इस अवसर पर घनश्याम पटेल, सचिदानंद सिंह डा श्याम नारायण सिंह, कृष्ण मुरारी विश्वकर्मा,हनुमंत सिंह ,हरिवंश मिश्रा, नागेन्द्र पटेल, पूनम सिंह, हरीश तिवारी, पवन सिंह मुन्ना, विनय प्रकाश गुप्ता, मयंक गुप्ता, कुशुम लता बौद्ध, अवनीश चतुर्वेदी, पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
आज़मगढ़। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की नई जिला इकाइयों के ऐलान के बाद सियासी पारा चढ़ गया है। आज़मगढ़ जिलाध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर पार्टी के अंदर ही विरोध के स्वर उठने लगे हैं। जिससे गुटबाजी खुलकर सामने आ गई है। गुटबाजी का ही असर रहा कि जिला चुनाव अधिकारी के सामने जमकर एक पूर्व जिलाध्यक्ष के पक्ष में नारेबाजी की गई। पूर्व जिलाध्यक्ष के पक्ष में की गई नारेबाजी को पार्टी हाईकमान ने काफी गंभीरता से लिया है । यही नहीं सूत्रों की माने तो पार्टी हाई कमान कार्रवाई के मूड में है।
बताते चले कि रविवार को चुनाव अधिकारी जयपाल जी मस्त और धर्मेंद्र सिंह प्रदेश उपाध्यक्ष ने आज़मगढ़ और लालगंज के जिलाध्यक्ष के नाम की घोषणा की। जिसमे आज़मगढ़ से ध्रुवकुमार सिंह और लालगंज से विनोद राजभर के नाम की घोषणा हुई । इसी दौरान पार्टी कार्यालय पर एक पूर्व जिलाध्यक्ष के समर्थकों ने नारेबाजी की। इस नारेबाजी से जिला चुनाव अधिकारी और प्रदेश उपाध्यक्ष भी नाराज दिखे। कारण, नाम की घोषणा होने से पहले ही उन्होंने बता दिया गया था कि अगर घोषित जिलाध्यक्ष के नाम से अगर किसी आवेदक या नेता को कोई समस्या हो तो वह सार्वजनिक तरीके से विरोध के बजाय पार्टी के उपयुक्त फोरम पर अपनी बात रखेगा।
आज़मगढ़ में पार्टी में इस गुटबाजी की गूंज प्रदेश मुख्यालय पर भी सुनाई दी। रही सही कसर दूसरे गुट ने पूरी कर दिया। दूसरे गुट ने मोबाइल में कैद किये वीडियो को सबूत के तौर पर शीर्ष नेतृत्व को पकड़ा दिया। पार्टी का शीर्ष नेतृत्व ने इसे गंभीरता से लिया है और कार्रवाई के मूड में है।
पार्टी के सूत्र बता रहे है कि काफी मंथन के बाद पार्टी का शीर्ष नेतृत्व एक पूर्व जिलाध्यक्ष सहित दो लोगों पर कार्रवाई कर सकता है।
आज़मगढ़। बहु प्रतिक्षित भाजपा के आज़मगढ़ व लालगंज के जिलाध्यक्ष की घोषणा पार्टी के जिला कार्यालय पर जिला चुनाव अधिकारी जयपाल जी व्यस्त के द्वारा घोषित किया गया। दूसरी बार ध्रुव कुमार सिंह को आज़मगढ़ सदर के जिलाध्यक्ष व विनोद राजभर को लालगंज के जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है।ध्रुवकुमार सिंह वर्ष 2020 से वर्ष 2023 तक आज़मगढ़ सदर के जिलाध्यक्ष रह चुके है। इस बार पार्टी नेतृत्व ने उनपर दूसरी बार भरोसा जताया है।
गौरतलब है कि आज़मगढ़ जनपद में भाजपा आज़मगढ़ सदर और लालगंज जिलाध्यक्ष के लिए जनवरी में आवेदन लिए थे। जिसमें आज़मगढ़ सदर जिलाध्यक्ष के लिए वर्तमान जिलाध्यक्ष श्रीकृष्ण पाल समेत 56 लोगों ने आवेदन किया जबकी लालगंज जिलाध्यक्ष के लिए वर्तमान जिलाध्यक्ष सूरज प्रकाश श्रीवास्तव समेत 43 लोगों ने आवेदन किया है। यूं तो जिलाध्यक्षों की घोषणा दिसंबर तक होनी थी लेकिन आपसी खींचतान व सामाजिक समीकरण ठीक से न बैठने से कई जिलों में अध्यक्ष को लेकर आम सहमति नहीं बन पा रही थी। 2 सप्ताह पहले 70 जिलाध्यक्षों की सूची को केंद्रीय नेतृत्व ने इसलिए वापस कर दिया था कि उसमें महिलाओं और वंचितों समाज की भागीदारी कम थी। 50 प्रतिशत से अधिक पिछड़ों की आबादी को देखते हुए उनका प्रतिनिधित्व बढ़ाने के भी निर्देश दिए गए थे। लिहाजा नए सिरे से तय किए गए जिलाध्यक्षों की सूची केंद्रीय नेतृत्व को भेजी गई। जिसके बाद आज जिलाध्यक्षों की घोषणा की गई।
