रंगमंच एवं ललित कलाओं को समर्पित हुनर सामाजिक, साहित्यिक और सांस्कृतिक संस्था द्वारा आयोजित महोत्सव के दूसरे दिन का उद्घाटन माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष सूरज प्रकाश श्रीवास्तव, वरिष्ठ व्यवसायी अनूप कुमार अग्रवाल, अशोक कुमार अग्रवाल एवं ज्योतिषाचार्य सत्यम गुरु ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम में आए अतिथियों का स्वागत स्वागताध्यक्ष अभिषेक जायसवाल ‘दीनू’ तथा संस्था अध्यक्ष मनोज यादव ने किया।
महोत्सव के प्रथम सत्र में उत्तराखंड के आर.पी.पी.यस. डांस ग्रुप द्वारा प्रस्तुत गढ़वाली लोकनृत्य ने पहाड़ों की लोकसंस्कृति को मंच पर जीवंत कर दिया। पारंपरिक वेशभूषा, तालबद्ध कदम और ऊर्जावान समूह संयोजन ने सभागार को तालियों से गूंजा दिया।
वहीं उड़ीसा की अन्वी, विद्या श्री साहू नृत्यांजलि ग्रुप के कलाकारों ने अपनी धमाकेदार प्रस्तुति से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। ओडिशी नृत्य की शास्त्रीय गरिमा, भावपूर्ण मुद्राएं, नेत्राभिनय और संगीत के साथ सधी हुई चाल ने मंच पर मानो कथा को सजीव कर दिया। कलाकारों की सटीक तालमेल, घुंघरुओं की छनक और भावों की गहराई ने दर्शकों को पूरी तरह बांधे रखा। हर प्रस्तुति के बाद सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
इस अवसर पर हेमंत श्रीवास्तव सहित संस्था के पदाधिकारी गौरव, मौर्या, सपना बनर्जी, प्रमोद कुमार सिंह, गजराज प्रसाद, कमलेश सोनकर, राज पासवान, रवि गोंड समेत बड़ी संख्या में कला प्रेमी, गणमान्य नागरिक और युवा दर्शक मौजूद रहे।
महोत्सव की शुरुआत हुनर संस्थान के बच्चों द्वारा प्रस्तुत मनमोहक गणेश वंदना से हुई। इसके पश्चात स्वागताध्यक्ष अभिषेक जायसवाल ‘दीनू’ ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। पहले दिन की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में उड़ीसा के नृत्यांजलि डांस ग्रुप द्वारा किशोर कुमार दलाई के निर्देशन में प्रस्तुत ओडीसी समूह नृत्य ने दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी।
महोत्सव की पहली नाट्य प्रस्तुति के रूप में मानसी अभिनय गुरुकुल, सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) द्वारा सैकत चटर्जी लिखित और योगेश पवार निर्देशित नाटक “राधा की नौटंकी” का भावपूर्ण मंचन किया गया। यह आधुनिक हिंदी नाटक एक कलाकार की आंतरिक संवेदनाओं, संघर्ष और समर्पण की जीवंत अभिव्यक्ति है। नाटक के माध्यम से लोकनाट्य नौटंकी से जुड़े कलाकार ‘राधाकृष्ण’ के जीवन की यात्रा को दर्शाया गया, जो बचपन से लेकर वर्तमान तक गांव-गांव घूमकर नौटंकी को ही अपना जीवन और आजीविका बनाता है। पारिवारिक विरोध, सामाजिक दबाव और निजी संघर्षों के बावजूद उसकी कला के प्रति निष्ठा बनी रहती है। कथानक उस भावनात्मक मोड़ पर पहुंचता है, जब उसका बेटा अर्जुन उसके विरुद्ध खड़ा हो जाता है और राधाकृष्ण को परिवार व कला में से किसी एक को चुनने की कठिन स्थिति का सामना करना पड़ता है। नाटक में राधाकृष्ण की भूमिका अभि धीमान ने निभाई, जबकि रुक्मिणी अंजली, अर्जुन राकेश, चंद्रमोहन संजय नेगी, रिहान, रंजीत और सृष्टि ने प्रभावशाली अभिनय किया।
दूसरी नाट्य प्रस्तुति एकलव्य थिएटर, इटावा (उत्तर प्रदेश) द्वारा प्रस्तुत नाटक “चुटकी भर ज़हर” रही, जिसे मानसिंह ने लिखा और मोहम्मद फ़ैज़ल के निर्देशन में मंचित किया गया। नाटक का मुख्य पात्र सेठ दौलतराम एक अत्यंत कंजूस और लालची व्यक्ति है, जो अपने बेटे द्वारा देशसेवा के लिए मांगे गए धन को भी देने से इंकार कर देता है। यह नाटक मनुष्य के स्वार्थ, लालच और अंत में उपजने वाले पश्चाताप को सशक्त रूप से प्रस्तुत करता है।
