कानूनी दांव-पेच और अदालत की जिम्मेदारियों के बीच भी उन्होंने बचपन के अपने शौक, संगीत को कभी पीछे नहीं छोड़ा। व्यस्त दिनचर्या के बावजूद नियमित रियाज़ करते रहे। धीरे-धीरे यह शौक जुनून बना और यही जुनून उन्हें मंच तक ले आया।
स्थानीय कार्यक्रमों से अपने सफर की शुरुआत करने वाले आकाश राजभर आज कई एल्बम में अपनी आवाज़ दे चुके हैं। उनकी गायकी में भोजपुरी संगीत की मिठास के साथ आधुनिक अंदाज़ भी देखने को मिलता है, जो युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक सभी को पसंद आ रहा है।
आकाश कहते हैं, “कानून मेरा पेशा है, लेकिन संगीत मेरी आत्मा है।” उनका मानना है कि अगर इंसान अपने सपनों को समय दे, तो कोई भी मंज़िल दूर नहीं होती।
उनकी सफलता उन लोगों के लिए प्रेरणा है, जो जिम्मेदारियों के कारण अपने अंदर छिपी प्रतिभा को दबा देते हैं। आकाश राजभर ने यह साबित कर दिया कि मजबूत हौसलों के साथ जीवन की दूसरी पारी भी उतनी ही शानदार हो सकती है।
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