निर्वाचन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मतदाता सूची में एक ही व्यक्ति के नाम कई स्थानों पर दर्ज होना, मृत्यु के बाद भी नाम बने रहना या स्थान परिवर्तन के बावजूद पुराने पते पर नाम दर्ज होना जैसी शिकायतें लगातार मिल रही थीं। इसी को देखते हुए जिलेभर में व्यापक सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है।
बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) घर-घर जाकर जांच कर रहे हैं, वहीं ऑनलाइन और दस्तावेजी मिलान से डुप्लीकेट नामों की पहचान की जा रही है। अब तक करीब 12,727 मतदाताओं के नाम सूची से डिलीट किए जा चुके हैं।
अधिकारियों का कहना है कि शुद्ध मतदाता सूची ही निष्पक्ष चुनाव की आधारशिला है। यदि डुप्लीकेट या अपात्र नाम सूची में बने रहते हैं, तो चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठ सकते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके आसपास किसी मृत व्यक्ति का नाम, स्थानांतरित मतदाता या एक से अधिक स्थानों पर दर्ज नाम की जानकारी हो, तो वे संबंधित बीएलओ या निर्वाचन कार्यालय को सूचित करें।
सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी पंचस्थानीय राजाराम वर्मा ने बताया कि निर्वाचन आयोग की ओर से जिले स्तर पर चिन्हित 18 लाख से अधिक डुप्लीकेट मतदाताओं की सूची उपलब्ध कराई गई। इस सूची का सत्यापन चल रहा है। अब तक हुए सत्यापन में 12 हजार अधिक डुप्लीकेट मतदाता मिले हैं, जिनके नाम को मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। अभी 16 लाख मतदाताओं का सत्यापन होना बाकी है।
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जिलाधिकारी ने बीएलओ, सुपरवाइजर और लेखपाल को निर्देश दिए कि सभी नो मैपिंग वाले मतदाताओं को नोटिस भेजा जाए और उनसे फोन पर संपर्क करके 13 आवश्यक अभिलेखों के साथ फॉर्म भरवाकर जमा कराएं, ताकि सभी का नाम मतदाता सूची में शामिल हो सके।
मिली जानकारी के अनुसार, जिले के 10 विधानसभा क्षेत्रों में कुल 1 लाख 58 हजार 627 मतदाता ऐसे चिन्हित किए गए हैं, जिनका वर्ष 2003 की मतदाता सूची के रिकॉर्ड से मिलान नहीं हो सका है। इन नो मैपिंग मतदाताओं के लिए निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी की ओर से प्रिंटेड नोटिस जारी किए जा रहे हैं, जिन पर अधिकारी का नाम और स्थान अंकित रहेगा।
अब तक 1 लाख 39 हजार 500 नोटिस प्रिंट कर जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा सभी तहसीलों को भेजे जा चुके हैं, जबकि शेष नोटिसों की छपाई जारी है। तहसीलों से ये नोटिस सभी बीएलओ को वितरित किए जाएंगे, जिसके बाद बीएलओ अपने-अपने क्षेत्रों के नो मैपिंग मतदाताओं को नोटिस सौंपेंगे।
नोटिस मिलने के एक सप्ताह के भीतर मतदाताओं को संबंधित निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) या सहायक निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (एईआरओ) के कार्यालय में उपस्थित होकर भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित 13 विकल्पों में से किसी एक विकल्प को प्रस्तुत करना होगा।
प्रिंटेड नोटिस के साथ-साथ बीएलओ ऐप के माध्यम से ऑनलाइन नोटिस भी जारी किए जा रहे हैं। अब तक बीएलओ ऐप के जरिए 1 लाख 46 हजार 193 नोटिस डाउनलोड कर नो मैपिंग मतदाताओं को भेजे जा चुके हैं।
दस्तावेजों के संबंध में निर्देश दिए गए हैं कि एक जुलाई 1987 से पहले जन्मे मतदाता अपने स्वयं के दस्तावेज जमा करेंगे। इसके बाद जन्म लेने वाले मतदाताओं को माता-पिता में से किसी एक के दस्तावेज देने होंगे, जबकि दो दिसंबर 2004 के बाद जन्मे मतदाताओं को अपने माता-पिता के दस्तावेज भी अनिवार्य रूप से जमा करने होंगे।
