प्रदेश मंत्री ने बताया कि जब अटल बिहारी वाजपेयी सत्ता में आए और 24 दलों की सरकार का सफल संचालन किया, तब उन्होंने अंत्योदय कार्ड के माध्यम से जरूरतमंदों को सस्ता अनाज उपलब्ध कराया। किसान क्रेडिट कार्ड योजना के जरिए किसानों को साहूकारों के चंगुल से मुक्त करने का काम किया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत गांवों को जिला मुख्यालय से जोड़ा गया, जिससे किसानों को अपनी फसल उचित मूल्य पर बेचने का अवसर मिला। पोखरण में परमाणु परीक्षण कर भारत को परमाणु संपन्न राष्ट्र की श्रेणी में खड़ा किया। आज देशभर में सड़कों का विशाल नेटवर्क अटल जी की दूरदर्शी सोच का परिणाम है।
प्रदेश मंत्री ने यह भी कहा कि यदि आज भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना है, तो उसमें अटल बिहारी वाजपेयी की नीतियों और दूरदृष्टि की अहम भूमिका है। कार्यक्रम के अंत में सभी कार्यकर्ताओं ने अटल जी के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर जिला प्रभारी अशोक सिंह सहित पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में भाजपा नेता मौजूद रहे।
मुख्य अतिथि हरिओम पांडेय ने पटेल के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए कहा कि आज़ादी के बाद भारत 562 छोटी-बड़ी रियासतों में बँटा हुआ था, जिन्हें सरदार वल्लभभाई पटेल ने भारत में मिलाकर राष्ट्र के एकीकरण का महान कार्य किया। उन्होंने कहा कि पटेल का योगदान भारत के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा गया है, परंतु जो सम्मान उन्हें मिलना चाहिए था, वह कांग्रेस सरकारों ने कभी नहीं दिया। वे स्वयं कांग्रेस के सदस्य रहे और जीवनभर पार्टी के लिए कार्य किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात में उनकी विश्व की सबसे ऊँची प्रतिमा स्थापित कर उन्हें वह सम्मान दिया, जिसके वे हकदार थे। उनके जन्मदिवस पर प्रतिवर्ष “रन फॉर यूनिटी” का आयोजन किया जाता है। इस वर्ष उनकी 150वीं जयंती के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों की श्रृंखला का शुभारंभ आज से हुआ।
इस अवसर पर जिला अध्यक्ष ध्रुव सिंह, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अखिलेश मिश्रा ‘गुड्डू’, प्रदेश महामंत्री (किसान मोर्चा) घनश्याम पटेल, डॉ. श्याम नारायण सिंह, पूर्व जिला अध्यक्ष जयनाथ सिंह, सच्चिदानंद सिंह, पवन सिंह, मुन्ना नागेंद्र पटेल, नन्हकूराम, राम सरोज, आनंद सिंह, प्रवीण सिंह, विनय प्रकाश गुप्ता, मयंक गुप्ता, मृगांक शेखर सिन्हा, विवेक निषाद, अभिनव श्रीवास्तव, शोभित श्रीवास्तव, अवनीश चतुर्वेदी, धर्मेंद्र सिंह, पंकज सिंह, मुंशी निषाद, योगेंद्र यादव सहित पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
]]>आज़मगढ़। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की नई जिला इकाइयों के ऐलान के बाद सियासी पारा चढ़ गया है। आज़मगढ़ जिलाध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर पार्टी के अंदर ही विरोध के स्वर उठने लगे हैं। जिससे गुटबाजी खुलकर सामने आ गई है। गुटबाजी का ही असर रहा कि जिला चुनाव अधिकारी के सामने जमकर एक पूर्व जिलाध्यक्ष के पक्ष में नारेबाजी की गई। पूर्व जिलाध्यक्ष के पक्ष में की गई नारेबाजी को पार्टी हाईकमान ने काफी गंभीरता से लिया है । यही नहीं सूत्रों की माने तो पार्टी हाई कमान कार्रवाई के मूड में है।
बताते चले कि रविवार को चुनाव अधिकारी जयपाल जी मस्त और धर्मेंद्र सिंह प्रदेश उपाध्यक्ष ने आज़मगढ़ और लालगंज के जिलाध्यक्ष के नाम की घोषणा की। जिसमे आज़मगढ़ से ध्रुवकुमार सिंह और लालगंज से विनोद राजभर के नाम की घोषणा हुई । इसी दौरान पार्टी कार्यालय पर एक पूर्व जिलाध्यक्ष के समर्थकों ने नारेबाजी की। इस नारेबाजी से जिला चुनाव अधिकारी और प्रदेश उपाध्यक्ष भी नाराज दिखे। कारण, नाम की घोषणा होने से पहले ही उन्होंने बता दिया गया था कि अगर घोषित जिलाध्यक्ष के नाम से अगर किसी आवेदक या नेता को कोई समस्या हो तो वह सार्वजनिक तरीके से विरोध के बजाय पार्टी के उपयुक्त फोरम पर अपनी बात रखेगा।
आज़मगढ़ में पार्टी में इस गुटबाजी की गूंज प्रदेश मुख्यालय पर भी सुनाई दी। रही सही कसर दूसरे गुट ने पूरी कर दिया। दूसरे गुट ने मोबाइल में कैद किये वीडियो को सबूत के तौर पर शीर्ष नेतृत्व को पकड़ा दिया। पार्टी का शीर्ष नेतृत्व ने इसे गंभीरता से लिया है और कार्रवाई के मूड में है।
पार्टी के सूत्र बता रहे है कि काफी मंथन के बाद पार्टी का शीर्ष नेतृत्व एक पूर्व जिलाध्यक्ष सहित दो लोगों पर कार्रवाई कर सकता है।