भोजपुर के आरा स्थित तनिष्क ज्वेलरी शोरूम में सोमवार को हुए लूटकांड ने पूरे जिले में सनसनी फैला दी। पुलिस द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, लूट को अंजाम देने के बाद अपराधी डोरीगंज के रास्ते छपरा की ओर भाग रहे थे। लूट के दो घंटे के अंदर बिहार पुलिस ने बड़ी कार्रवाई कर बड़हरा थाना पुलिस ने बबुरा छोटीपुल के पास उन्हें रोकने की कोशिश की। तीन बाइक पर सवार छह अपराधियों में से एक ने पुलिस पर फायरिंग कर दी, जिसके जवाब में पुलिस की कार्रवाई में दो अपराधी घायल हो गए। उनकी पहचान सारण जिले के दिघवारा निवासी विशाल गुप्ता (पिता भुनेश्वर प्रसाद) और सेमरा गांव, सोनोर के प्रदीप कुमार (पुत्र कुणाल कुमार) के रूप में हुई है। दोनों अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनके पास से तीन झोले में ज्वेलरी बरामद हुई है।
SIT का गठन, अन्य अपराधियों की तलाश जारी
पुलिस ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जानकारी दी है कि घटना के मुख्य आरोपियों की पहचान की जा रही है और शेष फरार अपराधियों की तलाश के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही पूरे गिरोह का पर्दाफाश कर लिया जाएगा।
‘जिस पार्टी से मौका मिलेगा, वहां से चुनाव लड़ूंगी’
कार्यक्रम के दौरान जब उनसे राजनीति में प्रवेश को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि दो-चार दिनों में वे किसी पार्टी को ज्वाइन करेंगी। हालांकि वह किस विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगी, इस पर अभी उन्होंने खुलासा नहीं किया। उन्होंने कहा कि पार्टी ज्वाइन करने के बाद मैं खुद इसकी घोषणा करूंगी। मुझे लोगों की सेवा करनी है और जो भी पार्टी मुझे मौका देगी, मैं वहां से चुनाव जरूर लड़ूंगी।
पवन सिंह ने बनाई दूरी
भले ही पिछले लोकसभा चुनाव में हार के बाद पवन सिंह ने जिले में आना-जाना लगभग बंद कर दिया हो। लेकिन उनकी पत्नी ज्योति सिंह लगातार जिले में सक्रिय बनी हुई हैं। वह जिले में आयोजित छोटे-बड़े कार्यक्रमों में शामिल होती हैं, हादसों के शिकार पीड़ित परिवारों से मिलती हैं और आम लोगों से संवाद करती हैं। उन्हें बुलाने वाला कोई भी हो, वह सहज भाव से उसके घर तक पहुंच जाती हैं। वहीं, अब तक यह तय नहीं हो सका है कि वह जिले के सात विधानसभा क्षेत्रों में से कहां से चुनावी मैदान में उतरेंगी, जिससे उनके प्रशंसकों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
‘लोग अब मुझे समाज सेविका के रूप में देख रहे हैं’
राजनीति में आने की चर्चा के बीच ज्योति सिंह ने यह भी साफ किया कि वह हर बार चुनाव के उद्देश्य से क्षेत्र में नहीं आतीं। उन्होंने कहा कि मेरा यहां के लोगों से एक भावनात्मक जुड़ाव है, इसलिए बार-बार आना पड़ता है। अब लोग मुझे एक समाज सेविका के रूप में देख रहे हैं, इसलिए मेरा भी दायित्व बनता है कि मैं उनकी सेवा करूं। उन्होंने आगे कहा कि अब वह अपने लोगों के बीच ही रहना चाहती हैं और जिस पार्टी से मौका मिलेगा, वहां से चुनाव लड़कर लोगों की सेवा करेंगी।
ज्योति सिंह के इस बयान के बाद बिहार की सियासत में चर्चाएं तेज हो गई हैं। वह अगर किसी पार्टी से जुड़ती हैं और चुनाव लड़ती हैं, तो जिले के सियासी समीकरणों पर इसका प्रभाव पड़ सकता
बताया जाता है कि भाजपा नेता पूर्व एमएलसी राजन सिंह एवं पूर्व प्रमुख ममता सिंह की शादी की 25 वीं सालगिरह पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम में एक से बढ़कर एक भोजपुरी सितारों ने कार्यक्रम के दौरान जलवा बिखेरा।
अक्षरा सिंह को देखते ही भीड़ हो गई आउट ऑफ कंट्रोल
इस दौरान बीते रात्रि अनुपमा यादव की प्रस्तुति के बाद मंच पर भोजपुरी कलाकार अक्षरा सिंह पहुंची। अक्षरा अपने गीत की प्रस्तुति देने लगी कि भीड़ उतावला हो गई और नजदीक से देखने एवं सेल्पी लेने के क्रम में मंच के समीप दर्शक दिर्घा में बैठे लोग पहुंचने लगे।इसे देखकर आसपास में लगे सुरक्षा कर्मियों ने भीड़ नियंत्रित करने के लिए प्रयास किया लेकिन भीड़ अत्यधिक होने लगी। भीड़ पर नियंत्रण करने के लिए पुलिस बल को लाठियां चटकानी पड़ी। इस क्रम में कई लोगों के घायल होने की भी सूचना है।
इससे और भीड़ उतावला हो गई एवं पुलिस प्रशासन से ही उलझ गए। जिसके बाद अक्षरा सिंह मंच से उतर कर अपने कमरे में चली गई। कुछ देर बाद पूर्व एमएलसी राजन सिंह एवं उनके समर्थकों के द्वारा दर्शकों से आग्रह कर मामला को शांत करावाया। इसके बाद अनुपमा यादव ने सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी।
शुक्रवार की सुबह से ही पूर्व एमएलसी राजन सिंह के शादी के वर्षगांठ के मौके पर सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रस्तुति दी। सुरक्षा को लेकर दर्जनों पुलिस कर्मी एवं दो दर्जन से अधिक निजी अंगरक्षक लगे हुए थे। मंच से करीब 20 फीट की दूरी पर दर्शक दीर्घा बनाई गई थी परंतु अक्षरा सिंह पहुंची तो दर्शक मंच के नजदीक पहुंच गए और पुलिस को लाठी का प्रयोग करना पड़ा।
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