अतरौलिया/आजमगढ। नेटफ्लिक्स की आगामी वेब सीरीज ‘घूसखोर पंडित’ को लेकर क्षेत्र में विरोध तेज हो गया है। सीरीज के शीर्षक को लेकर एक समुदाय विशेष की भावनाएं आहत होने का आरोप लगाते हुए स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन किया।
सोमवार को अतरौलिया क्षेत्र के नंदना बाजार में युवा भाजपा नेता एवं पूर्व ब्लॉक प्रमुख प्रत्याशी हर्षित सिंह के नेतृत्व में लोगों ने सड़क किनारे जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने वेब सीरीज के निर्माता का पुतला भी फूंका।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वेब सीरीज का शीर्षक और कथानक एक विशेष समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है। उनका आरोप है कि ‘पंडित’ जैसे सम्मानित शब्द के साथ ‘घूसखोर’ शब्द जोड़कर ब्राह्मण समाज की छवि को जानबूझकर धूमिल करने का प्रयास किया गया है, जो पूरी तरह आपत्तिजनक और निंदनीय है।
हर्षित सिंह ने कहा कि यह शीर्षक जातिवादी मानसिकता को दर्शाता है और समाज में वैमनस्य फैलाने का काम कर सकता है। उन्होंने मांग की कि वेब सीरीज पर तत्काल प्रतिबंध लगाया जाए और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
बताया गया कि इस मामले को लेकर लखनऊ के हजरतगंज थाना में वेब सीरीज के निर्देशक नीरज पांडे, उनकी टीम और नेटफ्लिक्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। शिकायत में सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने और धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप लगाए गए हैं।
प्रदर्शन के दौरान सत्यम सिंह, अमित सिंह, कुंदन सिंह, आंचल सिंह, संजीव शुक्ला, श्रेयांश सिंह, अभिषेक वर्मा, विजय सिंह, अखिलेश, सौरभ सिंह, अंकित सिंह, अभिनव, शशांक सिंह, विकास सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
आज़मगढ़। पहलगाम में मंगलवार को हुई आतंकवादी घटना को लेकर देश भर में आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। लोग इस बर्बर घटना के विरोध में लामबंद हैं। इसी क्रम में आजमगढ़ में पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शुक्रवार को पहलगाम में आतंकी हमले की घटना को लेकर दुकानों को बंद रखकर लोगों ने जमकर विरोध जताया। पहलगाम की घटना के विरोध में लोगों ने पाकिस्तान और आतंकवादियों का पुतला लेकर नारेबाजी करते हुए चौक और पुरानी कोतवाली पहुंचे। इसके बाद पुतले का दहन किया गया। इस दौरान लोगों ने इस घटना का बदला लेने की मांग की। वहीं आतंकवादियों के खिलाफ बड़े अभियान चलाए जाने की बात कही।

बता दें कि आतंकवादियों की इस घटना में हिंदू पर्यटकों को चिन्हित कर उनको गोलियों से मौत के घाट उतार दिया गया था। महिलाओं और बच्चों को इस संदेश के साथ छोड़ा गया था कि प्रधानमंत्री को इसकी जानकारी दे देना। यह अपने आप में देश के विरुद्ध एक जंग का ऐलान था। इसके बाद से लोग घटना को लेकर आक्रोशित हैं। लोग मामले में ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

पहलगाम में हुई विभत्स घटना से आजमगढ़ का जन-जन आक्रोशित है और इसी के विरोध में शुक्रवार को आजमगढ़ के व्यापारियांं ने अपने प्रतिष्ठानों को बंद रखकर विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद आक्रोशित जनता ने आतंकवाद को पोषित करने वाले पाकिस्तान के खिलाफ जमकर नारेबाजी किया और पाकिस्तान का पुतला दहन कर अपनी भड़ास निकालकर एकजुटता का संदेश दिया।

