भवरनाथ मंदिर में भोर के लगभग तीन बजे से ही भक्त जुटने लगे। मंदिर के अंदर महिलाओं, पुरुषों और युवाओं के लिए अलग-अलग कतारें बनाई गई थीं। कई भक्त व्रत रखकर बाबा भोलेनाथ के जलाभिषेक में शामिल हुए। बेलपत्र, धतूरा, भांग, बेर और पुष्प अर्पित कर उन्होंने आशीर्वाद प्राप्त किया। बच्चों और महिलाओं में उत्साह देखते ही बन रहा था।
मंदिर परिसर के बाहर मेले जैसा माहौल रहा। पूजा-पाठ की सामग्री की दुकानों पर सुबह से ही भीड़ रही। प्रसाद, फूल-माला और शिवलिंग की छोटी प्रतिमाओं की बिक्री जोरों पर थी। कई श्रद्धालु परिवार के साथ आए, तो कुछ कांवड़ लेकर जल भरने और अभिषेक करने के लिए मंदिर पहुंचे।
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस प्रशासन मुस्तैद रहा। मंदिर परिसर और आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। पुलिसकर्मी लगातार श्रद्धालुओं से कतारबद्ध होकर दर्शन करने की अपील करते रहे। किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचने के लिए बैरिकेडिंग और अन्य सुरक्षा उपाय किए गए।
भवरनाथ मंदिर के अलावा जिले के अन्य प्रमुख शिवालयों में भी दिन भर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही।
अतरौलिया/आज़मगढ़। स्थानीय क्षेत्र के शिव गायत्री मंदिर छितौनी में बसंत पंचमी पर्व के पावन अवसर पर पावन प्रज्ञा पुराण कथा एवं गायत्री महायज्ञ का भव्य आयोजन किया गया। यह आयोजन दिनांक 21 जनवरी (बुधवार) से शुक्रवार तक श्रद्धा और आध्यात्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का आयोजन परम पूज्य गुरुदेव पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा बसंत पंचमी वर्ष 1926 में प्रज्वलित एवं स्थापित अखंड दीप के शताब्दी समारोह के उपलक्ष्य में किया गया। इसी क्रम में शिव गायत्री मंदिर छितौनी में सवा करोड़ गायत्री महायज्ञ मंत्र जाप एवं 24 दिवसीय अखंड जाप अनुष्ठान का आयोजन किया गया।
इस पावन अनुष्ठान के दौरान योगासन, प्राणायाम, मंगल कलश यात्रा, संगीत मय पावन प्रज्ञा पुराण कथा, गायत्री महायज्ञ, विभिन्न संस्कार, पूर्णाहुति, महाप्रसाद एवं महापूर्णाहुति जैसे आध्यात्मिक कार्यक्रम संपन्न हुए। आयोजन के अंतिम दिन टोली की विधिवत विदाई भी की गई।
गायत्री महायज्ञ में क्षेत्र के हजारों की संख्या में महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर पुण्य लाभ अर्जित किया। पूरे वातावरण में मंत्रोच्चार, यज्ञ की सुगंध और भक्तिमय संगीत से आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता रहा।
आयोजन को सफल बनाने में मंदिर समिति, गायत्री परिवार के कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय श्रद्धालुओं का सराहनीय योगदान रहा। इस आयोजन से क्षेत्र में धार्मिक चेतना, नैतिक मूल्यों एवं आध्यात्मिक जागरण को नई दिशा मिली।उमेश चंद्र यादव ने कहा कि सवा करोड़ गायत्री मंत्र जाप का अनुष्ठान और 11 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ। गाँव में सवा करोड़ गायत्री मंत्र के जाप का संकल्प लिया गया था, जो सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इसी के उपलक्ष्य में 11 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया गया है।