एसआईआर के तहत फोटो और नाम में त्रुटियों का सुधार भी किया जा रहा है। बीएलओ ऐप में जोड़े गए नए लिंक के माध्यम से फोटो अपडेट की सुविधा दी गई है, जिसमें 2025 या एसआईआर की फोटो चुनने के साथ नई फोटो अपलोड करने का विकल्प भी उपलब्ध है। नाम में सुधार के लिए फार्म-8, नाम जोड़ने के लिए फार्म-6 और नाम काटने के लिए फार्म-7 भरवाए जा रहे हैं।
जनपद के समस्त विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों को 18 जनवरी 2026 को सभी मतदेय स्थलों पर बीएलओ द्वारा पढ़कर सुनाया गया। इस दौरान मतदाता उपस्थित रहे और उन्होंने अपनी प्रविष्टियों का अवलोकन किया।
मतदाता सूची में अंकित नामों का सत्यापन उपस्थित मतदाताओं के समक्ष किया गया। साथ ही विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 के अंतर्गत प्रारूप-6, प्रारूप-7 एवं प्रारूप-8 पर दावे एवं आपत्तियाँ भी प्राप्त की गईं।
प्रभारी जिलाधिकारी ने बताया कि दावे एवं आपत्तियाँ प्राप्त करने की अवधि 06 जनवरी 2026 से 06 फरवरी 2026 तक निर्धारित है। इस दौरान चार विशेष अभियान तिथियाँ रखी गई हैं, जिनमें से 18 जनवरी 2026, 31 जनवरी 2026 और 01 फरवरी 2026 को बीएलओ द्वारा संबंधित मतदेय स्थलों पर उपस्थित रहकर मतदाता सूची पढ़ी जाएगी और प्रारूप 6, 7 एवं 8 पर दावे एवं आपत्तियाँ प्राप्त की जाएंगी।
उन्होंने जनपद के समस्त नागरिकों से अपील की है कि शेष विशेष अभियान की तिथियों 31 जनवरी और 01 फरवरी को अपने-अपने मतदेय स्थलों पर उपस्थित होकर मतदाता सूची पढ़े जाने के समय अपनी प्रविष्टियों का अवलोकन अवश्य करें। साथ ही पात्र व्यक्तियों के नाम मतदाता सूची में सम्मिलित कराने हेतु अधिक से अधिक प्रारूप-6 भरवाने में सहयोग प्रदान करें, ताकि कोई भी पात्र नागरिक अपने मताधिकार से वंचित न रह जाए।
आजमगढ़ । भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण के तहत सभी बूथों पर नई मतदाता सूची का वाचन कराया जा रहा है। इसी क्रम में जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी ने शहर के विभिन्न बूथों का निरीक्षण कर प्रक्रिया का जायजा लिया।
अर्हता तिथि 01.01.2026 के आधार पर चल रहे विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान के तहत जनपद आजमगढ़ के सभी विधानसभा क्षेत्रों के समस्त मतदेय स्थलों पर बीएलओ द्वारा राजनीतिक दलों के एजेंटों की उपस्थिति में नई आलेख्य मतदाता सूची को पढ़कर सुनाया जा रहा है।
इसी क्रम में जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी श्री रविन्द्र कुमार ने विधानसभा आजमगढ़ के अंतर्गत चौक स्थित वेस्ली इंटर कॉलेज में बूथ संख्या 184 से 191 तक का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सुपरवाइजर, बीएलओ, बीएलए तथा जनसामान्य मौजूद रहे।
निरीक्षण के दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिया कि मतदाता सूची वाचन के बाद जिनका नाम छूट गया है, उन्हें नाम जोड़ने की प्रक्रिया की पूरी जानकारी दी जाए। उन्होंने बताया कि निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित 13 दस्तावेजों में से किसी एक दस्तावेज के साथ आधार लगाकर फॉर्म-6 भरने पर नाम नई मतदाता सूची में शामिल किया जा सकता है।
उन्होंने सभी बीएलओ और सुपरवाइजरों को इस संबंध में प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए ताकि छूटे हुए मतदाताओं को सही मार्गदर्शन मिल सके। इस अवसर पर ईआरओ, एईआरओ, बीएलओ, बीएलए और सुपरवाइजर उपस्थित रहे।