प्रदर्शन और बंदी को सफल बनाने में शहर के पुरानी कोतवाली पर आर्यमगढ दुर्गा पूजा महासमिति, विहिप गोरक्षा विभाग, व्यापार मंडल, भाजपा समेत अनेकों संगठनों के लोग एकत्र हुए और सभी से बंदी का आह्वान की अपील किया और जनसमर्थन मांगा। इसके उपरांत पैदल मार्च करते हुए पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाये। कार्यक्रम का नेतृत्व आर्यमगढ़ दुर्गा पूजा महासमिति के अध्यक्ष अरविन्द मोदनवाल और विहिप गोरक्षा विभाग के प्रान्त संयोजक गौरव सिंह रघुवंशी ने किया।
प्रदर्शन करते हुए लोग हाथों में भगवा ध्वज और तिरंगा लेकर मातबरगंज शंकर जी की मूर्ति होते हुए मुख्य चौक पर आंतक का पर्याय बने पाकिस्तान का पुतला दहन किया। पुरानी कोतवाली पर विरोध प्रदर्शन करते हुए वक्ताओं ने अपने विचार प्रकट करते हुए आतंकी हमले कि निंदा की और सभी देशवासियों से एकजुट होने कि अपील किया।



कार्यक्रम में विशेष रूप से दीपक राय, अजय अग्रवाल, अभिषेक जायसवाल दीनू, आर.पी. राय सोनू, चंदन सिंह, श्री कृष्ण सिंह किशन, पद्माकर लाल वर्मा, विनय गुप्ता, अमन श्रीवास्तव, शैलेन्द्र अग्रवाल, ऋत्विक जायसवाल, विनीत सिंह रिशु, गोविन्द दुबे, रविन्द्र पाण्डेय, राजेश गोंड, विवेक सिंह, अश्वनी मिश्रा, शशांक तिवारी, विकास वर्मा, संदीप सिंह समेत नगर के अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।
इस अवसर पर अनिल अग्रवाल, अमन गर्ग, सुधीर गुप्ता, विजय सोनकर, मिथुन निषाद, इंद्रजीत निषाद, उत्कर्ष सिंह, प्रशांत सिंह, अंकुर गुप्ता, अनिल सोनकर, सागर सेठ, जितेंद्र गुप्ता, अरविन्द वर्मा, संदरी सिंह, शौनक शाहू, संदीप सेठ, चंद्रकेश गोंड, गौतम बरनवाल, विमल निषाद, तुषार सेठ, तनिष्क, आकाश गुप्ता, विनायक, आशुतोष, हर्ष, मकरध्वज यादव, सूरज समेत सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।

आजमगढ़। जिले के जहानगंज थाना क्षेत्र के बडहलगंज में दो समुदायों के बीच हुई मारपीट में तीन लोग घायल हुए। वही स्थानीय पुलिस के द्वारा देर रात।घर मे घुसकर गिरफ्तारी व पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाया वही इस मामले में पुलिस ने दोंनो पक्षों से मुक़दर्ज़ कर 5 लोंगो को हिरासत में ली है। वही तनाव को देखते हुए भारी संख्या में मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया है।
बडहलगंज के लोगो ने घटना के विरोध में और पुलिस पर मारपीट का आरोप लगा थाना का घेराव कर नारेबाजी की है। पुलिस पर बड़हलगंज के प्रधान महबूब आलम के दबाव में काम करने के आरोप लगे हैं। इसी को लेकर बड़हलगंज गांव के बड़ी संख्या में लोगों ने थाने के सामने उपस्थित होकर विरोध प्रदर्शन किया।
बताया जा रहा है कि होली के दिन गांव के लोग होली खेल रहे थे इस दौरान होली का जुलूस निकाला गया जो कि गांव के पोखरा से कुड़ियारी तक गया और कुड़ियारी से वापस होकर पोखरे पर लौट आया। इसी दौरान होली खेलते समय रास्ते में मस्जिद पर अबीर गिर गया। जिसको लेकर प्रधान महबूब अली सहित बड़ी संख्या में लोगों ने विरोध किया। इसी बात से नाराज प्रधान और उसके 50 से अधिक समर्थकों ने जहानागंज थाना क्षेत्र के बड़हलगंज में सुनियोजित योजना से विवाद करना शुरू किया। मामले की जानकारी मिलने के बाद पीएसी आ गई और पुलिस और पीएसी ने मामले को शांत कर दिया। 