एक युवक की मौत का मामला सामने आया है। भकुराचांदी गांव में युवक का शव फंदे से लटका मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मिली जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान अजय उर्फ श्रीकांत (30 वर्ष) पुत्र राम प्रसाद, निवासी सतनहर गांव थाना रानी सराय के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि अजय पिछले करीब छह महीनों से अपने बड़े भाई की ससुराल भकुराचांदी गांव में रह रहा था।
रविवार की रात करीब आठ बजे परिजन जब उसे खाना खाने के लिए छत पर बुलाने गए, तो वहां का नजारा देख उनके होश उड़ गए। अजय का शव छत पर दुपट्टे के सहारे फंदे से लटका हुआ था।
परिजनों ने शोर मचाया और आनन-फानन में उसे फंदे से उतारकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिलरियागंज पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष सुनील कुमार दुबे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरते हुए जिला अस्पताल पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
जिलाधिकारी के आदेश एवं मुख्य चिकित्साधिकारी के निर्देशानुसार जनपद में अवैध व अनियमित रूप से संचालित चिकित्सकीय प्रतिष्ठानों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में आज बिलरियागंज स्थित हेरा चाइल्ड सेंटर का स्वास्थ्य विभाग की टीम ने औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान गंभीर खामियां पाए जाने पर सेंटर को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया।
इस कार्रवाई का नेतृत्व डिप्टी सीएमओ/नोडल निजी चिकित्सालय प्रतिष्ठान डॉ. आलेन्द कुमार ने किया। उनके साथ पटल सहायक धीरेन्द्र शुक्ला एवं सीएचसी बिलरियागंज के चिकित्सक डॉ. निलेश भी मौजूद रहे।
निरीक्षण में पाया गया कि सेंटर में लगभग पाँच बेड पर नवजात शिशुओं का उपचार किया जा रहा था, जबकि मौके पर कोई अधिकृत या योग्य चिकित्सक उपस्थित नहीं था। इसके अलावा प्रतिष्ठान के पास वैध पंजीकरण भी नहीं मिला। जांच के दौरान अग्निशमन सुरक्षा, प्रदूषण नियंत्रण तथा बायो-मेडिकल वेस्ट निस्तारण से जुड़े मानकों के उल्लंघन की भी पुष्टि हुई।
गौरतलब है कि हाल ही में लालगंज क्षेत्र में एक मासूम की मौत की घटना के बाद मुख्य चिकित्साधिकारी ने गैर-पंजीकृत, अनधिकृत और अप्रशिक्षित चिकित्सकों द्वारा संचालित संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। उसी के तहत यह कार्रवाई की गई।
फिलहाल हेरा चाइल्ड सेंटर को पूरी तरह सील कर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।
आजमगढ़। जिले के बिलरियागंज क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित एक सोनोग्राफी सेंटर को स्वास्थ्य विभाग ने सीज़ कर दिया। शिकायत मिलने के बाद जिलाधिकारी के आदेश पर गठित टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की, जहां सेंटर बिना पंजीकरण और वैध लाइसेंस के संचालित पाया गया।
बिलरियागंज क्षेत्र अंतर्गत स्टेट बैंक के बगल पूर्व पटरी पर स्थित एक सोनोग्राफी सेंटर के अवैध संचालन की शिकायत स्वास्थ्य विभाग को प्राप्त हुई थी। शिकायत में बताया गया था कि सेंटर पर न तो कोई पंजीकृत चिकित्सक कार्यरत है और न ही सोनोग्राफी मशीन संचालन हेतु कोई वैध लाइसेंस उपलब्ध है। साथ ही सेंटर द्वारा गलत एवं भ्रामक रिपोर्ट जारी किए जाने का भी आरोप लगाया गया था, जिससे आम जनमानस के जीवन एवं स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई गई थी।
शिकायत की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी के आदेश एवं मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन. आर. वर्मा के निर्देश पर डिप्टी मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आलेन्द कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और निरीक्षण किया। जांच के दौरान पाया गया कि संबंधित सोनोग्राफी सेंटर के पास पीसीपीएनडीटी अधिनियम के अंतर्गत अनिवार्य अभिलेख, आवश्यक पंजीकरण, वैध लाइसेंस तथा अधिकृत चिकित्सक से संबंधित कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे। टीम के पहुंचने के समय सेंटर संचालक भी मौके पर मौजूद नहीं मिला।
