आजमगढ़। जिले के कंधरापुर क्षेत्र के ग्राम मीरिया रेहड़ा में स्थापित श्री बाबा गोरखनाथ कृपा मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड डेयरी प्रोजेक्ट का आज भव्य उद्घाटन किया गया। इस डेयरी के शुरू होने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलने के साथ-साथ बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यहां से प्रतिदिन दूध दिल्ली की मदर डेयरी को भेजा जाएगा, जिससे स्थानीय पशुपालकों को सीधा लाभ मिलेगा।
मिली जानकारी के अनुसार डेयरी के प्रबंधक अजय कुमार सिंह ने बताया कि इस प्लांट से लगभग 1 लाख लीटर दूध प्रतिदिन दिल्ली भेजने की व्यवस्था की गई है। इसके लिए 8 टैंकर और 35 पिकअप वाहन लगाए गए हैं, जो गांव-गांव जाकर पशुपालकों के घरों से दूध संग्रह करेंगे। इस योजना से 165 गांवों को जोड़ा गया है, जिससे हजारों लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। इस पूरी व्यवस्था में 3833 महिला सदस्य भी सक्रिय रूप से जुड़ी हैं, जो इस पहल को महिला सशक्तिकरण का मजबूत उदाहरण बनाती हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उद्घाटन के दौरान कहा कि यह डेयरी केंद्र 56 हजार बहनों की मेहनत का परिणाम है और आत्मनिर्भरता का सशक्त संदेश दे रहा है। उन्होंने डेयरी प्रबंधन की सराहना करते हुए कहा कि जब महिलाएं आत्मनिर्भर बनती हैं तो एक पूरा परिवार आत्मनिर्भर होता है। विकसित भारत के निर्माण के लिए महिलाओं का सशक्त और आत्मनिर्भर होना बेहद जरूरी है।
]]>आजमगढ़ (अतरौलिया)। ग्रामीण पुनर्निर्माण संस्थान द्वारा स्मार्ट क्लासरूम कार्यक्रम के अंतर्गत आजमगढ़ जिले के विकास खंड अतरौलिया, अहिरौला, कोयलसा, पवई एवं फूलपुर में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस वर्ष की थीम “उज्ज्वल भविष्य के लिए बालिकाओं का सशक्तिकरण” रही।
कार्यक्रम कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों के साथ-साथ संस्था द्वारा संचालित ज्ञान का पिटारा कार्यक्रम से जुड़े 11 उच्च प्राथमिक एवं प्राथमिक विद्यालयों में आयोजित किया गया। इस दौरान छात्राओं से संवाद कर शिक्षा के महत्व, आत्मनिर्भरता और समान अवसरों पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि कस्तूरबा गांधी विद्यालय कोयलसा की वार्डेन गीता यादव, पवई की स्नेहलता मौर्या, अतरौलिया की अनामिका कुशवाहा तथा प्राथमिक विद्यालय सरदहा के प्रधानाध्यापक राकेश सिंह सहित अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं। सभी वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा ही विकास की कुंजी है, जिसके माध्यम से बेटियां न केवल अपने सपनों को साकार कर सकती हैं, बल्कि समाज की सोच को भी बदल सकती हैं।
शिक्षकों ने छात्राओं को साक्षर, शिक्षित, स्वावलंबी, तकनीकी रूप से दक्ष एवं आत्मविश्वासी बनने के लिए प्रेरित किया। वहीं संस्था की कार्यकर्ता कृष्णा ने सुरक्षित एवं असुरक्षित स्पर्श पर जानकारी देते हुए कहा कि लिंग आधारित भेदभाव की शुरुआत अनजाने में बचपन से ही हो जाती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि बच्चियों को गुड़िया या किचन सेट और बालकों को बंदूक या मोटर कार जैसे खिलौने देना भी भेदभाव का संकेत है।
उन्होंने समाज से लिंग आधारित असमानता का विरोध करने की अपील करते हुए कहा कि बेटियों और महिलाओं को समान अवसर एवं सुरक्षित वातावरण देना समय की मांग है। कार्यक्रम में छात्राओं को 1090, 1098, 112, 1076 एवं 1930 जैसी हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी भी दी गई
कार्यक्रम में नवजात बच्चियों को बेबी किट, कम्बल और मिठाई उपहार स्वरूप वितरित किए गए, जबकि उनकी माताओं को शॉल देकर सम्मानित किया गया। डॉ. मौर्या ने माताओं को आश्वासन दिया कि बेटियां बेटों से कम नहीं हैं और इन्हें बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा की आवश्यकता है, ताकि ये समाज, देश और राष्ट्र के निर्माण में बराबर योगदान दे सकें।