15 मार्च को रात्रि लगभग 9:00 बजे हनुमान मंदिर पर भजन कीर्तन का कार्यक्रम चल रहा था। इसी दौरान योजना बनाकर असलहा लाठी डंडे से लैस होकर महबूब अली ने मां बहन की गालियां देते हुए जान से मारने की नीयत से दयाशंकर राजेंद्र सोनू सहित कई लोगों पर हमला कर दिया। हमले में दया शंकर को गंभीर चोटें आई है जिनका इलाज चल रहा है। महेश जायसवाल के अनुसार 15 मार्च की रात्रि में 1:00 बजे बड़ी संख्या में जहां नगर थाने की पुलिस हम लोगों के घरों में गाली गलौज करते हुए दरवाजे को तोड़ते हुए खुशी और 10 लोगों को थाने उठा लाई है। पीड़ित महेश जायसवाल का कहना है कि जहानागंज थाने की पुलिस प्रधान महबूब अली के दबाव में काम कर रही है। महेश जायसवाल का कहना है कि जिस तरह से घर में घुसकर हम लोगों के साथ जहानागंज थाने की पुलिस ने मारपीट की है निश्चित रूप से बहुत दुखद है। हम लोगों की मांग है कि ऐसे दोषी पुलिस कर्मियों को बर्खास्त किया जाना चाहिए। गांव के लोगों ने इस पूरे मामले की शिकायत आजमगढ़ के एसपी हेमराज मीणा और डीआईजी सुनील कुमार सिंह से भी की है।
एसपी सिटी शैलेंद्र लाल श्रीवास्तव ने कहा कि दोनों पक्ष बडहलगंज में आमने-सामने रहते है। कहासुनी में मारपीट हुई। दोनों पक्षों से तहरीर मिलने के बाद मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। 5 लोगों को हिरासत लिया गया है। जल्द ही इन्हें रिमांड पर लिया जायेगा और चार्जशीट न्यायालय भेजा जाएगा।
]]>आज़मगढ़। चीनी मिल प्रबंधन से नाराज किसानों ने बुधवार को गन्ना क्रय केंद्र अहरौला पर प्रदर्शन किया। कहा कि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन व चक्काजाम भी किया जाएगा।
क्रय केंद्र पर प्रदर्शन कर रहे गन्ना किसानों ने कहा कि गन्ना पर्ची की वैधता तीन दिन तक रहती है, लेकिन किसानों को पर्ची जारी होने के बाद मैसेज प्राप्त हो रहा है। गन्ना को कटवाने और ट्राली पर लोड करने में पर्ची की वैधता खत्म हो जा रही है। इसके बाद मिल के अधिकारी गन्ना को सूखा बताकर लेने से मना कर रहे हैं।
इसके लिए चीनी मिल प्रबंधन और क्रय केंद्र के प्रभारी जिम्मेदार हैं। एक ट्राली से तीन से पांच क्विंटल की कटौती की जा रही है। इतना ही नहीं बेचे गए गन्ने का समय से भुगतान भी नहीं हो रहा है।
आरोप लगाया कि मिल के कर्मचारी कमीशन पर अन्य जिलों से गन्ना ले रहे हैं, अपने तौल केंद्र पर कम गन्ना होने की रिपोर्ट भेज रहे हैं। गन्ना अधिकारी किसानों का फोन नहीं उठाते। कहा कि अगर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो तीन दिन बाद किसान बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। इस मौके पर त्रिलोकीनाथ, हरिहर राय, शीतला सिंह, अनिल सिंह, विजय सिंह, लालचंद पांडेय, हरिदास, केदार, मनोज चौबे आदि मौजूद थे।
]]>आज़मगढ़। जिले के अहरौला थाना क्षेत्र के शमशाबाद में मंगलवार की सुबह मझुई नदी के पुल के पास बोरे गोवंश के अवशेष मिले। इससे क्षुब्ध आसपास के ग्रामीण एकत्र हो गए और जमकर विरोध जताया। ग्रामीणों ने गो हत्या बंद करो, बंद करो जैसे नारे लगाए। साथ ही पुलिस से इस मामले में सख्त कार्रवाई करने की मांग की। मौके पर पहुंची पुलिस ने गोवंश के अवशेष को तत्काल जेसीबी बुलाकर जमीं में दफन करा दिया। साथ ही कार्रवाई का आश्वासन दिया।
