पुलिस ने जांच पड़ताल की। जिसमें युवक पत्थरबाज तो नहीं निकला है, लेकिन देशद्रोह व समाज में नफरत फैलाने का आरोपी बनाया गया है। एएसपी श्रीश्चंद्र ने बताया कि पकड़े गए आरोपी की पहचान बहजोई थाना क्षेत्र के गांव मिर्जापुर नसरूल्लापुर निवासी मोहम्मद आकिल के रूप में हुई है।
आरोपी का वीडियो 15 जनवरी को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसमें युवक ने पाकिस्तानी मौलाना से बातचीत की थी। इसमें 24 नवंबर के बवाल में जिन लोगों की मौत हुई थी। उन्हें शहीद कहे जाने वाली बात कही थी। साथ ही अन्य आरोप लगाए थे। इससे नफरत फैलाने का काम किया गया था।
आरोपी की तलाश वीडियो वायरल होने के बाद से ही की जा रही थी। इसी क्रम में अब गिरफ्तार किया गया है। एएसपी ने बताया कि आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया। जहां से जेल भेज दिया गया है।
]]>इसके पहले, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने संभल हिंसा से संबंधित रिपोर्ट मीडिया के सामने रखी। उन्होंने कहा कि संभल में मस्जिद का सर्वे कराने को लेकर जानबूझकर तनाव पैदा किया। सर्वे करने जाने वाली टीम में भाजपा के लोग शामिल थे और जब विवाद बढ़ गया तो भीड़ को हटाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल नहीं किया गया बल्कि सीधे गोली चला दी गई। इस घटना से प्रदेश का सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास किया गया।
अफसर मनमर्जी कर अन्याय की सभी सीमाएं पार कर रहे हैं
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार के दो पहिये हैं एक अन्याय और दूसरा भ्रष्टाचार। ये लोग भ्रष्टाचार के मामलों को दबाने के लिए प्रदेश में जगह-जगह हिंसा कर रहे हैं। अधिकारी अन्याय की सभी सीमाओं को पार कर रहे हैं।
… अखिर सनातनी मुख्यमंत्री क्या कर रहे हैं
उन्होंने कहा कि भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि यूपी में हर दिन 50 हजार गायें काटी जा रही हैं और जमकर भ्रष्टाचार हो रहा है। भाजपा के यही विधायक कह रहे हैं कि आज अगर प्रदेश में भाजपा का मुख्यमंत्री न होता तो वो सीएम आवास में घुस जाते…। मैं यही कहूंगा कि योगी आदित्यनाथ भाजपा के नहीं हैं। मैं उनसे यही कहूंगा कि वो आएं और सीएम आवास में घुस जाएं।
मिल्कीपुर उपचुनाव को लेकर कसा तंज… वहां सबसे साफसुथरा चुनाव होने जा रहा है
सपा अध्यक्ष ने योगी सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि मिल्कीपुर में सबसे साफसुथरा चुनाव होने जा रहा है। मीडिया के लोगों को भी वहां कैमरा लेकर जाना चाहिए ताकि पता चल सके कि वहां कैसे चुनाव हो होते हैं। अभी जब नौ विधानसभा सीटों पर उपचुनाव हुए थे तो देखा गया था कि प्रशासन की मदद से लोगों को वोट नहीं करने दिया गया। बूथों पर पुलिसकर्मियों को तैनात कर दिया गया और वोट नहीं करने दिया गया।
उन्होंने अपनी गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की है। साथ ही मुकदमों को रद्द करने की गुहार लगाई है। संभल जिले में 24 नवंबर को कोर्ट के आदेश पर शाही जामा मस्जिद के सर्वेक्षण के दौरान दंगे भड़क गए थे। इसमें चार लोगों की मौत हो गई थी। दो दर्ज से अधिक लोग घायल भी हो गए थे।
