रिपोर्ट_____SP त्रिपाठी
आजमगढ़। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने पदीय दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही, उदासीनता, अनुशासनहीनता तथा उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना के आरोप में मेहनगर थानाध्यक्ष निहार नंदन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही उनके विरुद्ध विभागीय जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं।
निलंबन के बाद उपनिरीक्षक अभिराज को मेहनगर थाने का नया थानाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
पुलिस विभाग के अनुसार निहार नंदन पर पॉक्सो, हत्या और गैंगस्टर अधिनियम से जुड़े मामलों में वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी में शिथिलता बरतने, जनसुनवाई एवं जनशिकायतों के समयबद्ध निस्तारण में लापरवाही करने सहित कई गंभीर आरोप पाए गए। इन अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी ने यह अनुशासनात्मक कार्रवाई की।
एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने जनपद के सभी पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को चेतावनी दी है कि वे अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनुशासनहीनता अथवा उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना पाए जाने पर नियमानुसार कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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रिपोर्ट______अरुण यादव
आजमगढ़। जनपद में पुलिस विभाग में अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार लगातार पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के कार्यों की समीक्षा कर रहे हैं। इसी क्रम में कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही और अनुशासनहीनता पाए जाने पर एक उपनिरीक्षक और एक मुख्य आरक्षी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उनके विरुद्ध विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
पुलिस विभाग से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, थाना जीयनपुर में तैनात उपनिरीक्षक गोपाल प्रसाद मौर्य ने एक विवेचना के दौरान बिना उच्चाधिकारियों को अवगत कराए गंभीर धाराओं में परिवर्तन कर दिया। इसे विवेचना में घोर लापरवाही और वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना माना गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
वहीं थाना सिधारी में तैनात मुख्य आरक्षी अखिलेश कुमार पर ड्यूटी के दौरान स्वेच्छाचारिता, अनुशासनहीनता और पदीय दायित्वों के प्रति लापरवाही बरतने का आरोप सिद्ध होने पर उन्हें भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जनपद के सभी पुलिस अधिकारी और कर्मचारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी और अनुशासन के साथ करें। उन्होंने कहा कि कर्तव्य पालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही, मनमानी या अनुशासनहीनता पाए जाने पर संबंधित कर्मियों के विरुद्ध कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस विभाग ने कहा है कि आजमगढ़ पुलिस कानून-व्यवस्था, जनसुरक्षा और अनुशासित पुलिसिंग के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा विभाग में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
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रिपोर्ट_____अरुण यादव
आजमगढ़। आबकारी विभाग के सहायक आबकारी आयुक्त (प्रवर्तन) राजकिशोर सिंह द्वारा ट्रक चालक को थप्पड़ मारने का वायरल वीडियो अब तूल पकड़ता जा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद अधिकारी के व्यवहार, सरकारी ड्यूटी के दौरान निजी नंबर की गाड़ी के इस्तेमाल और कार्रवाई के तौर-तरीकों को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। इस बीच पूरे मामले पर उप आबकारी आयुक्त आनंद प्रकाश का भी बयान सामने आया है।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में सहायक आबकारी आयुक्त (प्रवर्तन) राजकिशोर सिंह एक ट्रक चालक को थप्पड़ मारते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो वायरल होने के बाद उन्होंने अपनी सफाई में कहा था कि सठियांव टोल के पास ट्रक को रोकने का इशारा किया गया था, लेकिन चालक वाहन लेकर आगे बढ़ गया। इसके बाद टीम ने करीब दो से तीन किलोमीटर तक पीछा कर ट्रक को रोका और चालक को डराने-धमकाने के उद्देश्य से थप्पड़ मारा।
