गांव के प्रेमी संग रहने लगी थी पत्नी
थाना क्षेत्र के गांव गंगहरी निवासी नरेश की पत्नी एक वर्ष पूर्व उसे छोड़कर गांव के ही अपने प्रेमी के साथ चली गई थी। सोमवार को महिला अपने प्रेमी के साथ पुत्र को बोर्ड की परीक्षा दिलवाने खिदरपुर पहुंची, तभी पहले से इंतजार कर रहे उसके पति ने महिला व उसके प्रेमी पर हमला करते हुए पिस्टल से फायर कर दिया।
महिला के सिर में मारी गोली
घटना के बाद मौके पर अफरा तफरी मच गई। फायरिंग में गोली महिला के सिर में जा लगी जिससे वह गम्भीर रूप से घायल हो गई। अस्पताल ले जाने पर महिला की मौत हो गई। वहीं महिला का प्रेमी सरजीत भी गम्भीर रूप से घायल है।
मौके पर पहुंची पुलिस टीम
मौके पर मौजूद किसी व्यक्ति ने घटना की सूचना पुलिस को दे दी जिसके बाद एसपी सिटी सीओ स्याना दिलीप सिंह व थाना प्रभारी खानपुर धर्मेंद्र सिंह मौके पर पहुंच गए। दोनों घायलों को जिला अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
आत्मदाह से पहले युवती ने एक सुसाइड नोट भी लिखा है। जिसमें उसने पड़ोसी गांव निवासी युवक राकेश शर्मा पर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। साथ ही लिखा है कि आरोपी ने उसके अश्लील वीडियो व फोटो ले लिए थे।
इन फोटो को वायरल करने की धमकी देकर आरोपी बीते कई दिनों से पीड़िता का शारीरिक शोषण कर रहा था। दो लाख रुपये न देने पर ब्लैकमेल भी कर रहा था। आगामी तीन मार्च को पीड़िता की शादी होनी थी।
आगामी शुक्रवार को उसकी पिली चिट्ठी जानी थी। लेकिन, आरोपी आशिक ने उसके फोटो और वीडियो दूल्हे पक्ष को भेज दिए। जिसके बाद उसका रिश्ता टूट गया। इसी से आहत होकर उसने आत्मदाह कर लिया।
]]>खेत ले जाकर की घिनौनी हरकत
एक अगस्त 2022 को अहमदगढ़ थाने पर पीड़िता ने तहरीर देकर बताया था कि उसकी सगी मौसी का बेटा विकास निवासी दिल्ली 17 जून 2022 को गांव आया था। गांव में आरोपी पीड़िता को बहला फुसलाकर खेतों पर ले गया, जहां आरोपी ने पीड़िता को जहर खाकर जान देने की बात कहते हुए डराया। इसके बाद आरोपी ने पीड़िता के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया और बाद में पीड़िता को घर छोड़कर चला गया। कुछ दिन बाद आरोपी पीड़िता को अपने साथ दिल्ली अपने घर ले गया। जहां, से वह उसे मुंबई ले गया, वहां भी आरोपी ने पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया।
विरोध पर खिला दिया जहर, फिर खुद भी खाई
जब पीड़िता ने विरोध किया तो आरोपी ने पीड़िता को जहर खिला दिया और खुद भी जहर खा लिया। मुंबई में ही चिकित्सकों ने किसी तरह उनकी जान बचाई। इसके बाद वह दोनों दिल्ली लौट आए थे। पीड़िता के पिता ने दिल्ली में भी पीड़िता की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पीड़िता ने घर पहुंच कर परिजनों को पूरे मामले की जानकारी दी थी। साथ ही पुलिस ने भी आरोपी मौसेरे भाई के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच की और बाद में आरोपी के खिलाफ चार्जशीट तैयार कर न्यायालय में दाखिल कर दी थी। न्यायालय ने अब दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के बीच हुई बहस और गवाहों और साक्ष्यों का अवलोकन कर अभियुक्त को दोषी मानते हुए सजा सुनाई है।
नगर के कृष्णा नगर निवासी नवीन पाठक ने एक तोता (पहाड़ी/एलेग्जेंडर) पाला हुआ था। जिसका नाम विष्णु रखा। उन्होंने बताया कि करीब ढाई साल पहले उनके पास एक मजदूर का फोन आया। उसने बताया कि एक पक्षी लिंटर के पास पड़ा हुआ है। जब वह मौके पर पहुंचे तो वह बच्चा था और पूरी तरह मिट्टी में सना हुआ था, उसकी पहचान भी नहीं हो रही थी कि वह तोता है। घर लाकर उसे स्नान कराया। घायल दिखने पर उसका उपचार कराया। कुछ दिन में वह ठीक हो गया। तो परिवार के सभी लोगों ने मिलकर उसका नाम विष्णु रखा। धीरे-धीरे विष्णु से सभी को प्यार हो गया और उसे परिवार के बच्चों की तरह ही रखने लगे।
उन्होंने बताया कि वह अपने तोते को खुला ही रखते थे। जहां भी जाते तोता भी उनके साथ जाता था। बताया कि कभी कभी उनका तोता सुबह के समय उड़ जाता था और कुछ देर बाद वापस भी लौट आता था। लेकिन, करीब छह दिन पूर्व उनका तोता चला तो गया, लेकिन लौटकर नहीं आया। बताया कि वह दिन भर आसमान में तोते को खूब ढूंढा, लेकिन वह नहीं मिला। नवीन पाठक ने बताया कि छह दिन से वह और उनका परिवार तोते को ढूढ़ने के लिए इधर से उधर भटक रहे हैं, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल रहा है। लोगों से सोशल मीडिया पर एक वीडियो डालकर उसे पकड़ कर देने वाले को एक लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
घर के बच्चे नहीं खा रहे खाना
नवीन पाठक ने बताया कि तोते की याद में घर के बच्चे खाना भी नहीं खा रहे हैं। वह दबाव बना रहे हैं कि कहीं से भी विष्णु को ढूढ़कर लाओ। सुबह 10 बजे घर से निकलता हूं और रात को आठ बजे तक उसे इधर उधर ढूढ़ते हैं। परिवार के अन्य लोग भी उसे ढूढ़ने में सहयोग कर रहे हैं। घर के माहौल को देखकर बहुत दुख हो रहा है। उन्होंने बताया कि गली के बच्चे भी काफी मायूस हैं। जब वह ट्यूशन पढ़ने के लिए जाते थे तो विष्णु से बात करते थे।
पापा-मम्मी कहकर पुकारता था, साथ खाता था खाना
नवीन पाठक ने बताया कि उन्हें वह पापा कहता था और उनकी ज्योति पाठक को मम्मी कहता था। जैसे घर के अन्य बच्चे बोलते थे, वैसे ही विष्णु भी बोलता था। खाने की थाली आते ही वह कंधे पर आकर बैठ जाता था। पहले उसे खाना खिलाते थे और फिर परिवार के सभी लोग खाना खाते थे। अब उसके बिना परिवार में अधूरापन महसूस हो रहा है। उन्होंने बताया कि रात को सपने भी अजीब आ रहे हैं। कभी सपने में वह कहीं बैठा दिखाई देता है तो कहीं पर उसे मरा हुआ देखा जा रहा है। मन बहुत ही दुखी है।