लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी विधानसभा के बजट सत्र के दौरान महाकुंभ को लेकर विपक्ष के सवालों का जवाब दिया। सीएम योगी ने कहा, देश के कोने-कोने से करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु पवित्र संगम में डुबकी लगाने महाकुंभ पहुंचे हैं।
मगर विपक्ष महाकुंभ को लेकर दुष्प्रचार करने से रूक नहीं रहा है। मगर दुष्प्रचार मुझे बुरा नहीं लगता, क्योंकि हमको पता है, आपकी सोच ही ऐसी है। संक्रमित व्यक्ति का कोई उपचार नहीं होता, वो अपने आप ही कुढ़ता रहेगा।
महाकुंभ 2025 को लेकर सीएम योगी ने यूपी विधानसभा में कहा, महान कार्य को हमेशा 3 अवस्थाओं से गुजरना पड़ता है। उपहास, विरोध और अंततः स्वीकृति से। स्वीकृति का इससे बड़ा प्रमाण क्या हो सकता है कि समाजवादी पार्टी अध्यक्ष जो विरोध कर रहे थे, खुद जाकर चुपके से संगम में स्नान कर आए। योगी ने आगे कहा कि सबसे बड़ी बात ये है कि जिस समय सदन में यह चर्चा चल रही है, उस समय तक संगम में 56 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु डुबकी लगा चुके है। आस्था का इससे बड़ा क्या प्रमाण होगा। संगम का जल स्नान करने और आचमन करने योग्य है या नहीं, सीएम योगी ने विधानसभा में इस पर भी जवाब दिया।
CM योगी ने संगम की सफाई पर विधानसभा में दिया जवाब
सीएम योगी ने विधानसभा में कहा, संगम में लगातार सफाई का काम किया जा रहा है। पानी को शुद्ध करने के बाद ही छोड़ा जाता है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड लगातार पानी के शुद्धिकरण पर काम कर रहा है। जो लोग गलत जानकारी फैला रहे हैं, उन्हें खुद आकर देखना चाहिए। 13-14 फरवरी को भी पानी का सैंपल लिया गया। हर 100 एमएल में प्रदूषकों की मात्रा अपेक्षाकृत कम थी। यह 2.5K से भी कम थी। जब आस्था के खिलाफ अनर्गल बयानबाजी करते हैं तो यह 56 करोड़ की आस्था के खिलाफ है।
महाकुंभ के खिलाफ निराधार प्रचार करना गलत
सीएम योगी ने महाकुंभ को लेकर कहा कि जब हम सनातन धर्म, मां गंगा, भारत या महाकुंभ के खिलाफ कोई निराधार आरोप या फर्जी वीडियो बनाते हैं। तो यह इन 56 करोड़ लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ है। यह आयोजन किसी पार्टी या संगठन विशेष द्वारा आयोजित नहीं किया जाता है। यह आयोजन समाज का है, सरकार अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए सेवक के रूप में है। यह हमारा सौभाग्य है कि हमारी सरकार को इस सदी के महाकुंभ से जुड़ने का अवसर मिला।
]]>आज़मगढ़। महाकुंभ में भगदड़ के दौरान आजमगढ़ जिले के सरायमीर थाना क्षेत्र के रसूलपुर बरवा गांव निवासी अधेड़ महिला की मौत हो गई। हादसे के बाद उसकी बेटी अपनी छह माह की बच्ची और भाभी को साथ में लेकर अपनी मां को ढूंढती रही। घंटों बाद शव मिला तो बिलखते लगी। जानकारी होने पर पहुंचे परिजन वहां से शव लेकर घर के लिए रवाना हुए। बुधवार की रात करीब 11 बजे अधेड़ महिला का शव उसके घर पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया। जानकारी होते ही रिश्तेदार व आसपास के लोग भी घर पहुंचने लगे।
सरायमीर थाना क्षेत्र के रसूलपुर बरवा गांव निवासी कमलावती चौहान (53) पत्नी बृजलाल चौहान 28 जनवरी को अपनी बेटी व उसकी छह माह की बच्ची और बहू के साथ प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ में गई थी। देर रात भगदड़ मची तो कमलावती चौहान का हाथ उनकी बेटी से छूट गया। इससे दोनों अलग-अलग हो गए।
बच्ची को लेकर मां को ढूंढती रही बेटी
भगदड़ में किसी तरह बेटी ने अपनी छह माह की बच्ची को तो बचाते हुए भाभी को ढूंढ लिया लेकिन मां को नहीं बचा सकी। हादसे में कमलावती चौहान की मौत हो गई। इधर, देर रात कमलावती का शव घर पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया। आसपास के लोगों ने परिजनों को ढांढस बंधाया। मृतका के घर आसपास के लोगों एवं शुभचिंतकों की आवाजाही होने लगी है। घटना की खबर लगते ही गांव में मातम पसर गया। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।
