आजमगढ़। नौ दिन चले अढ़ाई कोस, लेकिन आज़मगढ़ प्रशासन दो साल में भी अढ़ाई कोस नहीं चल सका। जी हां, मार्टीनगंज तहसील से जुड़े वायरल वीडियो ने प्रशासन के भीतर बयानबाज़ी का ऐसा रंग दिखाया है कि लोगों की ज़ुबान पर एक ही कहावत तैरने लगी है
‘न खाता न बही, जो हम कहें वही सही।‘
एक तरफ जिला मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी चेंबर में शराब पी रहे ऑपरेटर की सेवा समाप्त कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ एसडीएम पूरे मामले को पुराना और पहले ही निपटाया हुआ बता रही हैं। होली से पहले उठे इस विवाद ने प्रशासनिक व्यवस्था के कामकाज पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
दरअसल पूरा मामला यह है कि दैनिक समाचार पत्र अमर उजाला ने 28 फरवरी के अंक में एसडीएम के चेंबर में जाम छलकाने की खबर प्रकाशित की। बाद में इसी खबर का अनुसरण अन्य लोगों ने वीडियो/फोटो के माध्यम से किया। वायरल वीडियो एसडीएम के चेंबर के भीतर का बताया जा रहा था, जिसमें मेज पर एक शराब की बोतल, तीन पानी की बोतलें, एक नमकीन का पैकेट और तीन गिलास रखे दिखाई दे रहे हैं। साथ ही एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति से सिगरेट लेते हुए भी नजर आ रहा है। सरकारी कार्यालय के भीतर इस तरह की गतिविधि सामने आने से प्रशासन की छवि पर सवाल खड़े हुए। प्रकाशित खबर में एसडीएम का पक्ष भी अजीब था। या तो उन्होंने वीडियो को देखा नहीं या कहें हड़बड़ी में बयान दिया कि बिजली चले जाने के बाद किसी ने चेंबर में शराब की बोतल आदि रखकर वीडियो शूट कर वायरल किया।
इधर शनिवार को होली की छुट्टी होने वाली थी। दोपहर बाद अधिकारी-कर्मचारी होली के उल्लास में डूबे थे, लेकिन जिला मुख्यालय से लेकर मार्टीनगंज तक प्रशासनिक महकमे में कुछ अलग ही कहानी लिखी जा रही थी। जिला मुख्यालय पर एडीएम प्रशासन राहुल विश्वकर्मा ने बताया कि मार्टीनगंज तहसील में तैनात संविदाकर्मी अंकित सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो की गंभीरता को देखते हुए उसका संज्ञान लिया गया और प्रारंभिक जांच के बाद संबंधित संविदाकर्मी की सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई।
वहीं शाम करीब 6 बजे सूचना विभाग ने एसडीएम मार्टीनगंज का एक वीडियो/बयान जारी किया। इसमें एसडीएम दिव्या सिकरवार ने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो करीब दो वर्ष पुराना है और मार्च 2024 का है। उनके अनुसार, उस समय पूरे मामले की जांच कराई जा चुकी थी और आख्या उच्चाधिकारियों को भेज दी गई थी। एसडीएम ने लोगों से अपील की कि पुराने वीडियो को दोबारा वायरल न किया जाए।
अब सवाल यह उठ रहा है कि अगर जांच और कार्रवाई पहले ही हो चुकी थी, तो जिला मुख्यालय से दोषी ऑपरेटर पर अब कार्रवाई की बात क्यों सामने आई?