उन्होंने कहा कि परंपरागत सोच बदलने पर जोर देते हुए कहा कि तभी बेटा-बेटी के अंतर को समाप्त किया जा सकता है। कार्यक्रम में जिला प्रोबेशन अधिकारी ने कन्या सुमंगला योजना के तहत बच्चियों की पढ़ाई के लिए 6 श्रेणियों में कुल 25,000 रुपये प्रदान किए जाने की जानकारी दी।
कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी, संजय कुमार शाही (प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर, चाइल्ड हेल्पलाइन आजमगढ़), प्रीति उपाध्याय (डिस्ट्रिक मिशन कोऑर्डिनेटर आजमगढ़) और सरिता पाल (केंद्र प्रबंधक वन स्टॉप सेंटर आजमगढ़) भी उपस्थित रहे।
जनसुनवाई में पीड़ित महिलाओं को भरोसा दिलाया गया कि उन्हें डरने की आवश्यकता नहीं है। महिलाओं को सशक्त, मजबूत, स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया तथा यह संदेश दिया गया कि राज्य महिला आयोग उनके साथ खड़ा है।
इसके पश्चात अटल आवासीय विद्यालय गम्भीरवन का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उपस्थिति पंजिका की जांच में सभी कर्मचारी उपस्थित पाए गए। रसोईघर का भी निरीक्षण किया गया, जहां व्यवस्थाएं संतोषजनक और साफ-सफाई व्यवस्थित पाई गई। बच्चों से बातचीत में छात्रों ने बताया कि विद्यालय में उन्हें समय पर नाश्ता व भोजन मिलता है और पढ़ाई भी सुचारु रूप से हो रही है। बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने और जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया। इस अवसर पर बच्चों के साथ वृक्षारोपण भी किया गया।
इसके बाद जिला कारागार आजमगढ़ का निरीक्षण हुआ, जहां व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित पाई गईं। विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपनी-अपनी योजनाओं की जानकारी दी।
जिला प्रोबेशन अधिकारी द्वारा महिला कल्याण विभाग की योजनाओं मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, निराश्रित महिला पेंशन, मुख्यमंत्री बाल सेवा, स्पॉन्सरशिप योजना और वन स्टॉप सेंटर की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में क्षेत्राधिकारी सदर, उप जिलाधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित
आज़मगढ़। महिला शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी अग्रसेन महिला महाविद्यालय में आज महिलाओं की आवाज़ और आत्मविश्वास गूंज उठा। अवसर था महिला सशक्तिकरण, चुनौतियां एवं समाधान विषय पर आयोजित भाषण प्रतियोगिता का, जिसमें जनपद के 12 इंटर कॉलेजों की छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती व महाराजा अग्रसेन की प्रतिमा पर दीप प्रज्ज्वलन व माल्यार्पण से हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए डॉ. दीपिका दूबे ने कहा कि प्रतियोगिता का उद्देश्य महिलाओं में समानता, स्वतंत्रता और अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाना है। भाषण प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागियों ने लैंगिक समानता, आर्थिक आत्मनिर्भरता, स्त्री अस्मिता, सामाजिक व राजनीतिक भूमिकाओं और भावनात्मक सशक्ति पर अपने विचार रखे। साथ ही सरकारी योजनाएं बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, उज्ज्वला योजना, महिला शक्ति केंद्र योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, स्टैंड अप इंडिया का उल्लेख करते हुए नारी विकास की दिशा पर प्रकाश डाला।
प्रतियोगिता में राबिया दाउद (शिब्ली गर्ल्स इंटर कॉलेज) ने प्रथम, इकरा अयूब (अग्रसेन कन्या इंटर कॉलेज) ने द्वितीय, और जान्हवी वर्मा (अग्रसेन कन्या इंटर कॉलेज) ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं पोस्टर प्रतियोगिता में ईशा राजभर, तसमिया दीन और महिमा साहनी क्रमशः प्रथम, द्वितीय व तृतीय रहीं।
