अतरौलिया/आज़मगढ़। गांधी प्रतिमा रैदोपुर तिराहे पर प्रस्तावित उपवास कार्यक्रम से पहले कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह को प्रशासन ने एहतियातन नजरबंद कर दिया। देर रात उनके आवास पर की गई इस कार्रवाई से क्षेत्रीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
मिली जानकारी के अनुसार, बसहिया गांव निवासी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह को प्रस्तावित उपवास कार्यक्रम से पहले प्रशासन ने उनके घर पर ही नजरबंद कर दिया। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि यह उपवास मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजना की मूल भावना रोजगार की गारंटी से हो रही कथित छेड़छाड़ के खिलाफ आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से रखा गया था।
मनोज कुमार सिंह का कहना है कि सरकार मनरेगा के नाम और ढांचे में बदलाव कर पंचायतों के अधिकार कमजोर कर रही है तथा योजना को धर्म से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पार्टी नेतृत्व के निर्देश पर 45 दिनों का जनजागरण अभियान प्रस्तावित था, जिसमें जनता को सरकार की नीतियों के दुष्परिणामों से अवगत कराया जाना था।
कांग्रेस नेता ने प्रशासन की कार्रवाई को दमनकारी करार देते हुए कहा कि महात्मा गांधी की विचारधारा से जुड़े लोग ऐसी कार्रवाइयों से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जनता के बीच मुद्दे पहुंचे तो आंदोलन और व्यापक होगा और सरकार को इसका जवाब चुनावों में मिलेगा।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस बेरोजगारी, महंगाई, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी मुद्दों पर संघर्ष जारी रखेगी। नजरबंदी से पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल टूटने वाला नहीं है। आने वाले दिनों में गांव-गांव चौपाल लगाकर मनरेगा और जनता के अधिकारों को लेकर जनजागरण अभियान चलाया जाएगा।
इस कार्रवाई से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में रोष व्याप्त है और इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया जा रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार, 23 जुलाई 2024 को सठियांव विकास खंड क्षेत्र के सोनपार गांव के प्रधान श्याम अवध मौर्य के खिलाफ अध्यक्ष निर्माण समिति जितेंद्र पाठक, अध्यक्ष जल प्रबंधन समिति सुदामा मौर्य सहित अन्य लोगों ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र दिया था। शिकायत के आधार पर डीएम द्वारा गठित टीम ने जांच की।
जांच रिपोर्ट में यह पुष्टि हुई कि प्रधान ने नियमों की अनदेखी करते हुए विकास कार्यों में वित्तीय अनियमितता की, साथ ही मनरेगा के 16,743 रुपये हड़पने और पद का दुरुपयोग करने का दोषी पाया गया। इसी आधार पर डीपीआरओ ने 14 नवंबर को प्रधान से स्पष्टीकरण मांगा और स्पष्टीकरण प्राप्त होने के बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
इसी क्रम में पल्हना विकास खंड के महुवारी गांव के प्रधान के खिलाफ अजय कुमार सिंह ने शिकायत दर्ज कराई थी। जांच अधिकारियों ने पाया कि प्रधान द्वारा जॉब कार्ड में लापरवाही बरतते हुए मनरेगा के 69,380 रुपये का दुरुपयोग किया गया और स्ट्रीट लाइट व्यवस्था में भी फर्जीवाड़ा सामने आया। रिपोर्ट के आधार पर डीपीआरओ ने महुवारी प्रधान को नोटिस जारी कर 15 दिन के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
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