इसी विरोधाभास के चलते लोग कहने लगे हैं।
न खाता न बही, जो हम कहें वही सही।
बहरहाल, अब क्या दूध, क्या दही, क्या गलत, क्या सही। सभी को रंग के त्योहार होली की शुभकामनाएं।
]]>एसडीएम दिव्या सिकरवार ने बताया कि वायरल वीडियो पुरानी तहसील के भवन का है और यह मार्च 2024 का है। उस समय मार्टीनगंज तहसील में तैनात तत्कालीन एसडीएम द्वारा पूरे मामले की जांच कराई गई थी। जांच के बाद संबंधित आख्या उच्चाधिकारियों को भेज दी गई थी। इसके बावजूद अब इस पुराने वीडियो को दोबारा सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जा रहा है, जिससे तहसील और प्रशासन की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
बताते चलें कि वायरल वीडियो में कथित रूप से एसडीएम के चैंबर के अंदर एक शराब की बोतल, तीन पानी की बोतलें, एक नमकीन का पैकेट और ग्लास रखे हुए दिखाई दे रहे हैं। इसके साथ ही वीडियो में एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति से सिगरेट लेते हुए भी नजर आ रहा है।
एसडीएम ने लोगों से अपील की है कि पुराने वीडियो को आगे साझा न किया जाए, ताकि अनावश्यक भ्रम और अफवाहों से बचा जा सके।
]]>मामले को लेकर एसडीएम दिव्या सिकरवार ने अपना पक्ष रखते हुए बताया कि लाइट जाने के बाद किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनके चेंबर में शराब की बोतल, पानी की बोतलें और ग्लास रख दिए थे। जैसे ही लाइट आई, उसी दौरान किसी ने वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। एसडीएम का कहना है कि यह पूरी घटना साजिश के तहत की गई प्रतीत होती है।
एसडीएम दिव्या सिकरवार ने कहा कि मामले की गंभीरता से जांच कराई जा रही है। जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
]]>आजमगढ़। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें खुद को सपा का बूथ अध्यक्ष बताने वाले राजेश यादव ‘रोमियो’ नामक व्यक्ति ने मेंहनगर की सपा विधायक पूजा सरोज पर 15 हजार रुपये कमीशन लेकर लाइट लगवाने का आरोप लगाया।
वीडियो में आरोप लगाया गया कि विधायक के नाम पर स्वीकृत लाइट को पैसे लेकर गोलू यादव के निजी आवास पर लगवा दिया गया, जबकि वह स्थान आम जनता के किसी काम का नहीं है।
वीडियो वायरल होने के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई। आरोप लगाने वाले व्यक्ति ने यह भी कहा कि पूर्व विधायक के कार्यकाल में भी इसी तरह पैसे लेकर लाइटें लगवाई जाती थीं। साथ ही खुद को सपा का बूथ अध्यक्ष बताते हुए उसने पूरे मामले की जांच की मांग की।
इस संबंध में जब मेंहनगर विधायक पूजा सरोज से बात की गई तो उन्होंने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि उन्हें इस पूरे मामले की कोई जानकारी नहीं है। अगर किसी को शिकायत है तो सीधे सामने आकर बात करे, ताकि सच्चाई सामने आ सके। उन्होंने कहा कि यह सवाल उनसे पूछने के बजाय क्षेत्र की जनता से पूछा जाना चाहिए कि उन्होंने क्या काम किया है।
वहीं टिकट को लेकर उठ रहे सवालों पर विधायक ने कहा कि उनकी सास काफी पहले से समाजवादी पार्टी की सक्रिय कार्यकर्ता रही हैं, इसी कारण पार्टी ने उन्हें प्रत्याशी बनाया। उन्होंने दोहराया कि लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं और यदि कोई व्यक्ति आरोप लगा रहा है तो उसे खुलकर सामने आना चाहिए।
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रिपोर्ट: अरुण यादव
आज़मगढ़। सड़क पर रील बनाने और दिखावे के लिए स्टंटबाजी करने वालों का जमाना खत्म,
आजमगढ़ पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को पकड़ते ही स्टंटबाजों और अवयस्क चालकों पर शिकंजा कस दिया। वाहन सीज़, भारी चालान और कानूनी कार्रवाई की है। जिले में जो रफ्तार और स्टंट के चक्कर में अपनी और दूसरों की जान जोखिम में डालते हैं, उनके लिए अब छूट नहीं। पुलिस ने ऐसे दो बाइक पर जंहा भारी भरकम जुमाना लगाया वही दोनों बाइकों को सीज भी कर दिया।