इसमें कई पुलिसकर्मी भी शामिल रहे। इस मामले में ढाई हजार से अधिक लोगों के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। इसमें सांसद जियाउर्रहमान बर्क भी शामिल हैं। सांसद पर आरोप है कि मस्जिद से भड़काऊ भाषण देने के बाद हिंसा भड़की थी और दंगे हुए थे। पुलिस सांसद जियाउर्रहमान बर्क के खिलाफ सबूत एकत्र कर रही है।
]]>एसपी विश्नोई के अनुसार, अभी तक की जांच में तीन कारतूस और सात खोखे मिल चुके हैं। इसमें पाकिस्तान निर्मित 9 एमएम का एक खोखा और एक कारतूस के अलावा अमेरिका निर्मित 312 बोर का एक खोखा व एक कारतूस मंगलवार को बरामद किया गया था। स्थानीय फॉरेंसिक टीम ने विदेशी कारतूस और खोखे सील कर दिए हैं। छानबीन पूरी होने के बाद इन्हें जांच के लिए बैलिस्टिक्स विशेषज्ञों के पास भेजा जाएगा। एसपी ने बताया कि 24 नवंबर को उपद्रव करने के बाद उपद्रवी हाफिजो वाली मस्जिद की सड़क से नीम वाली जियारत की ओर भागे थे। इसके बाद नखासा तिराहे पर पुलिस टीम पर पथराव किया गया था। पुलिस ने नखासा तिराहा से खदेड़ा तो हिंदूपुरा खेड़ा इलाके में पथराव किया गया था। इन उपद्रवियों ने विदेशी हथियार इस्तेमाल किए हैं। इसके प्रमाण पुलिस की छानबीन में मिल रहे हैं। खोखे मिलने से स्पष्ट हो गया है कि हथियार चलाए गए। अब सवाल यह है कि विदेशी हथियार संभल तक कैसे पहुंचे?
]]>बता दें कि आरोपियों से सपा विधायक नवाब जान, चौधरी समरपाल सिंह, पूर्व सांसद एसटी हसन के साथ कई सपा नेताओं ने जेल में मुलाकात की थी। पूर्व सांसद,विधायकों के साथ कुछ सपा नेता बगैर पर्ची लगाए मिले थे।
कहा जा रहा है कि मुलाकात के दौरान जेल मैनुअल का पालन नहीं किया गया। शासन के निर्देश पर डीजी जेल ने डीआईजी जेल कुंतल किशोर को मामले की जांच सौंपी थी। संभल में जेल नहीं होने की वजह से आरोपियों को मुरादाबाद जेल भेजा गया था।
]]>इसी तरह तीन खोखे 32 बोर के भी मिले हैं। एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि यह गंभीर तथ्य सामने आया है। इसकी बारीकी से जांच की जाएगी। नाै एमएम कारतूस का इस्तेमाल सरकारी असलहा में ही किया जाता है। सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जाएंगे।
किसने पिस्टल का बवाल में इस्तेमाल किया है। एसपी ने बताया कि मंगलवार को पुलिस की जांच टीम छानबीन कर रही थी। इसी दौरान एक खोखा और एक कारतूस पुलिस को मिला है। इसके पाकिस्तान ऑर्डिनेंस फैक्टरी का होने का प्रमाण मिला है।
इसी तरह यूएसए में बना एक 12 बोर का खोखा भी मिला है। 32 बोर के तीन खोखे मिले हैं। एसपी ने कहा कि अब जांच यह भी की जाएगी कि पाकिस्तान और यूएसए का कारतूस संभल तक कैसे पहुंचा और किस हथियार में इस्तेमाल किया गया।
मंगलवार को मस्जिद के आसपास नालियों की सफाई कराई गई, जिसमें कारतूसों के खोखे पड़े होने की सूचना सफाई कर्मियों द्वारा पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंचे पुलिस अफसरों के साथ फोरेंसिक टीम भी पहुंच गई मेटल डिटेक्टर से जांच की गई तो कीचड़ में छह कारतूसों के खोखे मिले। इनमें से एक पर पीओएफ लिखा है जो पाकिस्तान ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में बना है, दूसरे पर यूएसए का निशान है। इसे पुलिस अमेरिका का का मान रही है। तीसरे पर एफएन स्टार लिखा है, जिसके बारे में जांच कराई जा रही है। इसके अलावा तीन पिस्टल के कारतूसों के खोके भी मिले हैं, यहीं के बने हुए हैं।
