जानकारी के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। साथ ही गंभीर हालत में युवती के पिता को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया। यहां पिता की गंभीर स्थिति देखते हुए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।
थाना ऐचोड़ा कंबोह क्षेत्र में गांव अशरफपुर निवासी राजपाल की बेटी अंशु 19 का गांव के ही पड़ोस में रहने वाले बिरादरी के ही एक युवक से करीब दो साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। ग्रामीणों ने बताया कि बेटी के पड़ोसी युवक से प्रेम प्रसंग के बारे में जब स्वजन को जानकारी हुई तो उन्होंने उसकी पढ़ाई को छुड़वा दिया और समझाने के साथ ही कई बार डांट फटकार भी लगाई थी।
बावजूद इसके युवती और उसके उसके प्रेमी पर प्यार का खुमार चढ़ा हुआ था, जिसके चलते वह नहीं माने। उन्होंने बताया कि मंगलवार की दोपहर को जब राजपाल घर पर आए तो वहां पर बेटी अंशु खाट पर लेटी हुई थी और किसी से फोन पर बात कर रही थी। बेटी को फोन पर बात करते हुए देख जब उसने जानकारी की तो उसने कोई जवाब नहीं दिया, जिससे पिता का पारा चढ़ गया और वह गुस्से से तिलमिला गया।
इतना ही नहीं, पिता ने गुस्से के चलते घर में ही चारपाई के पास पड़ी लोहे की रॉड से अंशु के सिर पर प्रहार कर दिए। इसी बीच बेटी की चीख पुकार सुनकर घर की छत पर उपले पाथ रही मां मिथिलेश भी चौंक गई और आनन फानन में छत से नीचे उतरकर आई तो आंखे खुली की खुली रह गईं, क्योंकि आंगन में चारपाई पर खून से बेटी अंशु लथपथ पड़ी हुई थी।
वहीं, पास में पति भी बदहवास अवस्था में खड़ा था, जिसे देखकर उसकी चीख निकल गई। बाद में जब राजपाल ने बेटी को देखा तो उसकी भी मौत हो चुकी थी। पिटाई के बाद बेटी की मौत से राजपाल घबरा गया और घर में रखे जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया और वहां से बाहर की ओर भाग गया।
बेटी की हत्या और उसके बाद पिता द्वारा जहरीला पदार्थ खाने की जानकारी आसपास के लोगों को हुई तो मौके पर भीड़ लग गई। वहीं, कुछ ग्रामीण राजपाल की बिगड़ी स्थिति को देखकर निजी वाहन से उपचार के लिए सैद नगली लेकर पहुंचे। जहां हालत गंभीर देख जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
वहीं, जिला अस्पताल में भी राजपाल की गंभीर स्थिति को देखते हुए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। वहीं, ऑनर किलिंग की जानकारी के बाद थाना प्रभारी रूकम पाल सिंह पुलिस बल व फोरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। जानकारी मिलने पर एएसपी श्रीश्चंद व सीओ कुलदीप कुमार भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। साथ ही लोहे की रॉड को भी जब्त कर लिया।
एएसपी संभल श्रीचंद्र ने बताया कि प्रेम प्रसंग के चलते ग्रामीण ने बेटी की हत्या कर दी, जबकि घटना के बाद ग्रामीण ने खुद जहरीला पदार्थ खाकर खुदकुशी का प्रयास किया है, जिसके चलते उसे गंभीर अवस्था में जिला अस्पताल भेजा गया था। जहां से गंभीर हालत के चलते हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
]]>इसी तरह तीन खोखे 32 बोर के भी मिले हैं। एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि यह गंभीर तथ्य सामने आया है। इसकी बारीकी से जांच की जाएगी। नाै एमएम कारतूस का इस्तेमाल सरकारी असलहा में ही किया जाता है। सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जाएंगे।
किसने पिस्टल का बवाल में इस्तेमाल किया है। एसपी ने बताया कि मंगलवार को पुलिस की जांच टीम छानबीन कर रही थी। इसी दौरान एक खोखा और एक कारतूस पुलिस को मिला है। इसके पाकिस्तान ऑर्डिनेंस फैक्टरी का होने का प्रमाण मिला है।