इस अवसर पर प्रबंधक सुधीर अग्रवाल ने कहा कि महिला सशक्तिकरण कोई विकल्प नहीं, बल्कि आवश्यकता है। आधी आबादी को सशक्त किए बिना कोई देश समृद्ध नहीं हो सकता।
कार्यक्रम के समापन पर प्राचार्य प्रो. निशा कुमारी ने सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि महिला सशक्तिकरण का अर्थ पुरुषों से प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि समान अधिकारों और अवसरों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलना है।
]]>उपाधीक्षक प्रशिक्षु अरुण पाराशर और थाना कप्तानगंज की मिशन शक्ति टीम ने छात्राओं को महिलाओं से संबंधित सरकारी योजनाओं, साइबर सुरक्षा तथा हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी। टीम ने बताया कि महिला हेल्पलाइन 1090, पुलिस आपात सेवा 112, एम्बुलेंस 108 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 जैसी सेवाएँ हर जरूरतमंद महिला और बच्ची के लिए 24 घंटे उपलब्ध हैं।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को सोशल मीडिया पर सावधानी बरतने, किसी भी प्रकार की ऑनलाइन धोखाधड़ी या उत्पीड़न की स्थिति में तुरंत रिपोर्ट करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
अधिकारी ने कहा कि मिशन शक्ति अभियान का उद्देश्य महिलाओं और छात्राओं को सशक्त, आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाना है, ताकि वे निर्भीक होकर समाज में अपनी भूमिका निभा सकें।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 20 सितम्बर 2025 को शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर मिशन शक्ति फेज–5.0 का शुभारम्भ किया गया था। इसी क्रम में आज वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण एवं नोडल अधिकारी मिशन शक्ति चिराग जैन तथा पर्यवेक्षण अधिकारी आस्था जायसवाल, क्षेत्राधिकारी सदर के नेतृत्व में अभियान संचालित किया गया।
इस दौरान जिले की समस्त एंटी रोमियो टीमों ने पार्कों, भीड़भाड़ वाले स्थानों, बाजारों, मॉल्स एवं चिन्हित हॉट-स्पॉट क्षेत्रों में चेकिंग अभियान चलाया और संदिग्ध व्यक्तियों पर निरोधात्मक कार्रवाई की।
महिला बीट पुलिस अधिकारियों ने आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों, बीसी सखी, लेखपाल, एएनएम, आशा वर्कर, ग्राम पंचायत अधिकारी और रोजगार सेवकों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए ग्राम, वार्ड एवं न्याय पंचायत स्तर पर चौपाल लगाई।
इन चौपालों में महिलाओं एवं बालिकाओं को मिशन शक्ति केन्द्र, महिला हेल्पलाइन नंबर (1090, 181, 112 आदि), सरकारी योजनाओं, महिला सुरक्षा से संबंधित कानूनों और साइबर क्राइम से बचाव के उपायों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
आज़मगढ़। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण एवं नोडल अधिकारी मिशन शक्ति श्री चिराग जैन तथा क्षेत्राधिकारी सदर एवं पर्यवेक्षण अधिकारी श्रीमती आस्था जायसवाल के नेतृत्व में परिवार परामर्श प्रकोष्ठ/नई किरण प्रोजेक्ट की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में आवेदिका उर्मिला पत्नी कैलाश, निवासी ग्राम उमरी कला, थाना गम्भीरपुर द्वारा दिये गए शिकायती प्रार्थना पत्र पर कार्रवाई की गई। आवेदिका की पुत्री रेखा ने अपने पति दिलीप सरोज पुत्र श्रीराम, निवासी पुरन्दरपुर, थाना सरायमीर के विरुद्ध शराब पीकर गाली-गलौज करने, मारपीट करने और भरण-पोषण न देने की शिकायत दर्ज कराई थी। दोनों पक्षों को फोन और नोटिस द्वारा मीडिएशन हेतु बुलाया गया। बैठक में पति-पत्नी दोनों की एक साथ और पृथक-पृथक काउंसलिंग की गई, जिसमें पति ने स्वीकार किया कि छोटी-छोटी बातों को लेकर मतभेद हो जाते हैं, लेकिन वह अपनी सामर्थ्य के अनुसार खर्च करता है, जबकि पत्नी ने अपनी भावनाओं और अपेक्षाओं को स्पष्ट रूप से व्यक्त किया।
