अहरौला के जनता इंटर कालेज मैदान में आयोजित इस रैली में अरुण राजभर ने कहा कि यह सामाजिक समरसता महा रैली है। समाज के हर वर्गों का प्रतिनिधित्व करने और सामाजिक न्याय दिलाने के लिए भारतीय समाज पार्टी ने यह मंच तैयार किया है। उन्होंने कहा कि आज हमारे इस मंच पर ब्राह्मण को बड़े पैमाने पर मंच दिया गया है। उन्होंने नया नारा दिया कि ब्राह्मण शंख बजाएगा और राजभर आगे बढ़ता जाएगा। अरुण राजभर ने कहा कि इस संकल्प के साथ सभी समाज को ब्राह्मण समाज का आशीर्वाद पहले भी मिला है और आगे भी मिलेगा। रैली में अगड़ा,पिछड़ा, दलित, गरीब और कमजोर वर्ग भी शामिल हैं। सभी लोग ओपी राजभर के संघर्ष, विचार और सोच के साथ खड़े होकर अपने हकों और सामाजिक न्याय की आवाज बुलंद करेंगे।
उन्होंने कहा कि श्रधेय स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव ने 1990 में इसी मैदान में रैली की थी, और उसके बाद समाजवादी पार्टी ने इसे गढ्ढा बना दिया। आज इस मैदान से स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव का आशीर्वाद भी भारतीय समाज पार्टी को मिलेगा। अरुण राजभर ने कहा कि ओपी राजभर जी भगवान परशुराम, भगवान राम और महाराजा सुहेलदेव का सम्मान करते हैं, जबकि समाजवादी पार्टी के मुखिया सम्मान नहीं करते।
उन्होंने कहा कि भारतीय समाज पार्टी सामाजिक समरसता के माध्यम से समाज के हर वंचित वर्ग का सम्मान करने का काम करेगी।
आज ही के दिन जिले में मंत्री अनिल राजभर के द्ववारा रैली करने के सवाल पर कहा कि वे जिस पार्टी का झंडा लेकर चलते है उसको छोड़कर देखे सब पता चल जाएगा। वहां भाड़े की भीड़ है जबकि यहां अखाड़े के मजबूत पहलवानों की भीड़ जुटी है। अरुण राजभर ने कहा कि उनकी आने वाली भीड़ को भाड़े वाले लोगों के माध्यम से डायवर्ट करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन यहां आई भीड़ प्रशासन के सहयोग से नहीं बल्कि चंदा, संघर्ष और आस्था के साथ स्वेच्छा से जुटी है।
उन्होंने कहा कि आजमगढ़ जिले में दस विधानसभा और दो लोकसभा सीटें है । सभी समाजवादी पार्टी का कब्ज़ा है । लेकिन समाजवादी पार्टी कहती है कि राजभरों का कोई वजूद नहीं है, लेकिन इस रैली ने साबित कर दिया कि ओपी राजभर की ताकत और जन समर्थन पूरे जिले में दिखाई दे रहा है। इस रैली का संदेश पूरे देश मे जाएगा कि जो लोग आजमगढ़ में अपना गढ़ बता रहे थे ये गढ़ नही गड्ढा बनाने का काम किया है। इसके अलावा उन्होंने क्षेत्र के गड्ढे और अन्य विकास कार्यों का जिक्र किया।
]]>आज़मगढ़। जिले के अहरौला और कप्तानगंज के बीच 21 किलोमीटर लंबे लंबे समय से रुके हुए मार्ग का रास्ता अब साफ हो गया है। पिछले 15 सालों से इस सड़क के निर्माण का इंतजार कर रहे ग्रामीण और व्यापारियों के लिए यह खुशी का पल है। मुख्यमंत्री ने इस परियोजना के लिए बजट मंजूर कर दिया है और 16 से 23 नवंबर के बीच इस मार्ग का शिलान्यास करने वाले हैं। इस सड़क का निर्माण न केवल क्षेत्रवासियों की सुविधा बढ़ाएगा, बल्कि व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच को भी आसान बनाएगा।
इसी क्रम में बुधवार को सुभासपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अरुण राजभर अहरौला बाजार पहुंचे। उन्हें बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं, व्यापारियों और ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों और फूलों के बुके के साथ स्वागत किया। इस दौरान लोगों ने ओमप्रकाश राजभर के समर्थन में नारे भी लगाए।
अरुण राजभर ने अपने काफिले को छोड़कर लगभग तीन किलोमीटर तक अहरौला-कप्तानगंज मार्ग पर पैदल यात्रा की। रास्ते में लोगों ने उन्हें शॉल और अंगवस्त्र देकर इस सड़क की मंजूरी पर बधाई दी। उन्होंने इसे जनमानस की जीत बताते हुए कहा कि यह सफलता जनता के दबाव और लगातार प्रयासों का परिणाम है।
अरुण राजभर ने बताया कि कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने क्षेत्रवासियों के दर्द को समझा और मुख्यमंत्री तक इसे पहुंचाया। उन्होंने कहा कि पिछले छह महीने से लगातार मुख्यमंत्री से संपर्क में रहने के बाद ही इस सड़क को मंजूरी मिली। उन्होंने पूरी सफलता का श्रेय पंचायतीराज मंत्री ओमप्रकाश राजभर को दिया।
उन्होंने विपक्षी नेताओं पर कटाक्ष करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी के कई विधायक और सांसद होने के बावजूद जनता को सड़क के लिए सड़क पर उतरना पड़ा। आगामी शिलान्यास उनके लिए एक संदेश है।
इस दौरान बाकरकोल और बस्तीभुजबल ग्राम पंचायतों में जनचौपाल का आयोजन भी किया गया।
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