आजमगढ़। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें खुद को सपा का बूथ अध्यक्ष बताने वाले राजेश यादव ‘रोमियो’ नामक व्यक्ति ने मेंहनगर की सपा विधायक पूजा सरोज पर 15 हजार रुपये कमीशन लेकर लाइट लगवाने का आरोप लगाया।
वीडियो में आरोप लगाया गया कि विधायक के नाम पर स्वीकृत लाइट को पैसे लेकर गोलू यादव के निजी आवास पर लगवा दिया गया, जबकि वह स्थान आम जनता के किसी काम का नहीं है।
वीडियो वायरल होने के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई। आरोप लगाने वाले व्यक्ति ने यह भी कहा कि पूर्व विधायक के कार्यकाल में भी इसी तरह पैसे लेकर लाइटें लगवाई जाती थीं। साथ ही खुद को सपा का बूथ अध्यक्ष बताते हुए उसने पूरे मामले की जांच की मांग की।
इस संबंध में जब मेंहनगर विधायक पूजा सरोज से बात की गई तो उन्होंने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि उन्हें इस पूरे मामले की कोई जानकारी नहीं है। अगर किसी को शिकायत है तो सीधे सामने आकर बात करे, ताकि सच्चाई सामने आ सके। उन्होंने कहा कि यह सवाल उनसे पूछने के बजाय क्षेत्र की जनता से पूछा जाना चाहिए कि उन्होंने क्या काम किया है।
वहीं टिकट को लेकर उठ रहे सवालों पर विधायक ने कहा कि उनकी सास काफी पहले से समाजवादी पार्टी की सक्रिय कार्यकर्ता रही हैं, इसी कारण पार्टी ने उन्हें प्रत्याशी बनाया। उन्होंने दोहराया कि लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं और यदि कोई व्यक्ति आरोप लगा रहा है तो उसे खुलकर सामने आना चाहिए।
]]>10 दिसंबर को उक्त घटना में संलिप्त चार अन्य आरोपियों को पूर्व में गैंगस्टर एक्ट में समाहित किया गया है। इसमें सपा विधायक रमाकांत यादव, अहरौला थाना क्षेत्र के रुपाईपुर गांव निवासी नसीम नेता उर्फ नसीम, वाराणसी जनपद के विश्वेश्वरगंज चौकी क्षेत्र के सीके 61/8 काशीपुरा व वर्तमान पता सारनाथ थाना क्षेत्र के खालिसपुर चौकी सरायमोहन निवासी रवि कुमार क्षत्री उर्फ राजकुमार व जोयंता कुमार मित्रा निवासी मोहल्ला 71/5 डाक्टर नील मोनी सरकार स्ट्रीट थाना बारानगर जनपद उत्तर 24 परगना, पश्चिम बंगाल के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की गई।
]]>गैंग के सरगना सपा विधायक रमाकांत यादव और उनके 15 साथियों को पुलिस ने चिह्नित किया है। यह गैंग हत्या, मिलावटी शराब बनाने और बेचने जैसे जघन्य अपराधों में शामिल था।
रमाकांत यादव और उनके साथियों ने जनपद आजमगढ़, जौनपुर और लखनऊ में कई अपराध के आरोप हैं। पुलिस ने गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए गैंग को आईआर-42 के रूप में सूचीबद्ध किया है।
गैंग सदस्यों में रंगेश , सूर्यभान, पुनीत यादव, रामभोज, अशोक, मोहम्मद फहीम, पंकज, मो. नदीम, मो. कलीम, मो. नईम, मो. सलीम, सहबाज, नसीम, रविकुमार क्षत्रि और जोयन्ता कुमार मित्रा शामिल हैं।
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