अखाड़ों में नहीं होगा अमृत स्नान
मौनी अमावस्या पर भारी भीड़ और भगदड़ की घटना के चलते सभी अखाड़ों ने अमृत स्नान न करने का ऐलान किया है। यह ऐलान अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्र गिरी ने निरंजन छावनी से किया। अखाड़ा परिषद अध्यक्ष ने कहा जिस तरह से श्रद्धालुओं की भीड़ है और भगदड़ की घटना सामने आई है उससे अखाड़े ने स्नान न करने का फैसला लिया है। अखाड़े के वहां जाने से स्थिति और भी बिगड़ सकती थी।
संयम बरतने की अपील
मौके से सामने आए वीडियो के अनुसार कुछ महिलाओं और बच्चों को भी चोट लगी है। अभी हालात काबू में बताये जाते हैं। महाकुंभ नगर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अफवाहों पर ध्यान न देने और संयम बरतने की अपील की है। बताया जाता है कि प्रयागराज के संगम तट पर अमृत स्नान से पहले देर रात करीब 2 बजे भगदड़ मच गई। इसमें कुछ लोगों के मरने की बात कही जा रही है। एक प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक भगदड़ मचते ही लोग दौड़ने लगे। अभी प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा, ”विश्व के विशालतम आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक समागम ‘महाकुम्भ’ का आज से तीर्थराज प्रयागराज में शुभारंभ हो रहा है। अनेकता में एकता की अनुभूति के लिए, आस्था एवं आधुनिकता के संगम में साधना एवं पवित्र स्नान के लिए पधारे सभी पूज्य सन्तों, कल्पवासियों, श्रद्धालुओं का हार्दिक स्वागत है। माँ गंगा आप सभी की मनोकामना पूर्ण करें। महाकुंभ प्रयागराज के शुभारंभ एवं प्रथम स्नान की मंगलमय शुभकामनाएं। सनातन गर्व-महाकुम्भ पर्व।”
स्थानीय और दूर दराज के जिलों से आये लोगों ने पुण्य की डुबकी लगाई। इस बीच पुलिस और सिविल डिफेंस के वॉलंटियर सीटियां बजाते लोगों को नियंत्रित करते रहे। स्नान के दौरान किसी को परेशानी न हो इसलिये टोलियों में फैल कर घाट पर भीड़ का संतुलन बनाये रहे। घाट पर लगे लाउडस्पीकर और हैंड लाऊडर से भी भीड़ को नियंत्रित करने का क्रम चलता रहा।
संगम समेत अन्य स्नान घाटों पर सुबह सात बजे तक भीड़ बढ़ गई। तब तक करीब चार लाख लोगों के स्नान कर लेने का अनुमान प्रशासनिक स्तर पर लगाया गया। हालांकि, कोहरे से आज राहत रही, शीतलहर भी कम ही चली। इस बीच आसमान साफ रहा। संगम पर पौष पूर्णिमा के स्नान और महाकुंभ की गम्भीरता को देखते हुए तमाम पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी निगरानी करते रहे।
]]>फिल्मी सितारों के पहुंचने का क्रम पौष पूर्णिमा के साथ ही शुरू होगा। बॉलीवुड, टॉलीवुड से लेकर भोजपुरी इंडस्ट्री और टेलीविजन के कई नामी कलाकार गुरुओं की शरण में पहुंचेंगे। अभी तिथियां गोपनीय रखी गई हैं।
काशी से स्थापित होंगे 70 देव विग्रह
महाकुंभ में देवी-देवताओं की भी आभा से निखरेगी। विष्णु अवतार, समुद्र मंथन, त्रिदेव, रामदरबार व नवदुर्गा आदि देवी-देवताओं के दर्शन भी करेंगे। काशी में देवी-देवताओं की 70 झांकियां तैयार की गई हैं। जिन्हें महाकुंभ में स्थापित किया जाएगा।
एप से मिलेगी पार्किंग की जगह, फास्टैग से होगा भुगतान
महाकुंभ में पार्क+ कंपनी ने मंगलवार को एक ऑटो-टेक सुपर एप लॉन्च किया। यह लाखों तीर्थयात्रियों को पार्किंग की सुविधा प्रदान करेगा।
25 लाख से अधिक वाहनों के पहुंचने की उम्मीद
45 दिन तक चलने वाले महाकुंभ में 40 करोड़ से अधिक तीर्थयात्रियों और 25 लाख से अधिक कारों एवं अन्य वाहनों के पहुंचने की उम्मीद है। श्रद्धालु पार्क+ एप पर सुरक्षित पार्किंग स्थल की खोज, प्री-बुकिंग और प्री-पेमेंट कर सकेंगे।