आजमगढ़। जिले में चले विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के बाद मंगलवार को मतदाता सूची का आलेख्य प्रकाशन कर दिया गया। एसआईआर के दौरान बड़ी संख्या में एएसडी (डेथ, शिफ्टेड, डबलिंग और अपसेंट) मतदाता पाए जाने के बाद मतदाता सूची में बड़ा बदलाव हुआ है।
एसआईआर के बाद मतदाताओं की संख्या में बड़ा बदलाव
एसआईआर अभियान के दौरान मिले 5 लाख 66 हजार 606 एएसडी वोटरों के नाम मतदाता सूची से बाहर कर दिए गए हैं। ड्राफ्ट प्रकाशन के बाद अब जिले के दस विधानसभा क्षेत्रों में कुल 31 लाख 47 हजार 652 मतदाता रह गए हैं। वर्ष 2025 की मतदाता सूची के अनुसार जिले में कुल 37 लाख 14 हजार 258 मतदाता पंजीकृत थे।
चार नवंबर से शुरू होकर 26 दिसंबर तक चला अभियान
निर्वाचन आयोग के निर्देश पर जिले में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान चार नवंबर से शुरू किया गया था। पहले इस अभियान को चार दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन बाद में आयोग ने एक सप्ताह का समय बढ़ाकर अंतिम तिथि 11 दिसंबर और फिर 26 दिसंबर निर्धारित कर दी। मतदाताओं के पुनरीक्षण कार्य के लिए जिले में 4387 बीएलओ के साथ 445 सुपरवाइजरों की तैनाती की गई थी।
घर-घर जाकर गणना, फॉर्म भरवाने और डिजिटाइजेशन का कार्य
गणना कर्मियों ने घर-घर जाकर मतदाताओं को दो प्रतियों में गणना प्रपत्र वितरित किए। प्रपत्र भरवाने, जमा कराने और बीएलओ एप पर डिजिटाइजेशन का कार्य किया गया। बीएलओ और सुपरवाइजरों की निगरानी में चले एसआईआर अभियान के तहत कुल 37 लाख 14 हजार 258 पंजीकृत मतदाताओं के सापेक्ष 84.74 प्रतिशत डिजिटाइजेशन पूरा हुआ। इसके तहत 31 लाख 47 हजार 652 मतदाताओं के गणना प्रपत्रों की मैपिंग की गई।
एएसडी वोटरों का पूरा विवरण सामने आया
विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान जिले में कुल 15.26 प्रतिशत मतदाता एएसडी श्रेणी में पाए गए। इनमें 1 लाख 2 हजार 383 मतदाता मृत पाए गए, जो कुल मतदाताओं का 2.76 प्रतिशत है। वहीं 1 लाख 23 हजार 984 वोटर यानी 3.34 प्रतिशत अनुपस्थित मिले।
इसके अलावा 2 लाख 63 हजार 695 मतदाता, जो 7.10 प्रतिशत हैं, स्थायी रूप से स्थानांतरित पाए गए। 47 हजार 894 मतदाता यानी 1.29 प्रतिशत डबलिंग श्रेणी में मिले, जबकि 28 हजार 650 मतदाता अन्य श्रेणी में शामिल रहे। इस प्रकार कुल 5 लाख 66 हजार 606 एएसडी वोटरों के नाम मतदाता सूची से बाहर कर दिए गए।
1 लाख 58 हजार 627 मतदाताओं की मैपिंग नहीं हो सकी
करीब 52 दिन तक चले विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान के दौरान 1 लाख 58 हजार 627 मतदाताओं की मैपिंग नहीं हो सकी, जो कुल मतदाताओं का 4.27 प्रतिशत है। ऐसे मतदाताओं को संबंधित रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों की ओर से नोटिस जारी की जाएगी। नोटिस में सुनवाई के लिए सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी का नाम, पदनाम और स्थान अंकित रहेगा। नोटिस मिलने के बाद निर्वाचन आयोग की ओर से निर्धारित 13 विकल्पों के तहत साक्ष्य प्रस्तुत करने होंगे, जिसके बाद ही मतदाता सूची में नाम जोड़ा जाएगा।
24 हजार से अधिक युवाओं ने वोटर बनने के लिए भरा फार्म
मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान के तहत जिले के दस विधानसभा क्षेत्रों में करीब 24 हजार 473 युवाओं ने मतदाता बनने के लिए फार्म-6 घोषणा पत्र के साथ आवेदन किया है। इन युवाओं की आयु एक जनवरी 2026 को 18 वर्ष पूरी हो रही है। भरे गए घोषणा पत्र में वर्ष 2003 की मतदाता सूची में स्वयं अथवा माता-पिता, दादा-दादी या नाना-नानी का रिकॉर्ड दर्ज किया गया है। ऐसे मतदाताओं को नागरिकता प्रमाणित करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग की ओर से अलग से नोटिस नहीं भेजा जाएगा।
