अतरौलिया/आज़मगढ़। साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं के बीच पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ के निर्देशन में चल रहे साइबर जागरूकता अभियान के क्रम में बुधवार को पटेल मेमोरियल इंटर कॉलेज में विशेष जन जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में लगभग 800 से 900 छात्र-छात्राएं, अध्यापकगण, कर्मचारी और क्षेत्र के आम नागरिक भी उपस्थित रहे।
थाना अतरौलिया की साइबर टीम ने छात्र-छात्राओं को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के महत्वपूर्ण गुर सिखाए। सत्र के दौरान ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव, मजबूत पासवर्ड निर्माण, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, फिशिंग–स्मिशिंग जैसे साइबर हमलों की पहचान, डेटा गोपनीयता तथा डिजिटल फुटप्रिंट जैसे अहम विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई।
टीम ने साइबर अपराधों के वास्तविक उदाहरण प्रस्तुत कर बताया कि किस प्रकार छोटी सी लापरवाही लोगों को बड़े आर्थिक व मानसिक नुकसान में डाल सकती है। जागरूकता सत्र के अंत में प्रश्न-उत्तर कार्यक्रम हुआ, जिसमें विद्यार्थियों ने एटीएम फ्रॉड, अनजान लिंक, ऑनलाइन गेमिंग और इंस्टाग्राम/व्हाट्सएप सुरक्षा से जुड़े सवाल पूछे।
कॉलेज के अध्यापकों ने पुलिस के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम आज की सबसे बड़ी आवश्यकता हैं। संस्था की ओर से भविष्य में भी नियमित रूप से साइबर सुरक्षा सत्र आयोजित करने का संकल्प व्यक्त किया गया।
कार्यक्रम का नेतृत्व साइबर प्रभारी उप निरीक्षक अभिषेक यादव ने किया। उनके साथ साइबर सदस्य कौशिक वर्मा, महिला आरक्षी अभिलाषा, हिमानी तथा आरक्षी मुकेश यादव, उपस्थित रहे।
आज़मगढ़। जनपद आज़मगढ़ पुलिस ने साइबर अपराधों के प्रति आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से लाइव लेक्चर सीरीज़ का शुभारंभ किया। इस पहल का मकसद लोगों को ओटीपी फ्रॉड, यूपीआई धोखाधड़ी, डिजिटल अरेस्ट और अन्य साइबर अपराधों से बचाव के उपायों की जानकारी देना है।
प्रथम सत्र का संचालन अपर पुलिस अधीक्षक चिराग जैन ने किया। कार्यक्रम के दौरान साइबर हेल्पलाइन नंबर और शिकायत निवारण संबंधी जानकारी भी साझा की गई। लाइव सेशन में आए सवालों के जवाब भी अधिकारियों द्वारा विस्तार से दिए गए।
आज़मगढ़ पुलिस ने जनपदवासियों से आग्रह किया है कि वे आगामी सत्रों में अधिक से अधिक भाग लें और स्वयं तथा अपने परिवार को साइबर अपराधों से सुरक्षित रखने के लिए जागरूक करें। भविष्य में अन्य वरिष्ठ अधिकारी और साइबर विशेषज्ञ भी इस श्रृंखला में शामिल होंगे।
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