]]>उपचुनाव नतीजों पर भूपेंद्र सिंह ने कहा कि उपचुनाव हारने पर सपा में चल रही उठा पटक और अंदरूनी वर्चस्व की लड़ाई के कारण संभल हिंसा हुआ है। जांच आयोग बना है, इसमें साजिश खुलकर सामने आएगी।
उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव अपने वोट बैंक के लिए यह सब कर रहे हैं। अन्य दल भी राजनीतिक होड़ के चलते इसमें शामिल हो गए और पॉलिटिकल टूरिज्म के लिए संभल जा रहे हैं। जांच आयोग बना है, इसमें साजिश खुलकर सामने आएगी।
शहर को अराजकता की आग में झोंकने वालों के खिलाफ लगातार शिकंजा कसा जा रहा है। बीते दिनों उपद्रवियों के पोस्टर जारी किए गए। अब उनके खिलाफ चार्जशीट लगाने की तैयारी है। इतना ही नहीं, चिह्नित किए जा चुके पत्थरबाजों के खिलाफ एनएसए भी लगाया जाएगा। इसके इतर जिलाधिकारी की ओर से 10 दिसंबर तक बाहरी लोगों के आने पर पाबंदी भी लगाई गई है।
]]>खिलाफ सिविल जज सीनियर डिविजन के यहां एक याचिका डाली। दूसरे पक्ष को सुने बिना कोर्ट ने उसी दिन सर्वे का आदेश दे दिया और अधिकारी उसी दिन दो घंटे बाद पुलिस बल के साथ सर्वे के लिए जामा मस्जिद पहुंच भी गए। जामा मस्जिद की कमेटी और अन्य लोगों ने पूरा सहयोग दिया।
संभल के डीएम और एसपी ने ढाई घंटे सर्वे के बाद कहा कि सर्वे पूरा हो चुका है और रिपोर्ट कोर्ट को भेज दी जाएगी। लेकिन 22 नवंबर को जब लोग जुमे की नमाज के लिए पहुंचे तो पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। उसके बाद भी लोगों ने संयम बरतते हुए नमाज अदा की और किसी प्रकार का विरोध प्रदर्शन नहीं किया। 29 नवंबर की तारीख को कोर्ट में सुनवाई तय थी। मस्जिद पक्ष के लोग कोर्ट में सुनवाई के लिए तैयारी कर रहे थे लेकिन 23 नवंबर की रात पुलिस प्रशासन ने कहा कि अगली सुबह दोबारा सर्वे किया जाएगा। मुस्लिम पक्ष ने कहा कि सर्वे तो पूरा हो चुका है। दोबारा सर्वे कराना ही है तो कोर्ट से आदेश लें लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं की गई। तानाशाही दिखाते हुए सुबह के वक्त से पहले शाही जामा मस्जिद आ गए।
अखिलेश ने कहा कि मुस्लिम कम्युनिटी के लोगों ने फिर भी धैर्य रखा और दोबारा सर्वे के लिए अंदर ले गए। सर्वे के दौरान करीब डेढ़ घंटे बाद लोग इक्ट्ठा हो गए। लोगों ने सर्वे का कारण जानना चाहा तो सर्किल ऑफिसर ने उनके साथ गाली-गलौज की और लाठीचार्ज करवाकर बुरी तरह घायल कर दिया। इसका विरोध करते हुए चंद लोगों ने पत्थर चलाए। इसके बदले में सिपाही से लेकर अधिकारियों तक ने अपने सरकारी और प्राइवेट हथियारों से गोलियां चलाईं, जिसका वीडियो रिर्कार्डिंग है। दर्जनों लोग घायल हो गए। पांच लोग जो अपने घर से सामान लेने के लिए निकले थे उनकी मृत्यु हो गई। संभल का माहौल बिगाड़ने में याचिका दायर करने वाले लोगों के साथ पुलिस और प्रशासन के लोग जिम्मेदार हैं। इनको निलंबित करके हत्या का मुकदमा चलाना चाहिए। जिससे लोगों को इंसाफ मिल सके और आने वाले दिनों में कोई इस तरह संविधान के खिलाफ और गैरकानूनी घटना को अंजाम न दे सके। अखिलेश ने कहा कि ये लड़ाई दिल्ली और लखनऊ की है। वे दिल्ली पहुंचे जिस रास्ते, लखनऊ वाले भी उसी रास्ते दिल्ली पहुंचना चाहते हैं।
कमेंट पर भड़के
