मामले के अनुसार मानपुरहरी निवासी कृष्ण कुमार उर्फ किशन की तीन वर्ष पूर्व फेसबुक पर माया तमांग नाम की महिला से दोस्ती हुई। धीरे-धीरे दोनों में बातचीत होने लगी। बीती 4 दिसंबर को माया तमांग हांगकांग से फ्लाइट लेकर नई दिल्ली पहुंची जहां से वह बेवर के ग्राम मानपुर हरी अपने मित्र के घर पहुंची। दोनों पैरों से दिव्यांग कृष्णवीर अब दिन रात अपनी दोस्त की खातिरदारी में जुटा है।
वहीं माया तमांग ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि वह नेपाली मूल की है। हांगकांग में पिछले 5 वर्षों से चाइल्ड केयर का काम करती है। किशन से फेसबुक से दोस्ती हुई थी। किशन उसका फेसबुक फ्रेंड है। अभी शादी को लेकर किसी प्रकार की योजना नहीं है। परिजनों को बताकर अपने दोस्त से मिलने आई है। 13 दिसंबर को वापसी की टिकट है। वहीं क्षेत्र के ग्राम मानपुर हरी में विदेशी युवती की चर्चा धीरे-धीरे गांव समेत आसपास के ग्रामों में भी चर्चा का विषय बन गई है।
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