बुधवार को अपर पुलिस अधीक्षक यातायात आजमगढ़ के नेतृत्व में जनपद में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं और रात्रिकालीन सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कठोर कार्रवाई की गई। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को आधार बनाकर प्रभारी निरीक्षक यातायात ने अवयस्क चालक और स्टंटबाजी करने वाले चालक के खिलाफ विधिक कार्रवाई की।
अवयस्क चालक, जिसने दोपहिया वाहन चलाया, के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम के तहत वाहन सीज़ कर चालान ₹7,000/- किया गया और वाहन थाना बिलरियागंज में निरुद्ध किया गया।
वहीं दुर्गेश निषाद, पुत्र राम अनुज निषाद, निवासी ग्राम अभनपट्टी नैनीजोर, थाना रौनापार, ने सार्वजनिक मार्ग पर स्टंटबाजी की, जिसके लिए उसका दोपहिया को भी मोटर वाहन अधिनियम के तहत सीज़ कर चालान ₹10,000/- किया गया और वाहन थाना रौनापार में निरुद्ध किया गया।
यातायात पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें, अवयस्कों को वाहन न सौंपें और स्टंटबाजी जैसे खतरनाक कृत्यों से दूर रहें। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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आजमगढ़। जिले के रौनापार थाना क्षेत्र के कुसहिया बनहरा गांव में रास्ते के विवाद को लेकर दो पक्षों में मारपीट का वीडियो वायरल होने से क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। वही पुलिस जांच में जुटी है।
मिली जानकारी के अनुसार, गुरुवार शाम लगभग 5:00 बजे मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो रौनापार थाना क्षेत्र के कुसहिया बनहरा गांव का बताया जा रहा है। बताया जा रहा है इसी गांव के दो पक्षों के बीच रास्ते को लेकर विवाद हुआ। विवाद के दौरान मारपीट और गाली-गलौज हुई, जिसका वीडियो किसी ने बना लिया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
वीडियो में दोनों पक्ष आपस में भिड़े हुए हैं। एक पक्ष के निवासी राजकुमार गुप्ता ने आरोप लगाया कि उनके पुराने मकान को तोड़कर नया निर्माण करने पर पड़ोसी ने रास्ता बंद कर दिया, जिससे विवाद बढ़ गया। वहीं, पड़ोसी का दावा है कि विवादित जमीन उनका है।
रौनापार थानाध्यक्ष मंतोष कुमार सिंह ने बताया कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अतरौलिया/आज़मगढ़। कानून का खौफ जब रसूख के आगे बौना पड़ जाए, तो मामूली विवाद भी हैवानियत में बदल जाता है। अतरौलिया थाना क्षेत्र के मदियापार गांव से सामने आई जहां कूड़ा फेंकने जैसे छोटे से विवाद में एक परिवार पर बेरहमी से की गई पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखकर हर किसी के रोंगटे खड़े हो रहे हैं। वहीं जानकारी के बाद 5 आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है और जांच में जुट है।
अतरौलिया के मदियापार गांव निवासी कुमारी नीरज पुत्री वासुदेव ने अतरौलिया थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया है कि कूड़ा फेंकने को लेकर हुए मामूली विवाद में पड़ोसी पक्ष ने एकजुट होकर उसके पूरे परिवार पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इस हिंसक मारपीट में परिवार के कई सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के दौरान मौजूद किसी व्यक्ति ने पूरी वारदात का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल होकर लोगों में आक्रोश पैदा कर रहा है।
पीड़िता का आरोप है कि इस मामले का मुख्य आरोपी लालजीत है, जो ब्लॉक पवई में तैनात ग्राम विकास अधिकारी है और उसी का पड़ोसी भी है। अपने पद और रसूख का फायदा उठाते हुए आरोपी के खिलाफ पुलिस ने शुरुआत में मुकदमा दर्ज करने से इनकार कर दिया। पीड़िता का कहना है कि आरोपी लगातार उस पर मुकदमा वापस लेने का दबाव बना रहा है और जान से मारने की धमकी भी दे रहा है, जिससे उसका परिवार दहशत में है।
न्याय की आस लेकर पीड़िता ने शुक्रवार को अतरौलिया स्थित निरीक्षण भवन में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर से मुलाकात कर पूरे मामले से अवगत कराया और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। पीड़िता ने बताया कि दबंगों के प्रभाव के चलते उसे स्थानीय स्तर पर न्याय नहीं मिल पा रहा है और वह भय के साये में जीवन गुजारने को मजबूर है।