अखिलेश यादव मंगलवार को जब लोकसभा में संभल हिंसा पर बोल रहे थे उसी वक्त सत्ता पक्ष की ओर से किसी ने कोई कमेंट किया जिस पर वह भड़क गए। अखिलेश ने कहा कि ‘हम बनते तो बहुत कुछ हैं।’ इसके बाद वह फिर मुस्कुरा दिए और संभल की घटना पर बोलना शुरू कर दिया। लोकसभा में उनके ठीक पीछे की सीट पर संभल से सपा सांसद जियाउर्रहमान बैठे हुए थे।
]]>संभल के जिलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया ने आदेश जारी करते हुए कहा कि जिले की सीमा में किसी भी बाहरी व्यक्ति, सामाजिक संगठन या जनप्रतिनिधि को सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। इस कदम का उद्देश्य क्षेत्र में शांति बनाए रखना और किसी भी अप्रिय स्थिति को टालना है।
इस आदेश के मद्देनजर आज समाजवादी पार्टी (सपा) का 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल संभल का दौरा नहीं कर सका। इस दल का नेतृत्व उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे करने वाले थे। उन्होंने लखनऊ में अपने आवास पर पत्रकारों को बताया कि प्रदेश के गृह सचिव संजय प्रसाद ने फोन कर उनसे संभल न जाने का अनुरोध किया है।
शांति और निष्पक्षता सुनिश्चित हो: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को राज्य सरकार को संभल में शांति और सौहार्द बनाए रखने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने कहा कि शाही जामा मस्जिद के सर्वे की रिपोर्ट को सील बंद रखा जाए और स्थानीय अदालत में इस मामले की कार्यवाही फिलहाल स्थगित रहे। सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने मस्जिद प्रबंधन समिति द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा, “शांति और निष्पक्षता सुनिश्चित होनी चाहिए। हम नहीं चाहते कि कोई गलत कदम उठाया जाए।
यूपी सरकार ने कहा कि पथराव करने वालों और उपद्रवियों के पोस्टर सार्वजनिक स्थानों पर लगाए जाएंगे, वसूली की जाएगी और इनाम भी जारी किया जा सकता है। उपद्रवियों और अपराधियों के खिलाफ नुकसान की वसूली और पोस्टर लगाने का अध्यादेश पहले ही जारी किया जा चुका है। यूपी के मंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा, “योगी सरकार के तहत उत्तर प्रदेश में दंगा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राज्य सरकार इसके पीछे के लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी। न्याय प्रदान करना हमारी सरकार की प्राथमिकता है… समाजवादी सरकार के कार्यकाल में ऐसा हुआ होगा कि पुलिस दोहरे हथियार रखती थी।”
संभल के प्रभारी मंत्री धर्मवीर प्रजापति का कहना है, “प्रदेश में शांति व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए…यह कानून व्यवस्था बिगाड़ने और सरकार को बदनाम करने की सुनियोजित साजिश थी…फिलहाल वहां माहौल शांतिपूर्ण है, बाजारों में दुकानें भी खुली हैं।”
संभल हिंसा मामले में एक और तथ्य सामने आया। पता चला कि बवाल से पहले जामा मस्जिद वाले रूट पर लगे कैमरों की बाकायदा रेकी की गई थी। रेकी के बाद बवाल से ठीक पहले कैमरों को निशाना बनाना था, जिससे पहचान की किसी भी दशा में गुजांइश ना रह जाए। पुलिस द्वारा कराई गई ड्रोन से वीडियोग्राफी के बचे सीसीटीवी कैमरों में दिखा कि कुछ युवक सीसीटीवी कैमरे की ओर इशारा करते हैं और कुछ ही देर में उसको ईंट मार कर तोड़ देते हैं। इसके अलावा एक व्यक्ति डंडे से दूसरे सीसीटीवी को तोड़ता दिख रहा है।
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