आज़मगढ़। जिले के सिधारी थाना क्षेत्र के मतौलीपुर गांव में दबंगों ने एक व्यक्ति की जमीन पर बनाई दीवार गिरा दी। घटना का वीडियो वहां लगे सीसीटीवी में कैद हो गया। और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। अधिकारियों ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
सिधारी थाना क्षेत्र के मतौलीपुर गांव में कुछ दबंगों द्वारा दीवार गिराने का वीडियो वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो बीते 5 अक्टूबर का है, जब दुर्गा राय ने अपनी सहन की जमीन पर दीवार का निर्माण कर उस पर छप्पर डाला हुआ था। उसी समय उनके विपक्षी ने उनकी बनाई दीवार को गिरा दिया। यह पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई।
इस मामले में एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि वायरल वीडियो में कुछ लोग एक दीवाल को गिरा रहे है। इस मामले की जांच के लिए निर्देशित किया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
]]>आज़मगढ़। जिले के निजामाबाद तहसील में एक फरियादी से पैसे लेने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद एसडीएम ने कहा कि मामले की जांच कराकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। वायरल वीडियो के बाद लोगों में चर्चा है कि निजामाबाद तहसील में निजी कर्मचारी रखकर अवैध वसूली कराई जा रही है।
शासन का आदेश है कि किसी भी सरकारी कार्यालय में प्राइवेट कर्मचारियों से काम नहीं लिया जाएगा। कुछ दिनों तक विभाग की ओर से तहसीलों में इसकी जांच-पड़ताल भी की गई। कुछ दिनों के बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया। निजी कर्मचारियों से तहसीलों में काम कराया जा रहा है।
फरियादों से वसूली कराई जा रही है। वायरल वीडियो में एक प्राइवेट कर्मचारी फरियादी से रुपये लेते हुए दिखाई दे रहा है। वीडियो कि जब पड़ताल की गई तो पता चला कि वीडियो निजामाबाद तहसील की है। इसमे एक व्यक्ति खुलेआम फरियादी के प्रार्थना पत्र पर एसडीएम निजामाबाद से आदेश कराने के नाम पर रुपये की वसूली कर रहा है।
वीडियो निजामाबाद तहसील के एसडीएम अतुल कुमार गुप्ता के स्टेनो रूम का है। इसमें स्टेनो काम करता है। वीडियो में साफ दिखाई पड़ रहा है कि फरियादी प्रार्थना पत्र लेकर जाता है तो प्राइवेट व्यक्ति उससे पहले पूछता है क्या करना है। आदेश के नाम पर रुपये की मांग करता है।
फरियादी 100 का नोट देता है लेकिन प्राइवेट कर्मचारी लेने से मना कर देता है। जब फरियादी सिफारिश करता है तो प्राइवेट कर्मी 100 रुपये पर मान जाता है। इतना ही नहीं स्टेनो कक्ष में बैठा व्यक्ति यह कहता दिखाई दे रहा कि सुबह से शाम हो गई है अभी तक बोहनी तक नहीं हुई है। कक्ष में बैठे व्यक्ति के बातों से लग रहा कि वह प्रतिदिन स्टेनो कक्ष में बैठकर वसूली करता है।
एसडीएम निज़ामाबाद डॉ0 अतुल कुमार गुप्ता ने बताया किवीडियो की जांच कराई जाएगी। जांच में दोषी पाए जाने वाले के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
]]>मेरठ। मेरठ में दिल्ली-देहरादून हाईवे पर एक बड़े रिसोर्ट में आलीशान निकाह समारोह का आयोजन हुआ। इस निकाह समारोह में सूटकेस में भरकर 2 करोड़ 56 लाख रुपये नकद दहेज में दिए गए। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। वैवाहिक कार्यक्रम में 11 लाख रुपये जूते चुराने की रस्म के नाम पर और आठ लाख रुपये अलग से दिए गए हैं। वायरल वीडियो कर लोगों ने कमेंट किया है कि ऐसे ही लोगों के यहां इनकम टैक्स और ईडी की टीम छापा मारती है। सवाल उठाया है कि इतना कैश कहां से आया और इसका हिसाब-किताब कौन लेगा।
मेरठ में एनएच-58 पर एक बड़े रिसोर्ट में चार दिन पहले इस निकाह का आयोजन किया गया था। बारात गाजियाबाद से मेरठ आई थी। निकाह के दौरान दहेज में युवती के परिजनों ने 2 करोड़ 56 लाख रुपये की नकद रकम दी। रकम को बड़े-बड़े सूटकेस में भरकर लाया गया और इन्हें दूल्हे के परिवार को सुपुर्द किया गया। इस दौरान कुछ लोग वीडियो बना रहे थे। वीडियो में 2.56 करोड़ की रकम होने की बात बताई जा रही थी। वीडियो में सुनाई दे रहा है कि 11 लाख रुपये जूते चुराने की रस्म और आठ लाख रुपये एक धर्मस्थल के नाम पर दिए गए।
वायरल वीडियो पर कमेंट्स कर रहे लोग, क्या होगी कार्रवाई सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो पर लगातार कमेंट आ रहे हैं। लोग कह रहे हैं कि इस तरह के लोगों के यहां ही इनकम टैक्स और ईडी का छापा पड़ता है। वायरल वीडियो को लेकर सवाल उठ रहा है कि आखिर इतना कैश देने वालों ने यह रकम कहां से जुटाई। वीडियो अफसरों तक पहुंच गई है। अधिकारियों का कहना है कि शादी-विवाह परिवार का निजी और पारिवारिक मामला है। यदि किसी पक्ष से कोई शिकायत मिलती है तो उसकी जांच की जा सकती है। शिकायत के आधार पर ही कार्रवाई संभव है।
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