केराकत तहसील का गांव डेहरी अचानक सुर्खियों में आ गया है। जब इस गांव के नौशाद अहमद ने शादी के कार्ड पर नौशाद अहमद दुबे लिखकर सभी का ध्यान खींचा। उनका कहना है कि उनके पूर्वज पूर्व में हिंदू थे, इसलिए अब वह अपने नाम के साथ अपने गोत्र का नाम भी लिख रहे हैं। इसे लेकर पूरे इलाके में चर्चा का बाजार गर्म है।
नौशाद अहमद दुबे ने बताया कि सात पीढ़ी पहले हमारे पूर्वजों में से एक लाल बहादुर दुबे से पीढ़ियां मुसलमान में परिवर्तित हो गई थीं। वह अपना नाम लाल मोहम्मद लिखने लगे। नौशाद के पूर्वज आजमगढ़ से आए थे। पूवर्जी के बारे में जानकारी होने पर उन्होंने कहा कि एक हिंदू संस्था से जुड़कर हिंदू-मुस्लिम धर्म के बीच एक सौहार्द के माहौल में रह रहे हैं।
गांव के दूसरे निवासी सैय्यद शांडिल्य, अब्दुल्लाह दुबे, इरशाद पांडेय, ठाकुर गुफरान और इसरार अहमद दुबे का कहना है कि हम सभी से अपील करेंगे कि अपनी जड़ों से जुड़ें। नौशाद ने बताया कि भारत में तो नहीं, लेकिन विदेशों में रह रहे भतीजे और अन्य रिश्तेदारों को हमारे टाइटल बदलने के मामले को लेकर धमकियां मिल रही हैं, जिसका हमें कोई खौफ नहीं है।
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