नोटिस मिलने पर ये दस्तावेज होंगे मान्य
नोटिस जारी होने की स्थिति में नागरिकता और पहचान के लिए केंद्रीय या राज्य सरकार, सार्वजनिक उपक्रम के पहचान पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, शैक्षणिक प्रमाण पत्र, स्थायी निवास प्रमाण पत्र, वन अधिकार प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर, परिवार रजिस्टर की प्रति, सरकारी आवंटित भूमि या मकान का प्रमाण पत्र, आधार कार्ड सहित आयोग द्वारा मान्य दस्तावेज प्रस्तुत किए जा सकेंगे।
6 फरवरी तक दावे और आपत्तियां दर्ज करने का अवसर
मतदाता सूची के आलेख्य प्रकाशन के बाद छह फरवरी तक दावे और आपत्तियां दर्ज की जा सकती हैं। जिनका नाम छूट गया है वे फार्म-6 भर सकते हैं। नाम हटाने के लिए फार्म-7 और नाम या पते में संशोधन के लिए फार्म-8 भरा जाएगा। सभी आवेदन घोषणा पत्र के साथ जमा करने होंगे।
मेंहनगर में सबसे ज्यादा, निजामाबाद में सबसे कम मतदाता
आलेख्य प्रकाशन के बाद जारी मतदाता सूची के अनुसार जिले में सबसे अधिक मतदाता मेंहनगर विधानसभा क्षेत्र में 3 लाख 52 हजार 373 दर्ज हैं, जबकि सबसे कम मतदाता निजामाबाद विधानसभा क्षेत्र में 2 लाख 85 हजार 549 हैं। अन्य विधानसभा क्षेत्रों में अतरौलिया, गोपालपुर, सगड़ी, मुबारकपुर, आजमगढ़, फूलपुर-पवई, दीदारगंज और लालगंज में भी मतदाताओं की संख्या तय की गई है।
डीईओ पोर्टल पर उपलब्ध है मतदाता सूची
ड्राफ्ट प्रकाशन के बाद जिले की विधानसभावार मतदाता सूची जिला निर्वाचन अधिकारी के पोर्टल डीईओ आजमगढ़ पर उपलब्ध है। इसके अलावा बीएलओ पदाभिहित अधिकारी, निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में भी मतदाता सूची देखी जा सकती है।
बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 के तहत हर विधानसभा में मतदाता डेटा सुधार पर ज़ोर दिया गया।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि 1 जनवरी 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर जनपद की 10 विधानसभाओं की मतदाता सूची का आलेख्य प्रकाशन 6 जनवरी को किया गया है। वर्तमान सूची में 17,19,537 पुरुष, 14,28,063 महिला और 52 अन्य, कुल 31,47,652 मतदाता दर्ज हैं।
घर-घर सर्वे में 1,02,383 मृतक, 2,63,695 शिफ्टेड, 47,984 डुप्लीकेट, 1,23,984 अनुपस्थित और 1,58,627 नो-मैपिंग मतदाता पाए गए हैं। नो-मैपिंग मतदाताओं को नोटिस जारी कर दस्तावेजों के आधार पर सत्यापन कराया जाएगा।
दावे-आपत्तियां 6 जनवरी से 6 फरवरी 2026 तक ली जाएंगी, जबकि 6 मार्च 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन होगा। 11 जनवरी को सभी मतदान केंद्रों पर बीएलओ द्वारा मतदाता सूची का वाचन किया जाएगा।
राजनीतिक दलों से अपील की गई कि बढ़े 518 नए बूथों पर बीएलए नियुक्त करें और पात्र मतदाताओं से अधिक से अधिक फार्म-6 भरवाएं, ताकि हर विधानसभा में गलत डेटा सुधारा जा सके।
नगर क्षेत्र में कई ग्राम पंचायतों के शामिल होने से जिले में प्रधान, बीडीसी और जिला पंचायत सदस्य पदों की संख्या में कमी आई है। जिले में कुल 1811 ग्राम पंचायत प्रधान, 2044 बीडीसी सदस्य, जिला पंचायत सदस्य और 82 महाप्रधान पदों पर चुनाव प्रस्तावित हैं।
मतदाता सूची तैयार करने का काम तेजी से चल रहा है। जिले में कुल 37 लाख 11 हजार 585 मतदाता दर्ज हैं और ब्लॉकवार ब्योरा भी उपलब्ध कराया गया है।
