रिपोर्ट______अरुण यादव
आजमगढ़। जनपद के अहरौला थाने में जमीन के नाम पर 35 लाख रुपये की कथित ठगी का मामला दर्ज किया गया है। कोर्ट के आदेश पर दर्ज एफआईआर में आरोप है कि फर्जी खतौनी और फर्जी एग्रीमेंट के जरिए जमीन बेचने का झांसा देकर वादी से लाखों रुपये वसूल लिए गए। बाद में न तो जमीन का बैनामा किया गया और न ही रकम वापस की गई।
वहीं पुलिस में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार अतरौलिया थाना क्षेत्र के ईश्वरपुर पवनी निवासी दुर्गेश कुमार पाण्डेय ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2019 में परिचित के माध्यम से उसकी मुलाकात शोभनाथ सेठ और अन्य लोगों से हुई। आरोप है कि इन लोगों ने ग्राम मोहिउद्दीनपुर की आराजी संख्या 193 की जमीन अपनी बताकर खतौनी दिखाई और बैनामा कराने का भरोसा दिया।
वहीं वादी का कहना है कि विश्वास में लेकर 24 फरवरी 2020 को 19 लाख रुपये, 4 सितंबर 2020 को 10 लाख रुपये तथा 5 सितंबर 2020 को 6 लाख रुपये, कुल 35 लाख रुपये आरोपियों को दिए गए। इसके बाद 6 सितंबर 2020 को एक एग्रीमेंट भी कराया गया, लेकिन कई बार कहने के बावजूद जमीन का बैनामा नहीं किया गया।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि जांच कराने पर पता चला कि जिस गाटा संख्या की जमीन दिखाई गई थी, वह किसी अन्य व्यक्ति के नाम दर्ज है। आरोप है कि फर्जी खतौनी और कूटरचित दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी की गई। जब पीड़ित ने रुपये वापस मांगे तो आरोपियों ने जान से मारने और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी।
वहीं कोर्ट के आदेश पर अहरौला थाने में शोभनाथ सेठ सहित नामजद और अन्य आरोपितों के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना एवं धमकी समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
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आजमगढ़। बीते 24 घंटे के भीतर आजमगढ़ पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ दूसरे हाफ एनकाउंटर को अंजाम देते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। करीब डेढ़ माह पूर्व माहुल बाजार में एक क्लिनिक के डॉक्टर से रंगदारी मांगने वाले 25 हज़ार के इनामी बदमाश से अहरौला थाना क्षेत्र में देर रात पुलिस की मुठभेड़ हो गई। जवाबी कार्रवाई में बदमाश के पैर में गोली लगने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि उसका साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। पुलिस ने मौके से अवैध असलहा व कारतूस भी बरामद किए हैं।
, थाना अहरौला पुलिस द्वारा बीती रात्रि रात्रि गश्त व संदिग्ध व्यक्ति/वाहन चेकिंग के दौरान ग्राम पश्चिम पट्टी महलिया के पास 25 हज़ार इनामी बदमाश के साथ मुठभेड़ हुई। इस दौरान थानाध्यक्ष अमित कुमार मिश्रा मय पुलिस टीम को मुखबिर खास से सूचना मिली कि वांछित अभियुक्त शेरा सिंह यादव उर्फ शेरू यादव अपने साथी अंगद यादव के साथ मोटरसाइकिल से गहजी पश्चिम पट्टी होते हुए दुर्वासा की ओर जा रहा है।
सूचना पर विश्वास कर पुलिस टीम ने महलिया के पास घेराबंदी की। पुलिस को देखते ही मोटरसाइकिल सवार अभियुक्तों ने असलहा लहराते हुए जान से मारने की नीयत से फायर कर दिया। आत्मरक्षार्थ पुलिस द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई में अभियुक्त शेरा सिंह यादव उर्फ शेरू यादव के दाहिने पैर में गोली लग गई, जिससे वह घायल होकर गिर पड़ा और मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं दूसरा अभियुक्त अंगद यादव अंधेरे का लाभ उठाकर फरार हो गया।
घायल अभियुक्त को उपचार हेतु अस्पताल भेजा गया है। पुलिस द्वारा अन्य विधिक कार्रवाई की जा रही है तथा फरार अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम गठित कर लगातार दबिश दी जा रही है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्त शेरा सिंह यादव उर्फ शेरू यादव पुत्र दाताराम यादव उर्फ मिट्ठू यादव, निवासी ग्राम कोर्राघाटमपुर, थाना अहरौला, जनपद आजमगढ़ है। अभियुक्त के कब्जे से एक अदद अवैध देशी तमंचा , कारतूस व ₹540 नकद बरामद किया गया है।
पुलिस ने बताया कि करीब डेढ़ माह पूर्व बीते 1 नवंबर 2025 को वादी डॉ. बीरेंद्र कुमार प्रजापति पुत्र स्वर्गीय श्री नेवाज प्रजापति, निवासी ग्राम समसल्लीपुर (माहुल बाजार स्थित नवनीत क्लिनिक) द्वारा अभियुक्तों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। आरोप था कि अभियुक्तों ने क्लिनिक पर पहुंचकर कनपटी पर असलहा लगाकर ₹2 लाख की रंगदारी मांगी और विरोध करने पर डॉक्टर के सिर पर असलहे की मुठिया से वार किया। तभी से अभियुक्त फरार चल रहा था।
अभियुक्त के विरुद्ध पूर्व में लूट, रंगदारी, धोखाधड़ी, धमकी और गैंगस्टर एक्ट सहित कई गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। लगातार फरार होने चलते SSP ने 25 हज़ार का इनाम घोषित भी किया था
पूछताछ के दौरान अभियुक्त ने स्वीकार किया कि डॉक्टर द्वारा मुकदमा दर्ज कराए जाने के बाद वह गिरफ्तारी के भय से फरार था और पकड़े जाने से बचने के लिए उसने पुलिस टीम पर अवैध तमंचे से फायर किया।
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