यह कार्यक्रम शांतिकुंज, हरिद्वार में परम पूज्य गुरुदेव पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा स्थापित अखंड दीप के शताब्दी समारोह के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है। शाम को दीप महायज्ञ का आयोजन होगा। विभिन्न प्रकार के संस्कार (जैसे मुंडन, जनेऊ आदि) निःशुल्क कराए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि यहाँ हर वर्ष धार्मिक आयोजन होते हैं। पिछले वर्षों में 51 कुण्डीय और 9 कुण्डीय यज्ञ भी संपन्न हो चुके हैं। अखंड जाप का यह कार्यक्रम 27 दिसंबर से 19 जनवरी (कुल 24 दिन) तक दिन-रात लगातार चला, जिसमें शांतिकुंज हरिद्वार की टोली और स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस आयोजन का उद्देश्य लोगों को सेवा, जनकल्याण, नशा उन्मूलन और दहेज जैसी कुरीतियों से दूर रहने की शिक्षा देना है, ताकि समाज और व्यक्ति दोनों का उत्थान हो सके।
बिंद्रा बाजार, आजमगढ़। डाला छठ पर्व को देखते हुए क्षेत्रीय स्तर पर संपूर्ण तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। प्रशासन भी पर्व को सकुशल संपन्न कराने के लिए पूरी तरह से मुस्तैद है।
क्षेत्र में छठ महापर्व को लेकर ग्रामीण अंचलों में श्रद्धालुओं ने पूरी तैयारी कर ली है। बाजारों में रौनक देखते ही बन रही है। बिंद्रा बाजार चौक पर मेले जैसा माहौल दिखाई दे रहा है, जहाँ खरीदारों की भीड़ लगी हुई है। यह बाजार आसपास के सैकड़ों गांवों की मुख्य मार्केट है, जहाँ लोगों का आवागमन दिनभर बना रहता है।
दर्जनों दुकानें सज गई हैं जिनमें विभिन्न प्रकार के फल, फूल और पूजन सामग्री उपलब्ध हैं। यहां ऐसे फल और फूल भी दिखाई दे रहे हैं जो वर्षभर में शायद ही कभी देखने को मिलते हैं।
बिंद्रा बाजार में स्थित रामजानकी सरोवर विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यहीं पर ग्रामीण महिलाएं अपने परिवार के साथ भगवान सूर्य को अर्घ्य अर्पित करती हैं। बिंद्रा बाजार, मोहम्मदपुर बाजार, रंजीतपट्टी, बेलवा, शिवराजपुर, रसूलपुर माफी, राजमो पसियाना, गौरी, रामपुर, पहलेपुर, आदमपुर और बहोरापुर समेत दर्जनों गांवों के श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं।दीप प्रज्वलन के बाद सरोवर की सुंदरता देखते ही बनती है। हजारों की संख्या में लोग यहां एकत्र होकर आस्था और उल्लास का दृश्य प्रस्तुत करते हैं।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थाना प्रभारी गंभीरपुर अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि सुरक्षा की संपूर्ण तैयारियाँ की जा चुकी हैं। किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए पुलिस बल मुस्तैद है और सारी व्यवस्थाएँ चुस्त-दुरुस्त हैं।
]]>अतरौलिया, आज़मगढ़। करवा चौथ के अगले दिन नगर में श्रद्धा और उल्लास के माहौल में मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन किया गया। गणेश त्रिमुहानी सेवा संघ द्वारा स्थापित मां दुर्गा प्रतिमा का विसर्जन कार्यक्रम बड़े ही हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न हुआ।