कार्यक्रम में संस्थान के पदाधिकारी गौरव, मौर्या, सपना बनर्जी, हेमंत श्रीवास्तव, प्रमोद कुमार सिंह, गजराज प्रसाद, मनीष रतन अग्रवाल, अभिषेक राय तोशी, कमलेश सोनकर, राज पासवान, दीपक जायसवाल, रवि गोंड सहित बड़ी संख्या में रंगमंच प्रेमी व गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
निरीक्षण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, यातायात नियंत्रण, भीड़ प्रबंधन सहित अन्य आवश्यक इंतज़ामों का अवलोकन किया गया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए, ताकि महोत्सव को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सफल बनाया जा सके। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि महोत्सव के दौरान आमजन की सुरक्षा एवं सुविधा को लेकर प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सतर्क व प्रतिबद्ध रहेगी।
जिला प्रशासन आज़मगढ़ द्वारा आयोजित इस महोत्सव के तहत 24 से 28 दिसंबर तक प्रतिदिन अपराह्न 4 बजे से सायं 7 बजे तक स्कूली बच्चों एवं स्थानीय कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी। इसके साथ ही 24 दिसंबर को शाम 7 से 9 बजे तक अंजुम रहबर व अन्य कलाकारों द्वारा ग़ज़ल संध्या, 25 दिसंबर को हरिहरपुर घराना के कलाकारों द्वारा भजन संध्या, 26 दिसंबर को डॉ. सुनील जोगी, शंभू शिखर, सर्वेश अस्थाना, प्रियांशु गजेंद्र, नीलोत्पल मृणाल, मणिक दुबे, विकास बौखल सहित अन्य कवियों का कवि सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। 27 दिसंबर को इंडियन आइडल फेम जतिन निगम द्वारा बॉलीवुड नाइट तथा 28 दिसंबर को समापन अवसर पर अरविंद अकेला (कल्लू) एवं डिंपल सिंह द्वारा भोजपुरी नाइट का आयोजन होगा।
महोत्सव के दौरान दर्शकों के मनोरंजन और जानकारी के लिए फन फेयर झूला मेला, फूड कोर्ट, ओडीओपी स्टाल, खादी ग्रामोद्योग स्टाल, विभिन्न विभागीय योजनाओं के स्टाल तथा वाहन प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जिससे आज़मगढ़ महोत्सव 2025 आमजन के लिए सांस्कृतिक, मनोरंजक और जानकारीपूर्ण आयोजन बन सकेगा।
मुख्य केंद्र एरोमॉडलिंग, ह्यूमनॉइड रोबोट और रोबोटिक्स रहा। रिमोट से उड़ने वाले ड्रोन द्वारा अतिथियों पर हुई पुष्प वर्षा ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस वर्ष प्रदर्शनी की थीम ‘सिनेक्स’ रखी गई, जिसके तहत विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान, कंप्यूटर, पर्यावरण, कला और भाषा विषयों से जुड़े प्रोजेक्ट्स ने दर्शकों का मन जीता। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि IAS अटल कुमार राय, सचिव गृह विभाग, उ. प्र. सहित अन्य गणमान्य अतिथि मौजूद रहे। सभी अतिथियों ने प्रोजेक्ट्स का अवलोकन कर छात्रों की वैज्ञानिक सोच, तकनीकी कौशल और प्रस्तुति की सराहना की।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में भारत की विविध सांस्कृतिक झलक दिखी, जिसमें पारंपरिक नृत्यों और गीत-संगीत ने दर्शकों को प्रभावित किया। मुख्य अतिथि अटल कुमार राय ने कहा कि स्कूल प्रदर्शनी छात्रों में रचनात्मकता व तकनीकी प्रयोग की भावना बढ़ाती है और उनके उज्ज्वल भविष्य की दिशा तय करती है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, आत्मविश्वास और नवाचार को बढ़ावा देते हैं।
कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्या ज्योति रिछारिया ने सभी अतिथियों, अभिभावकों, शिक्षकों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया।
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