इन तथ्यों के आधार पर जनहित एवं प्रचलित नियमों को दृष्टिगत रखते हुए संबंधित सोनोग्राफी सेंटर को तत्काल प्रभाव से सीज़ कर दिया गया। मामले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
मुख्य चिकित्साधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि जनपद में अवैध, अपंजीकृत एवं गैर-मानक स्वास्थ्य संस्थानों के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आजमगढ़। जिले में पिछले दो दिनों से लगातार पड़ रही कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का असर अब सड़क यातायात पर भी साफ दिखाई देने लगा है। कोहरे की वजह से दृश्यता कम होने के कारण सड़क हादसों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। इसी क्रम में गुरुवार की सुबह बिलरियागंज थाना क्षेत्र में एक सड़क दुर्घटना हो गई। हादसे में कार चालक मामूली रूप से घायल हो गया। गनीमत यह रही कि इसमें किसी प्रकार की बड़ी जनहानि नहीं हुई।
मिली जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह बिलरियागंज थाना क्षेत्र के चांदपुर पेटवध गांव निवासी नंदलाल राम कार लेकर जिला मुख्यालय की ओर जा रहे थे। बताया जा रहा है कि उस समय क्षेत्र में कोहरा काफी घना था, इसके बावजूद कार की गति अपेक्षाकृत तेज थी। जैसे ही कार सेठारी गांव के समीप पहुंची, सामने से आ रही ट्रैक्टर-ट्रॉली से आमने-सामने की टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
दुर्घटना की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और स्थिति का जायजा लिया। इस हादसे में कार चालक नंदलाल राम को हल्की चोटें आईं, जिन्हें मौके पर मौजूद लोगों ने प्राथमिक सहायता दी। राहत की बात यह रही कि किसी अन्य व्यक्ति को चोट नहीं पहुंची।
हादसे के बाद ट्रैक्टर चालक वाहन को मौके पर छोड़कर फरार हो गया। ग्रामीणों की मदद से दोनों क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क किनारे कराया गया। बताया जा रहा है कि दुर्घटनाग्रस्त कार शहर कोतवाली क्षेत्र के हिरापट्टी निवासी युवराज सिंह की है।
]]>मिली जानकारी के अनुसार, बीते 21 अक्टूबर को चक्रवान चन्द्र भास्कर निवासी ग्राम ककरही दुलार थाना बिलरियागंज ने थाना स्थानीय पर तहरीर दी थी कि 20 अक्टूबर की रात करीब 8 बजे गाँव के ही रजनीकांत, अरुण कुमार, पवन और नेबूलाल पटाखे फोड़ रहे थे। वादी द्वारा टोकने पर चारों ने गाली-गलौज करते हुए वादी के भाई अखिलेश कुमार भास्कर पर जानलेवा हमला कर दिया और वादी को भी पीटा। इस मामले में थाना बिलरियागंज पर मुकदमा दर्ज किया गया था।
थानाध्यक्ष सुनील कुमार दुबे ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर मुकदमे में वांछित अभियुक्त अरुण कुमार पुत्र बेचई कुमार को ग्राम रामपुर थाना जीयनपुर से बुधवार को सुबह गिरफ्तार किया गया है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है ।
]]>जानकारी के अनुसार, जब विभाग की ओर से थाना निर्माण की सूचना ग्रामीणों को मिली, तो पासवान और प्रजापति समाज के लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। आक्रोशित ग्रामीणों ने जिलाधिकारी आज़मगढ़ से मिलकर ज्ञापन सौंपा और थाना निर्माण का विरोध दर्ज कराया।
ग्रामीणों ने बताया कि इससे पहले थाना भवन के लिए मोहम्मदपुर में प्रस्ताव रखा गया था, लेकिन समाजवादी पार्टी के एक विधायक के दबाव में उपजिलाधिकारी ने यह कहते हुए स्थान बदल दिया कि वहां मुसलमानों के पूर्वज दफन हैं। इसके बाद नया स्थान जयगहां में तय कर दिया गया।
दलित समाज के लोगों ने प्रशासनिक निर्णय को अन्यायपूर्ण बताते हुए विरोध प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी से मुलाकात कर अपनी पूर्वजों की दफन भूमि पर थाना निर्माण रोकने की मांग रखी।
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