पुलिस लाइन में वामा सारथी के तत्वाधान में आयोजित ब्लड डोनेशन कैम्प का उद्घाटन पुलिस उपमहानिरीक्षक आजमगढ़ परिक्षेत्र की धर्मपत्नी मीनाक्षी सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ की धर्मपत्नी दीपशिखा द्वारा किया गया। इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण की धर्मपत्नी मोहिता और क्षेत्राधिकारी नगर की धर्मपत्नी अंजली के साथ पुलिस परिवार की कई महिलाएँ मौजूद रहीं।
उद्घाटन के बाद जनपद में प्रशिक्षण प्राप्त कुल छह रिक्रूट महिला आरक्षियों सहित पुलिस परिवार के अन्य सदस्यों ने स्वैच्छिक रक्तदान कर कैम्प की शुरुआत की। इस आयोजन का उद्देश्य पुलिस परिवार के स्वास्थ्य और जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करना रहा।
इसी क्रम मे पुलिस लाइन में आयोजित दूसरे स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में भी पुलिसकर्मियों, युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं ने रक्तदान किया। जिसमे 6 महिला रिक्रूट आरक्षी, पुलिस आरक्षी सहित कुल 18 लोगों ने रक्तदान किया। एसएसपी ने बताया कि इस तरह के कार्यक्रम मरीजों के लिए जीवनरक्षक साबित होते हैं और समाज में सेवा की भावना को मजबूत करते हैं।
मीनाक्षी सिंह और दीपशिखा ने कहा कि इन शिविरों का उद्देश्य पुलिस परिवार और आमजन में जागरूकता बढ़ाना है, ताकि जरूरतमंदों तक समय पर सहायता पहुँच सके। मोहिता और अंजली ने भी उपस्थित पुलिस परिवारजनों को वामा सारथी के उद्देश्य और सामाजिक महत्व से अवगत कराया।
]]>जिलाधिकारी ने कहा कि रक्तदान एक महान कार्य है, जिससे जरूरतमंद व्यक्ति का जीवन बचाया जा सकता है। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में रक्तदान करने की अपील की। कहा कि रक्तदान से 48 घंटे के भीतर शरीर में रक्त की भरपाई हो जाती है और इससे स्वास्थ्य भी बेहतर रहता है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में एक बार में तीन व्यक्ति ही रक्तदान कर सकते हैं और एक घंटे में करीब 18 से 20 व्यक्ति ब्लड डोनेट कर पाते हैं। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि ऐसी व्यवस्था की जाए जिससे एक बार में 10 से 15 लोग रक्तदान कर सकें। इसके लिए आवश्यक धनराशि क्रिटिकल गैप से उपलब्ध कराने की सहमति दी गई है ताकि जल्द बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार हो सके और रक्तदाताओं को इंतजार न करना पड़े।
रक्तदान करने वाले दाताओं को प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए। इस मौके पर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन.आर. वर्मा, एसआईसी मंडलीय चिकित्सालय आजमगढ़, अधिकारी-कर्मचारी और कई स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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