हालांकि अधिकारी ने यह भी स्वीकार किया कि ट्रक की जांच के दौरान कोई अवैध सामान बरामद नहीं हुआ और वाहन के सभी दस्तावेज सही पाए गए।
उप आबकारी आयुक्त ने मांगा लिखित जवाब
मामले के तूल पकड़ने के बाद उप आबकारी आयुक्त आनंद प्रकाश ने वायरल वीडियो का संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा कि विभाग ने वीडियो देख लिया है। प्रथम दृष्टया वीडियो में अधिकारी की गाड़ी आगे और ट्रक पीछे खड़ा दिखाई दे रहा है तथा मौके पर पूछताछ भी होती नजर आ रही है।
उन्होंने बताया कि वीडियो में दिखाई और सुनाई दे रही घटनाओं के संबंध में सहायक आबकारी आयुक्त राजकिशोर सिंह से लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है। विभाग ने उन्हें दो से तीन दिन के भीतर जवाब देने के निर्देश दिए हैं।
‘मारपीट उचित नहीं, जांच के बाद होगी कार्रवाई’
उप आबकारी आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि यदि मारपीट जैसी घटना हुई है तो यह उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि पहले संबंधित अधिकारी का पक्ष लिया जाएगा, उसके बाद पूरे मामले की जांच कर यह तय किया जाएगा कि आखिर ऐसी स्थिति क्यों बनी और आगे क्या कार्रवाई की जाए।
कई सवालों के घेरे में पूरा घटनाक्रम
इस मामले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब ट्रक से कोई अवैध सामान बरामद नहीं हुआ और उसके दस्तावेज भी सही थे, तो चालक के साथ मारपीट की जरूरत क्यों पड़ी? वहीं सरकारी ड्यूटी के दौरान निजी नंबर की गाड़ी के इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
अब विभाग की जांच और सहायक आबकारी आयुक्त के जवाब के बाद होने वाली कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
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रिपोर्ट_____राजू कुमार
आजमगढ़। जिले के अतरौलिया थाना क्षेत्र में सार्वजनिक रास्ते पर जलभराव की समस्या दूर करने पहुंची राजस्व और पुलिस टीम के साथ अभद्रता तथा सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने के आरोप में पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। मिली जानकारी के अनुसार, मुबारकपुर मंडल के भीलमपुर छपरा गांव निवासी सूबेदार यादव ने उपजिलाधिकारी बूढ़नपुर को शिकायती पत्र देकर सार्वजनिक रास्ते पर जलभराव और अतिक्रमण की शिकायत की थी। शिकायत के निस्तारण के लिए बुधवार को हल्का लेखपाल मुकेश कुमार राजस्व टीम एवं पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। टीम द्वारा सार्वजनिक रास्ते पर जलभराव समाप्त करने के उद्देश्य से मिट्टी डलवाकर रास्ते को दुरुस्त करने का कार्य कराया जा रहा था।आरोप है कि इसी दौरान गांव के सत्यदेव, दिनेश यादव और संदीप यादव मौके पर पहुंच गए और कार्य को रुकवा दिया। लेखपाल की तहरीर के अनुसार तीनों आरोपियों ने सरकारी कर्मचारियों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया तथा सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न की। तहरीर में यह भी आरोप लगाया गया है कि सत्यदेव हंसुआ लेकर मौके पर पहुंचा और राजस्व टीम को धमकी देने लगा। इतना ही नहीं, उसने आत्मदाह की धमकी देकर प्रशासनिक कार्रवाई पर दबाव बनाने का प्रयास किया। घटना के बाद हल्का लेखपाल मुकेश कुमार ने अतरौलिया थाने में लिखित तहरीर दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर तीनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक विश्वजीत पांडेय को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