इस पूरे मामले में पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे मारपीट के वीडियो का संज्ञान लिया गया है। वीडियो के आधार पर पांच नामजद आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की।जाएगी
]]>आज़मगढ़। जिले के अतरौलिया थाना क्षेत्र के कटोही गांव में हुई मारपीट का वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस मामले में एक पक्ष की मीरा देवी ने एसएसपी आज़मगढ़ और क्षेत्राधिकारी बूढ़नपुर को शिकायती पत्र सौंपते हुए न्याय की गुहार लगाई है।
पुलिस को दिए गए शिकायती पत्र के अनुसार, बीते मंगलवार की सुबह लगभग 7 बजे बंदना, संजना, चांदनी पुत्रीगण प्रेमनयन, प्रेमा पत्नी तेज बहादुर, शिवांगी व अंशिका ने मीरा देवी व उनकी पुत्री रूबी को लाठी-डंडों से बुरी तरह पीटकर घायल कर दिया। मीरा देवी का कहना है कि यह मारपीट केवल इसलिए की गई क्योंकि चकबंदी के दौरान लगाए गए पत्थर को दीपक आदि लोगों ने उखाड़कर फेंक दिया था, और जब रूबी ने यह सब देखा और शोर मचाया, तो विपक्षी पक्ष ने हमला कर दिया। मीरा देवी ने यह भी आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान विपक्षियों ने जान से मारने की धमकी भी दी।
वहीं, क्षेत्राधिकारी अजय प्रताप सिंह ने बताया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए थानाध्यक्ष अतरौलिया को आवश्यक जांच व कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस का कहना है कि वीडियो की सत्यता की भी जांच कराई जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
]]>आज़मगढ़। नगर के व्यस्त अग्रसेन चौराहे पर दिनदहाड़े हुई मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। वीडियो में कुछ युवक एक व्यक्ति को बीच चौराहे पर मारपीट करते नजर आ रहे हैं।
वायरल वीडियो नगर के अग्रसेन चौराहे का बताया जा रहा है, जहां दो युवकों ने एक व्यक्ति के साथ बीच सड़क पर मारपीट की। चौराहे के एक कोने से दूसरे कोने तक झड़प होती रही, इस दौरान एक व्यक्ति बीच-बचाव की कोशिश करता दिखा, लेकिन जब भीड़ जुटने लगी तो आरोपी मौके से फरार हो गए।
पीड़ित की पहचान गंभीरवन निवासी हरेंद्र भारती के रूप में हुई है, जो नगर के एक शॉपिंग मॉल में काम करते हैं। हरेंद्र ने बताया कि बुधवार को दोपहर करीब ढाई बजे जब वह स्कूटी से मॉल जा रहे थे, तभी सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल के पास गलत दिशा से आ रही एक बाइक ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे में उनकी स्कूटी क्षतिग्रस्त हो गई। उन्होंने जब बाइक सवार से नुकसान की भरपाई की मांग की, तो तभी दो अन्य युवक मौके पर पहुंचे और बाइक सवार को भगा दिया और उनके साथ मारपीट करने लगे।
हरेंद्र के मुताबिक, घटना की जानकारी उन्होंने अपने भाई सुरेंद्र भारती को दी। जब सुरेंद्र मौके पर पहुंचे तो आरोपियों ने एक बार फिर उनके साथ मारपीट करने की कोशिश की। पीड़ित ने बताया कि उन्होंने 112 नंबर पर कॉल की, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। पीड़ित ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
]]>आजमगढ़। शहर कोतवाली क्षेत्र के एलवल मुहल्ले में शुक्रवार शाम एक मामूली सड़क हादसा हिंसक विवाद में बदल गया। कार और ई-रिक्शा की टक्कर के बाद कार चालक ने ई-रिक्शा चालक के साथ मारपीट की और उसे जबरन अपनी गाड़ी में बैठाकर उठाकर ले गया। जिसके बाद इलाके में हड़कम्प मच गया।
बताया गया कि टक्कर के तुरंत बाद कार चालक ने ई-रिक्शा चालक अरुण को दुकान के अंदर पिटाई की। कुछ देर बाद अरुण वापस मौके पर आया और बताया कि कार चालक ने उसे कोतवाली गेट तक ले जाने और पुलिस के हवाले करने की धमकी दी। इसके बाद उसने 800 रुपये नकद और 1000 रुपये ऑनलाइन लेकर छोड़ दिया।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें एक व्यक्ति को दुकान के अंदर युवक को पीटते हुए देखा जा सकता है। वीडियो में मौजूद लोगों ने बताया कि मारपीट करने वाला व्यक्ति कार चालक और पीड़ित ई-रिक्शा चालक अरुण है।
कोतवाल यादवेंद्र पांडेय ने बताया कि मामले की जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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