डीपीआरओ पवन कुमार ने बताया कि रिपोर्ट भेज दी गई है। निदेशालय के निर्देशानुसार अन्य जरूरी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
इस महाअभियान में 3869 बीएलओ और 392 सुपरवाइजरों की टीम ने घर–घर जाकर दो प्रतियों में गणना प्रपत्र बांटे, भरवाए और फिर डिजिटाइजेशन तक पूरी प्रक्रिया को युद्धस्तर पर पूरा कराया। जिले में कुल पंजीकृत मतदाता 37,14,258 हैं, जिनमें से विशेष पुनरीक्षण के दौरान 6,13,389 मतदाता नहीं मिले। इनमें 1,00,972 मृतक, 1,54,461 विलुप्त, 2,61,438 बाहर चले गए, 44,672 दोहरी प्रविष्टि और 51,846 अन्य श्रेणी के मतदाता शामिल हैं।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने आदेश दिया है कि जिन बूथों पर गणना प्रपत्र कम जमा हुए हैं, वहां दोबारा वेरीफिकेशन कराया जाएगा। यदि गायब मतदाताओं के बारे में सही जानकारी मिलती है तो उन्हें फिर से सूची में जोड़ा जा सकता है।
सहायक निर्वाचन अधिकारी ब्रजेश श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में एसआईआर का काम पूरा हो गया है। बीएलओ, एआरओ, नायब तहसीलदार और कानूनगो आदि जांच कर रहे हैं। कम होने वाले मतदाताओं के बारे में सही जानकारी 11 दिसंबर के बाद मिलेगी।
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मिली जानकारी के अनुसार जनपद में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत अब तक कुल 99.24 प्रतिशत गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन पूरा किया जा चुका है। विधानसभा क्षेत्र 343 अतरौलिया में 99.38%, 344 गोपालपुर तथा 345 सगड़ी में 100%, 346 मुबारकपुर में 99.37%, 347 आजमगढ़ में 99.92%, 348 निजामाबाद में 100%, 349 फूलपुर पवई में 99.64%, 350 दीदारगंज में 99.52%, 351 लालगंज में 96.40% और 352 मेंहनगर में 98.68% प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन सम्पन्न हुआ है।
जिलाधिकारी द्वारा स्वयं लालगंज, अतरौलिया, आजमगढ़ व अन्य कम प्रगति वाले बूथों का औचक निरीक्षण किया गया। कार्य में लापरवाही बरतने वाले बीएलओ, सुपरवाइजर व संबंधित कर्मचारियों पर विभागीय/अनुशासनिक कार्रवाई भी की गई, जिसके बाद SIR कार्य में तेजी आई। जिलाधिकारी प्रतिदिन सुबह 7 बजे से बूथ भ्रमण पर निकलते थे और दोपहर बाद कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई व बैठकें करते थे। उनके प्रयासों और योजनाबद्ध कार्यशैली से ससमय अपेक्षित प्रगति हासिल हुई।
समीक्षा में कम प्रगति वाले बूथों के निरीक्षण हेतु 27 नवंबर से 4 दिसंबर तक मुख्य विकास अधिकारी, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट, एडीएम प्रशासन, मुख्य राजस्व अधिकारी, एसडीएम (न्यायिक) लालगंज, जिला विकास अधिकारी, उपायुक्त मनरेगा व जिला पंचायत राज अधिकारी को विधानसभावार नोडल अधिकारी बनाकर विशेष अभियान चलाया गया।
ड्राफ्ट मतदाता सूची के प्रकाशन से पहले हर पोलिंग बूथ पर बीएलओ और राजनैतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों की बैठक होगी। जिन मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची में न हों, उनकी सूची बीएलओ द्वारा बीएलए को दी जाएगी और उनके सहयोग से शत—प्रतिशत डिजिटाइजेशन समय पर पूरा कराया जाएगा।
यदि किसी मतदाता को SIR से संबंधित कोई समस्या हो तो वे कलेक्ट्रेट भवन कक्ष संख्या-66 स्थित कंट्रोल रूम (05462-246398) या टोल-फ्री नंबर 1950 पर संपर्क कर सकते हैं।
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