]]>जिले में कानून-व्यवस्था और लोकशांति बनाए रखने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में आपराधिक प्रवृत्ति के शस्त्र लाइसेंस धारकों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में जिला मजिस्ट्रेट रविंद्र कुमार के अनुमोदन के बाद तीन शस्त्र लाइसेंस निरस्त और निलंबित किए गए हैं।
बताया गया कि मुबारकपुर थाना क्षेत्र के देवकली तारन गांव निवासी सुरेश दुबे पुत्र हरिश्चंद्र दुबे का एसबीबीएल बंदूक लाइसेंस निरस्त किया गया है। वहीं रौनापार थाना क्षेत्र के पूराबालनारायण निवासी राकेश कुमार यादव पुत्र स्वर्गीय महंगू यादव का रिवॉल्वर लाइसेंस भी निरस्त कर दिया गया है। इसके अलावा सरायमीर थाना क्षेत्र के सड़वाहा गांव निवासी आद्या चौहान पुत्र वासुदेव चौहान का राइफल लाइसेंस निलंबित किया गया है।
पुलिस के अनुसार इन व्यक्तियों के विरुद्ध विभिन्न आपराधिक मामले दर्ज हैं और इनके पास शस्त्र बने रहना जनहित में उचित नहीं पाया गया। अधिकारियों का कहना है कि इनके कृत्यों से जनसुरक्षा और लोकशांति पर खतरा उत्पन्न हो रहा था।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने कहा कि जिले में अपराधी प्रवृत्ति के लोगों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। जिन व्यक्तियों के पास शस्त्र होने से जनमानस की सुरक्षा को खतरा होगा, उनके विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जनसुनवाई पोर्टल (आईजीआरएस) पर प्राप्त विभिन्न विभागों की शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी अधिकारी निर्धारित समय से कार्यालय में उपस्थित होकर जनसुनवाई करें। इसकी जांच भी कराई जाएगी और कार्यालय से अनुपस्थित पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि जिन ग्रामों में सर्वाधिक शिकायतें अथवा असंतुष्ट फीडबैक प्राप्त हो रहे हैं, वहां संबंधित अधिकारी स्वयं मौके पर जाएं, शिकायतकर्ता से संवाद स्थापित करें और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें, ताकि दोबारा असंतुष्ट फीडबैक न मिले।
भूमि से संबंधित एवं बार-बार आने वाली शिकायतों को गंभीरता से लेने के निर्देश देते हुए अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) को निर्देशित किया गया कि अधिक शिकायत वाले ग्रामों में अवैध कब्जे के मामलों में उपजिलाधिकारी स्वयं अथवा तहसीलदार को मौके पर भेजें, अवैध कब्जा हटवाएं तथा कब्जाधारियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करें।
डीएम ने स्पष्ट कहा कि आईजीआरएस पोर्टल पर कोई भी प्रकरण डिफाल्टर श्रेणी में नहीं जाना चाहिए और सभी शिकायतों का निर्धारित अवधि में गुणवत्तायुक्त निस्तारण अनिवार्य रूप से किया जाए।
आरईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों में यदि किसी संदर्भ में स्पेशल क्लोज करना हो तो संबंधित पटल सहायकों को विधिवत अवगत कराने के निर्देश भी दिए गए।
समीक्षा के दौरान आईजीआरएस पोर्टल पर शत-प्रतिशत असंतुष्ट फीडबैक एवं मंडलायुक्त द्वारा ‘सी’ श्रेणी प्राप्त होने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। खंड विकास अधिकारी तरवां से स्पष्टीकरण प्राप्त करते हुए वेतन रोकने के निर्देश दिए गए। साथ ही जिला गन्ना अधिकारी को भी अधिक असंतुष्ट फीडबैक मिलने पर कड़ी चेतावनी दी गई।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) गम्भीर सिंह, मुख्य राजस्व अधिकारी संजीव ओझा, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एनआर वर्मा, जिला विकास अधिकारी संजय कुमार सिंह, डीसी मनरेगा राम उदरेज यादव सहित समस्त जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
