निरीक्षण के दौरान मण्डलायुक्त ने सबसे पहले बच्चों में मिठाई बाँटी और फिर उनसे सीधे बातचीत कर स्कूल की व्यवस्था, भोजन, आवास और खेल की सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। छात्रों ने बताया कि भोजन मीनू के अनुसार नहीं दिया जाता और इसकी गुणवत्ता भी खराब रहती है। उन्होंने यह भी कहा कि कमरों में कपड़े टांगने के लिए हैंगर नहीं हैं और बेडशीट की धुलाई छात्रों से कराई जाती है।
मण्डलायुक्त ने सभी आवासित कक्षों में प्रत्येक छात्र के लिए हैंगर उपलब्ध कराने, बाथरूम में टूटे दरवाजे ठीक कराने और इनडोर गेम के लिए कैरम, लूडो आदि खेल का सामान तुरंत उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि विद्यालय में खेल का मैदान नहीं है। मौके पर उपस्थित नायब तहसीलदार ने बताया कि स्कूल परिसर से सटी बंजर भूमि उपलब्ध है। इस पर मण्डलायुक्त ने खण्ड विकास अधिकारी पल्हनी को निर्देशित किया कि मिट्टी भराई कर बाउंड्रीवाल बनवाकर बच्चों के लिए खेल का मैदान तैयार किया जाए।
निरीक्षण में जिला समाज कल्याण अधिकारी, विद्यालय के प्रधानाचार्य और नायब तहसीलदार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। मण्डलायुक्त की यह कार्रवाई स्कूल प्रशासन को चेतावनी और बच्चों के बेहतर वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।
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