बुधवार को मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में प्राप्त शिकायतों के क्रम में डिप्टी सीएमओ/नोडल अधिकारी (नर्सिंग होम एवं पैथोलॉजी) डॉ. आलेन्द कुमार के नेतृत्व में गठित टीम ने मार्टिनगंज क्षेत्र में निरीक्षण किया। ग्राम जिवली, थाना बरदह, तहसील मार्टिनगंज स्थित ओम गुरु चिकित्सालय का अपराह्न निरीक्षण किया गया, जहां यह बिना वैध पंजीकरण के संचालित पाया गया। निरीक्षण के समय कोई भी योग्य चिकित्सक मौजूद नहीं था। गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए चिकित्सालय को तत्काल प्रभाव से सीज कर दिया गया।
वहीं, महाराजगंज विकासखंड के मुख्य बाजार में निरीक्षण के दौरान देवपालिक क्लीनिक नर्सिंग होम और शिवा नर्सिंग होम में भी गंभीर खामियां पाई गईं। दोनों नर्सिंग होम बिना वैध पंजीकरण के संचालित थे और निरीक्षण के समय कोई चिकित्सक उपस्थित नहीं था। जांच के दौरान शिवा नर्सिंग होम में 9 तथा देवपालिक क्लीनिक नर्सिंग होम में 8 मरीज भर्ती पाए गए। मरीजों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दोनों नर्सिंग होम की ओटी को सीज कर दिया गया तथा तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण देने का कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन. आर. वर्मा ने कहा कि जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ विभाग की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।
बारिश और मौसम के अचानक बदलाव के बाद वायरल और डेंगू के मरीजों की संख्या में तेज उछाल देखने को मिल रहा है। गांवों में शाम होते ही मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है। ऐसे में लोगों में डेंगू को लेकर भय का माहौल है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाया जा रहा संचारी रोग नियंत्रण अभियान जमीनी स्तर पर कारगर साबित नहीं हो पा रहा है। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने स्वास्थ्य अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि जहां-जहां डेंगू के मरीज मिल रहे हैं, वहां नियमित सफाई और एंटी लार्वा दवा के छिड़काव की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मलेरिया विभाग द्वारा फॉगिंग और छिड़काव अभियान जारी है, लेकिन इसके बावजूद मरीजों की संख्या में कमी नहीं आ रही।
एसीएमओ व नोडल अधिकारी डॉ. अविनाश झा ने कहां कि जिले में आज 11 नए डेंगू मरीज मिले हैं, जिससे कुल संख्या 126 हो गई है। प्रत्येक घर में साफ-सफाई के लिए कर्मचारियों की टीमें लगाई गई हैं।
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