आजमगढ़। कहते हैं ‘नाव अभी बनी नहीं और पतवार थामने वालों में पहले ही झगड़ा शुरू हो गया’ और इन दिनों यह कहावत आजमगढ़ की राजनीति पर बिल्कुल फिट बैठ रही है। 1279 करोड़ के दक्षिण-पूर्व बाईपास (रिंग रोड) ने शहर की सियासत में आग लगा दी है। सड़क बनने से पहले ही श्रेय की रेस में नेता आमने-सामने आ गए हैं। मंत्रालय के दो पत्र सामने आते ही सियासी पारा हाई हो गया। अब लड़ाई सड़क पर नहीं, सीधे फेसबुक की दीवारों पर लड़ी जा रही है।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने आजमगढ़ में 15 किलोमीटर लंबे 4-लेन दक्षिण-पूर्व बाईपास (रिंग रोड)को मंजूरी दी है, जिसकी लागत करीब 1279.13 करोड़ रुपये है। यह सड़क शहर को जाम से राहत दिलाने और विकास की रफ्तार बढ़ाने वाली बताई जा रही है। लेकिन बाईपास बनने से पहले ही इसके श्रेय को लेकर नेताओं में ऐसी खींचतान शुरू हो गई है कि मामला अब सीधे सोशल मीडिया की अदालत में पहुंच चुका है।
पूर्व सांसद दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ और सपा सांसद धर्मेंद्र यादव—दोनों के समर्थक इस परियोजना का हीरो बताने में जुटे हैं। विवाद तब और भड़क गया जब मंत्रालय के मंत्री नितिन गडकरी के दो अलग-अलग पत्र सामने आए, दोनों की तारीख 2 फरवरी और पत्रांक संख्या 03451 एक जैसी। बस फिर क्या था… सपा समर्थक फेसबुक पर निरहुआ को ‘झूठा’ बताकर पोस्टों की बाढ़ ला रहे हैं, तो वहीं भाजपा समर्थक भी पलटवार में पूरी ताकत झोंक चुके हैं। कमेंट बॉक्स रणभूमि बन गया हैकहीं ‘फर्जी श्रेय’ तो कहीं ‘असली सांसद’ के नारे उड़ रहे हैं। कई तो अति उत्साह में आपत्तिजनक बातों को भी पोस्ट कर दिए है।
पोस्ट पर पोस्ट और कमेंट पर कमेंट सोशल प्लेटफार्म फेसबुक अब डिजिटल कुश्ती अखाड़ा बन चुका है। हर स्क्रीनशॉट के साथ सियासत और गर्म हो रही है। समर्थक अपने-अपने नेताओं को विकास पुरुष साबित करने में जुटे हैं। यही नही बीती रात दोनों तरफ से कुछ ऐसे लोग भी प्रकट हुए और बयान भी ऐसे दे रहे थे मानों पार्टी ने तुरंत उन्हें प्रवक्ता घोषित कर दिया हो। लेकिन इन सब के बीच आम जनता पूछ रही है। सड़क कब बनेगी ? राजनीति कब थमेगी?
दिलचस्प बात यह है कि दोनों सांसद फिलहाल खामोश हैं, लेकिन उनके समर्थक ऐसे भिड़े हुए हैं जैसे जंग के मैदान में उतर आए हों। कोई किसी से कम नहीं है। कोई पोस्ट को जीत बता रहा है, तो कोई कमेंट को करारा जवाब मान रहा है। हालात ऐसे हैं मानो फेसबुक पर नहीं, सियासी युद्धभूमि में ट्रॉफी की लड़ाई चल रही हो। हर समर्थक अपने नेता को विजेता घोषित करने में लगा है, भले ही सड़क अभी कागजों में ही दौड़ रही हो। आजमगढ़ में रिंग रोड भले बनना शुरू नहीं हुआ हो, लेकिन सोशल मीडिया पर सपा–भाजपा समर्थक जीत का जश्न अभी से मनाते दिख रहे हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि समर्थकों की सोशल लड़ाई कब शांत होती है और रिंग रोड कब बनना शुरू होता है।
कारण, अभी तो ये अंगड़ाई है, आगे शिलान्यास और उदघाटन की लड़ाई बाकी है।
]]>पूर्व सांसद ने कहा कि 15 किलोमीटर लंबे रिंग रोड (चालान दक्षिण-पूर्व बाईपास) परियोजना को लेकर केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी द्वारा 1279.13 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। उन्होंने बताया कि जब वह वर्ष 2022 से 2024 तक आजमगढ़ के सांसद थे, उसी दौरान इस सड़क की मांग की गई थी और डीपीआर भी तैयार कराई गई थी।
इस मामले में सपा सांसद धर्मेंद्र यादव की टीम द्वारा श्रेय लेने के सवाल पर निरहुआ ने कहा कि सांसद धर्मेंद्र यादव सब कुछ जानते हैं, लेकिन श्रेय लेने का काम वे स्वयं नहीं बल्कि उनके समर्थक कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही नितिन गडकरी को आजमगढ़ लाया जाएगा और वह खुद बताएंगे कि यह सड़क परियोजना किसके प्रयास से स्वीकृत हुई। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि एक फोटो रेल मंत्री के साथ भी खिंचवा लें, क्योंकि आने वाले समय में रेल मंत्री भी जिले को बड़ी सौगात देने वाले हैं।
पूर्व सांसद ने कहा कि भाजपा सरकार ने आजमगढ़ को विश्वविद्यालय और संगीत महाविद्यालय जैसी सौगातें दी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लगातार विकास कार्य हो रहे हैं और आने वाले समय में जिले को और भी बड़ी योजनाएं मिलने वाली हैं।
उन्होंने कहा कि बिहार और महाराष्ट्र में भाजपा जीत हासिल कर चुकी है, अब पश्चिम बंगाल भी जीतेंगे और उसके बाद उत्तर प्रदेश का विधानसभा चुनाव भी भाजपा ही जीतेगी। देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में निरंतर काम हो रहा है और आगे और भी विकास कार्य होंगे। यही वजह है कि 2027 में भी आजमगढ़ में कमल खिलेगा।
SIR प्रक्रिया पर विपक्ष के सवालों पर जवाब देते हुए निरहुआ ने कहा कि निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए यह प्रक्रिया जरूरी है। उन्होंने दावा किया कि कई जगह एक ही परिवार में चार लोग रहते थे, लेकिन मतदाता सूची में छह नाम दर्ज थे, ऐसे मामलों को ठीक करने के लिए SIR लागू की गई है।
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