अहरौला थाना क्षेत्र में आएदिन गोकशी जैसी घटनाएं सामने आती है। अभी कुछ दिन पूर्व ही क्षेत्र में गोवंश के अवशेष मिले थे। इसके बाद एक बार फिर मंगलवार को क्षेत्र के शमशाबाद स्थित मझुई नदी के पुल के पास बोरे में गोवंश के अवशेष मिले। दैनिक क्रिया के लिए निकले ग्रामीणों ने देखा तो इसकी सूचना गांव में दी। मौके पर आसपास के गांव के लोग भी पहुंच गए। इस दौरान ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुलिस को क्षेत्र में हो रही गोकशी की पूरी जानकारी है। इसके बावजूद गोकशी की घटनाएं नहीं रुक रही हैं। ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए जमकर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। उधर, सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाकर मामले को शांत कराया और जेसीबी की मदद से गोवंश के अवशेष को जमीन के अंदर दफन कराया।
ग्रामीणों का कहना हैं कि यदि पुलिस इस मामले में कार्रवाई नहीं करेगी तो इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से की जाएगी। विश्व हिंदू परिषद के जिला संयोजक प्रशांत कुमार ने अपने पदाधिकारियों से इस मामले में शिकायत की। उनकी शिकायत पर विश्व हिंदू परिषद के प्रांत संयोजक गौरव सिंह रघुवंशी ने इसे लेकर एक्स के माध्यम से आजमगढ़ पुलिस, डीएम आजमगढ़, डीआईजी आजमगढ़, यूपी पुलिस व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ट्वीट किया।
]]>
रिपोर्ट: अरुण यादव
आजमगढ़। अगर इजराइल लाख यहूदियों के लिए अलग देश बनाया जा सकता है तो बांग्लादेश में एक करोड़ की 20 लाख की आबादी वाले हिंदुओं के लिए चटगांव वाले हिस्से को काटकर अलग देश क्यों नहीं बनाया जा सकता है। जब भारत में 23 प्रतिशत मुसलमान थे तो उन्हें देश की जमीन का 30 प्रतिशत हिस्सा देकर अलग देश दे दिया गया। आज वह भारत में हिंदू और हिंदुस्तान के रहमोकरम पर हैं। अगर उन्हें अलग देश चाहिए तो वह पाकिस्तान जाने के लिए स्वतंत्र हैं। उक्त बातें अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री और अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने बुधवार को कलेक्ट्रेट पर आयोजित प्रदर्शन के दौरान कही।

उन्होंने कहा कि एक अंतर्राष्ट्रीय षडयंत्र के तहत हिंदू जेनोसाइट लोग पूछते थे मंदिर कैसे टूटे और हिंदू मंदिरों के लिए जो आज दावा कर रहे है कि कब तोड़े थे, कैसे टूटे थे, तो जिन पीढि़यों ने नहीं देखा उसे बांग्लादेश में जो हो रहा है और 90 के दशक में जो जम्मू काश्मीर में हुआ उससे उसके प्रश्नों का जवाब मिल जाएगा। आगे की पीढ़ी इस दंश को न झेले इसे लेकर आज देश के गांव-गांव में यह प्रदर्शन हाे रहा है। हिंदू समाज को जगाने के लिए। पूरी दुनिया में सबसे अधिक हिंदुओं की हत्या हुई है और वह हत्या है 45 करोड़ से ऊपर। तो अब इस हत्या, बलात्कार और दंश को झेलने के लिए तैयार नहीं है। हमारी मांग है कि सरकार को बांग्लादेश में हस्तक्षेप करते हुए कठौर कदम उठाने चाहिए। कठोर कदम का मतदान सैन्य कार्रवाई होती है। हम जानते हैं सरकार उदासीन नहीं है क्योंकि सरकार ने जिस तरीके से सरकार ने शेख हसीना का रेस्क्यू किया और उन्हें बचाया। अगर नहीं करती तो शेख हसीना की हत्या हो जाती। हमें सरकार से सवाल नहीं करना है बल्कि सरकार के साथ कदम ताल करके उसके फैसले पार पीछे खड़ा रहना है। सरकार को निर्णय लेने दीजिए वह सही समय पर निर्णय लेगी। हम चाहते हैं कि अगली पीढ़ी के समक्ष यह इतिहास न दोहराया जाए। संभल की घटना पर उन्होंने कहा कि यह मुसलमानों की गुंडागर्दी है। पुलिस प्रशासन मरने के लिए नहीं है। न्यायालय के आदेश का पालन कराने गए पुलिस कर्मियों पर रातोंरात पत्थर कैसे आए। आज जो राजनीतिक दल पांच-पांच लाख रुपये बांट रहे हैं। उनसे पूछा जाना चाहिए कि वह राजनीतिक दल चला रहा है या गुंडों का दल चला रहे हैं।