कार्यक्रम की शुरुआत नौ कन्याओं के पूजन से हुई, जिसमें पूजा समिति के सदस्यों हिमांशु विनायकर (टीटू)अमित जयसवाल (विक्की) रिंकू सोनी,सागर लकी आकाश, अभिषेक ,शिवम रोहित साहिल, विपिन, डब्लू सोनी, विंध्याचल सोनी, राकेश सोनी,ने विधिवत कन्या पूजन कर उन्हें प्रसाद ग्रहण कराया। इसके बाद गाजे-बाजे के साथ निकली विसर्जन यात्रा में महिलाओं ने जमकर नृत्य किया और ‘जय माता दी’ के जयकारों से वातावरण गूंज उठा।

हलवा-पूरी का प्रसाद वितरण करते हुए विसर्जन यात्रा नगर पंचायत के प्रमुख मार्गों से गुज़री। यात्रा के दौरान मां दुर्गा की अलौकिक छटा देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। प्रशासन की देखरेख में शांतिपूर्ण ढंग से मूर्ति विसर्जन सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, महिलाएं और बच्चियां मौजूद रहीं। विसर्जन के दौरान मातृशक्ति के जयघोष से पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूब गया।

अतरौलिया, आज़मगढ़। शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर अतरौलिया का ऐतिहासिक तीन दिवसीय मेला मंगलवार 7 अक्टूबर से बड़े ही हर्षोल्लास के साथ शुरू हो गया। नगर में स्थित सभी पूजा पंडालों के कपाट भक्तों के लिए खोल दिए गए हैं। माता रानी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। यह मेला 7, 8 और 9 अक्टूबर तक चलेगा, जबकि 10 अक्टूबर को मूर्तियों के विसर्जन के साथ विधिवत संपन्न होगा।

नगर पंचायत और व्यापार मंडल ने मेले की तैयारियों को पूरी तरह अंतिम रूप दे दिया है। व्यापार मंडल अध्यक्ष हिमांशु विनायकर ने बताया कि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं और दुकानदारों की सुविधा तथा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। साफ-सफाई, विद्युत व्यवस्था, पेयजल, स्टॉल और यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित किया गया है ताकि किसी को कोई असुविधा न हो। मेले की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद है। क्षेत्राधिकारी और थाना प्रभारी के नेतृत्व में जगह-जगह पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि मेला शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो सके।

टीम संकल्प के अध्यक्ष नवनीत जायसवाल ने बताया कि शरद पूर्णिमा से लगने वाला यह मेला क्षेत्र की पहचान बन चुका है। सभी दुर्गा पूजा पंडालों में देश के विभिन्न राज्यों की संस्कृति को आकर्षक झांकियों और भव्य मूर्तियों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। दर्शनार्थी बड़ी श्रद्धा से माता रानी के दर्शन कर रहे हैं और सभी के मंगल की कामना कर रहे हैं।
अतरौलिया का यह मेला न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह स्थानीय व्यापार, सामाजिक सौहार्द और पर्यटन को भी बढ़ावा देता है। नगर पंचायत, व्यापार मंडल और प्रशासन की संयुक्त तैयारियों से उम्मीद है कि यह मेला इस बार भी पूरी शांति, व्यवस्था और उल्लास के साथ संपन्न होगा।
आजमगढ़ । जिले के रानी की सराय थाना क्षेत्र के मझगवां गांव के समीप महाकुंभ से लौट रहे श्रद्धालुओं की कर डिवाइडर से टकरा गई। इस हादसे में दो महिलाओं समेत 3 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। वही 7 श्रद्धालुओं की हालत गंभीर देख चिकित्सकों ने हायर सेंटर रेफर कर दिया है। सभी श्रद्धालु नेपाल देश के रूपनदेइ जिले के निवासी है।
घायलों के साथ वाले श्रद्धालुओं के अनुसार प्रयागराज महाकुंभ में स्नान करने के लिए 5 वाहनों में कुल 35 लोग गए थे। स्नान करने के बाद वापस लौट रहे थे कि तड़के आज़मगढ़ जिले के मझगवां के पास एक कार डिवाइडर से टकरा गई। जिसमे सवार लोग घायल हो गए। सभी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया जहाँ 3 लोगो की मौत हो गई और सात लोग घायल हो गए। सात लोगों की हालत गंभीर देख चिकित्सको ने हायर सेंटर गोरखपुर के लिए रेफर कर दिया है। मृतकों में दो महिलाएं दीपा व गंगा तथा एक पुरुष गणेश हैं। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।