इसी तरह यूएसए में बना एक 12 बोर का खोखा भी मिला है। 32 बोर के तीन खोखे मिले हैं। एसपी ने कहा कि अब जांच यह भी की जाएगी कि पाकिस्तान और यूएसए का कारतूस संभल तक कैसे पहुंचा और किस हथियार में इस्तेमाल किया गया।
मंगलवार को मस्जिद के आसपास नालियों की सफाई कराई गई, जिसमें कारतूसों के खोखे पड़े होने की सूचना सफाई कर्मियों द्वारा पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंचे पुलिस अफसरों के साथ फोरेंसिक टीम भी पहुंच गई मेटल डिटेक्टर से जांच की गई तो कीचड़ में छह कारतूसों के खोखे मिले। इनमें से एक पर पीओएफ लिखा है जो पाकिस्तान ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में बना है, दूसरे पर यूएसए का निशान है। इसे पुलिस अमेरिका का का मान रही है। तीसरे पर एफएन स्टार लिखा है, जिसके बारे में जांच कराई जा रही है। इसके अलावा तीन पिस्टल के कारतूसों के खोके भी मिले हैं, यहीं के बने हुए हैं।
]]>संभल के जिलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया ने आदेश जारी करते हुए कहा कि जिले की सीमा में किसी भी बाहरी व्यक्ति, सामाजिक संगठन या जनप्रतिनिधि को सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। इस कदम का उद्देश्य क्षेत्र में शांति बनाए रखना और किसी भी अप्रिय स्थिति को टालना है।
इस आदेश के मद्देनजर आज समाजवादी पार्टी (सपा) का 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल संभल का दौरा नहीं कर सका। इस दल का नेतृत्व उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे करने वाले थे। उन्होंने लखनऊ में अपने आवास पर पत्रकारों को बताया कि प्रदेश के गृह सचिव संजय प्रसाद ने फोन कर उनसे संभल न जाने का अनुरोध किया है।
शांति और निष्पक्षता सुनिश्चित हो: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को राज्य सरकार को संभल में शांति और सौहार्द बनाए रखने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने कहा कि शाही जामा मस्जिद के सर्वे की रिपोर्ट को सील बंद रखा जाए और स्थानीय अदालत में इस मामले की कार्यवाही फिलहाल स्थगित रहे। सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने मस्जिद प्रबंधन समिति द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा, “शांति और निष्पक्षता सुनिश्चित होनी चाहिए। हम नहीं चाहते कि कोई गलत कदम उठाया जाए।
पुलिस और उपद्रवियों की फायरिंग में चार लोगों की मौत हुई। इसके अलावा एक और मौत होने की बात सामने आई, लेकिन आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।उपद्रवियों के पथराव में एसडीएम, सीओ, एसपी के पीआरओ समेत 30 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए। डेढ़ दर्जन उपद्रवियों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। घटना के बाद से संभल बाजार बंद है। अफवाहों को रोकने के लिए इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है।
कमिश्नर आन्जनेय कुमार सिंह व डीआईजी मुनिराज जी संभल में ही कैंप किए हुए हैं। कमिश्नर ने चार लोगों की मृत्यु होने की पुष्टि करते हुए बताया कि जामा मस्जिद के बाद नखासा क्षेत्र में भी पथराव किया गया। वहां से महिलाओं सहित 20 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है।
डीएम ने जिले में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी है। जिले में सोमवार को कुछ पार्टियों के प्रतिनिधियों के आने की संभावना है। माहौल बिगड़ने की आशंका के मद्देनजर जिले की सीमा पर चेकिंग भी शुरू कर दी गई है। बीते 19 नवंबर को वरिष्ठ अधिवक्ता विष्णु जैन ने संभल की शाही जामा मस्जिद में हरिहर मंदिर होने का दावा सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में पेश किया था। अदालत ने उसी दिन सर्वे कराए जाने का आदेश दिया था।
]]>