परिवार परामर्श प्रकोष्ठ की टीम ने अथक प्रयासों के माध्यम से दोनों पक्षों के बीच समझौता कराया और आवेदिका को सकुशल विदाई दी गई। नई किरण प्रोजेक्ट के तहत बिखरे हुए परिवारों को पुनः एक सूत्र में जोड़ने का कार्य निरंतर जारी है। यह पहल न केवल सामाजिक सौहार्द स्थापित करने में सहायक है, बल्कि पारिवारिक न्यायालयों के कार्यभार को भी कम करती है।
पुलिस ने एक समझौते रेखा पत्नी दिलीप, निवासी पुरन्दरपुर, थाना सरायमीर, जनपद आजमगढ़ का कराया। मिशन शक्ति 5.0 अभियान के अंतर्गत यह प्रयास जनपद आजमगढ़ पुलिस द्वारा समाज में पारिवारिक सौहार्द और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सार्थक कदम है।
]]>आजमगढ़। मिशन शक्ति फेज़ 5.0 के अन्तर्गत आजमगढ़ पुलिस द्वारा शुक्रवार को ‘Run For Empowerment’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन एवं अपर पुलिस अधीक्षक नगर मधुवन कुमार सिंह ने पुलिस लाइन से हरी झंडी दिखाकर किया।

यह दौड़ पुलिस लाइन से प्रारंभ होकर घंटाघर चौराहा, अग्रसेन चौराहा, कोतवाली, बड़ादेव तिराहा, कालीचौरा तिराहा, डीएवी कॉलेज, गांधी तिराहा, जीजीआईसी कॉलेज, ट्रेजरी चौराहा और कलेक्ट्रेट चौराहा से होते हुए पुनः पुलिस लाइन पर समाप्त हुई।
इस दौड़ में जनपद के विभिन्न विद्यालयों की 500 से अधिक छात्राओं एवं पुलिस कर्मियों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने ‘नारी सुरक्षा – नारी सम्मान’ , ‘बेटी बचाओ – बेटी पढ़ाओ’, महिला सशक्तिकरण ही राष्ट्र सशक्तिकरण जैसे नारों के माध्यम से समाज को जागरूक किया।

अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन ने इस अवसर पर कहा कि महिला सुरक्षा और सम्मान केवल पुलिस की नहीं बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। मिशन शक्ति का उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित और आत्मनिर्भर वातावरण प्रदान करना है।

कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन द्वारा प्रशस्ति पत्र व मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर रिजर्व महिला आरक्षी अंजू देवी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि रिजर्व महिला आरक्षी सरला को द्वितीय एवं रिजर्व महिला आरक्षी नंदनी गुप्ता को तृतीय स्थान मिला।
इस मौके पर क्षेत्राधिकारी सदर आस्था जायसवाल, क्षेत्राधिकारी नगर शुभम तोदी, क्षेत्राधिकारी फूलपुर किरन पाल सिंह, प्रतिसार निरीक्षक सहित अन्य अधिकारी एवं पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
]]>
आज़मगढ़। उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश पर चलाए जा रहे मिशन शक्ति फेज-5.0 के अंतर्गत आजमगढ़ जिले में महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन को लेकर विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हेमराज मीना के नेतृत्व में इस अभियान के तहत जिले के सभी थानों में पुलिस पाठशाला व चौपाल आयोजित की गईं।
इसके साथ ही जनसुनवाई पोर्टल, स्थानीय थानों की महिला हेल्प डेस्क तथा राज्य/राष्ट्रीय महिला आयोग की भूमिका से भी महिलाओं को अवगत कराया गया। मिशन शक्ति अभियान के तहत यह पहल न सिर्फ महिला सुरक्षा को मजबूती दे रही है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी प्रेरित कर रही है।
इस दौरान महिलाओं व छात्राओं को घरेलू हिंसा से संरक्षण, दहेज प्रतिषेध, कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न की रोकथाम, बाल विवाह निषेध, पॉक्सो एक्ट तथा महिला गरिमा के खिलाफ होने वाले अपराधों के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम में महिला संबंधित अपराधों की शिकायत हेतु आवश्यक हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई, जिनमें वीमेन पावर लाइन (1090), पुलिस आपातकालीन सेवा (112), सीएम हेल्पलाइन (1076), चाइल्ड हेल्पलाइन (1098), वन स्टॉप सेंटर (181), साइबर हेल्पलाइन (1930), स्वास्थ्य सेवा (102), एम्बुलेंस सेवा (108) शामिल हैं।
]]>