निरीक्षण में जिला युवा कल्याण अधिकारी भी अपने कार्यालय से अनुपस्थित पाए गए। वहीं कौशल विकास मिशन कार्यालय में आशा भारती (बीपीएम) अनुपस्थित मिलीं और सात फरवरी को भी उपस्थिति पंजिका में उनके हस्ताक्षर दर्ज नहीं पाए गए। इसके अतिरिक्त सुरुचि चौबे मेडिकल अवकाश पर थीं, लेकिन उसका अंकन उपस्थिति पंजिका में नहीं किया गया था। इस पर जिलाधिकारी ने तत्काल मेडिकल अवकाश को उपस्थिति पंजिका में दर्ज करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को निर्देशित किया कि बिना पूर्व सूचना के अनुपस्थित पाए गए सभी अधिकारियों-कर्मचारियों से स्पष्टीकरण प्राप्त कर एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। साथ ही उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्धारित समय से कार्यालय में उपस्थित रहें और प्रतिदिन प्रातः 10:00 बजे से 12:00 बजे तक जनसुनवाई अनिवार्य रूप से करें, उसके बाद ही फील्ड विजिट पर जाएं।
इसके अलावा कार्यालयों में अभिलेखों को सुव्यवस्थित रखने, सीढ़ियों और परिसर की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित कराने के भी निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी परीक्षित खटाना, जिला विकास अधिकारी संजय कुमार सिंह, डीईएसटीओ सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
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आयुक्त सभागार में आयोजित बैठक में मण्डलायुक्त ने मुख्यमंत्री डैशबोर्ड (CMIS) पर प्रदर्शित प्रगति के आधार पर एक करोड़ रुपये से अधिक लागत की निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा की। समीक्षा में पाया गया कि उप्र जल निगम द्वारा गत माह 77 कार्य पूर्ण करने के लक्ष्य के सापेक्ष केवल 25 कार्य ही पूरे किए गए। इस पर नाराजगी जताते हुए मण्डलायुक्त ने जल निगम के अधीक्षण अभियन्ता को निर्देशित किया कि इस माह के लिए निर्धारित 84 कार्यों में पूर्व के अवशेष कार्यों को शामिल कर शत-प्रतिशत प्रगति सुनिश्चित की जाए।
मण्डलायुक्त ने यूपीपीसीएल के परियोजना प्रबन्धक को निर्माण कार्यों का निरंतर स्थलीय निरीक्षण कराते हुए मानक एवं गुणवत्ता के साथ कार्य समय से पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन परियोजनाओं के लिए धनराशि शीघ्र मिलने की संभावना है, उन्हें रोका न जाए, बल्कि निर्बाध रूप से कार्य पूर्ण कराया जाए। साथ ही जिन कार्यों को मई-जून तक पूरा किया जाना है, उन्हें बरसात से पहले पूर्ण कराने पर जोर दिया गया, ताकि मण्डल और जनपद की रैंकिंग प्रभावित न हो।
लोक निर्माण विभाग की समीक्षा में पाया गया कि जनपद बलिया में सीसी सड़क व नाली निर्माण में भुगतान की तुलना में भौतिक प्रगति अधिक है। इस विसंगति पर मण्डलायुक्त ने मुख्य अभियन्ता, लोक निर्माण विभाग को दोनों कार्यों की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इसी प्रकार सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग द्वारा बलिया-बैरिया तटबंध पर निर्मित स्पर निर्माण कार्य में भी भुगतान और भौतिक प्रगति में अंतर पाए जाने पर अधीक्षण अभियन्ता, ड्रेनेज मण्डल बलिया को स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया।
राजस्व कार्यों की समीक्षा करते हुए मण्डलायुक्त ने आज़मगढ़, बलिया और मऊ के जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि राजस्व न्यायालयों में लंबित वादों का न्यायालयवार निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने तीन वर्ष और पांच वर्ष से अधिक समय से लंबित मामलों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। धारा-116 (कुर्रा बंटवारा) और धारा-24 (पैमाइश) के मामलों में मौके पर, पक्षों की उपस्थिति में निस्तारण कराने पर विशेष जोर दिया गया।
अमृत-2 योजना की समीक्षा में मण्डलायुक्त ने पाया कि बलिया और मऊ में वित्तीय लक्ष्य प्राप्ति शत-प्रतिशत, जबकि आज़मगढ़ में केवल 83.99 प्रतिशत है। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए अधिशासी अभियन्ता, उप्र जल निगम (नगरीय) आज़मगढ़ का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण तलब किया गया। वहीं मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के लंबित आवेदनों के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए गए। आबकारी विभाग में बलिया की 110.05 प्रतिशत राजस्व प्राप्ति पर संतोष जताते हुए अन्य जनपदों को भी लक्ष्य पूर्ण करने का निर्देश दिया गया।
नगरीय निकायों की समीक्षा में मण्डलायुक्त ने सार्वजनिक व सामुदायिक शौचालयों की बदहाल स्थिति, प्याऊ में पेयजल व्यवस्था की कमी और साफ-सफाई में लापरवाही पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने सभी ईओ को नियमित भ्रमण, शौचालयों की साफ-सफाई, प्याऊ पर शुद्ध पेयजल, मलिन बस्तियों में मूलभूत सुविधाएं, ठंड को देखते हुए अलाव, रैन बसेरे और कम्बल वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि औचक निरीक्षण में अनियमितता मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में जिलाधिकारी आज़मगढ़ रविन्द्र कुमार, जिलाधिकारी बलिया मंगला प्रसाद सिंह, जिलाधिकारी मऊ प्रवीण मिश्र सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
सीएम डैशबोर्ड की मासिक समीक्षा बैठक
कल देर सायं कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सीएम डैशबोर्ड पर माह नवंबर 2025 की विभागवार ग्रेडिंग एवं रैंकिंग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न योजनाओं की प्रगति, रैंकिंग और ग्रेड पर विस्तार से चर्चा की गई।
पीएम सूर्य घर योजना: लोन स्वीकृति में ढिलाई पर नाराजगी
पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में जनपद को बी ग्रेड और 47वीं रैंक मिलने पर पीओ नेडा ने बताया कि लक्ष्य के सापेक्ष 2002 लाभार्थियों के यहां सोलर सिस्टम स्थापित किए गए हैं। जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को नियमित अनुश्रवण के निर्देश दिए। वहीं लीड बैंक मैनेजर को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि योजना से संबंधित सभी लंबित ऋण प्रकरण शीघ्र स्वीकृत किए जाएं और किसी भी पात्र लाभार्थी का लोन जानबूझकर निरस्त न किया जाए।
एनआरएलएम में डी ग्रेड, शासन को भेजा जाएगा पत्र
डे एनआरएलएम योजना में डी ग्रेड मिलने पर जिलाधिकारी ने उपायुक्त स्वतः रोजगार को निर्देशित किया कि आरएफ के लिए आवश्यक धनराशि की मांग हेतु शासन को पत्र भेजा जाए, जिससे योजना की प्रगति में सुधार हो सके।
जल जीवन मिशन और सेतु निर्माण पर विशेष निर्देश
जल जीवन मिशन योजना में बी ग्रेड प्राप्त होने पर जिलाधिकारी ने जल निगम ग्रामीण के अधिशासी अभियंता को अगले माह ए ग्रेड लाने के निर्देश दिए। वहीं सेतु निर्माण में सी ग्रेड मिलने पर बुढनपुर–दीदारगंज–बरदह मार्ग स्थित मघुई नदी सेतु की भौतिक प्रगति बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
छात्रवृत्ति में गिरावट पर सख्त चेतावनी
छात्रवृत्ति योजनाओं में सी और डी ग्रेड मिलने पर जिलाधिकारी ने समाज कल्याण, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। निर्देश दिया गया कि जिन विद्यालयों में बड़ी संख्या में छात्रवृत्ति फॉर्म लंबित हैं, उनकी जांच की जाए। गलत एनरोलमेंट पाए जाने पर संबंधित विद्यालयों और अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
खराब प्रगति पर स्पष्टीकरण तलब
आसमाज कल्याण निर्माण निगम के सहायक अभियंता की प्रगति खराब पाए जाने पर स्पष्टीकरण मांगा गया। वहीं विद्युत वितरण खंड प्रथम के नोडल अधिकारी द्वारा योजनाओं की जानकारी न दे पाने पर भी जिलाधिकारी ने स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश दिए।
पूर्ण परियोजनाओं के हैंडओवर का अल्टीमेटम
जनपद में पूर्ण हो चुकी सात परियोजनाओं का हैंडओवर न होने पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि 31 दिसंबर 2025 तक जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए और संबंधित विभागों को परियोजनाएं हस्तांतरित की जाएं।
ग्रेड ए लाने का निर्देश
अंत में जिलाधिकारी ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि सीएम डैशबोर्ड पर प्रदर्शित योजनाओं का नियमित अनुश्रवण करते हुए जनपद को ग्रेड ए दिलाना सुनिश्चित करें। किसी भी योजना में समस्या होने पर तत्काल अवगत कराने के निर्देश दिए गए।
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