आज़मगढ़। जिले के गम्भीरपुर थाना क्षेत्र में हत्या के प्रयास से जुड़े एक मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। आपसी विवाद के दौरान जानलेवा हमले के आरोप में वांछित चल रहे तीन अभियुक्तों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मौके से डंडे भी बरामद किए गए हैं।
थाना गम्भीरपुर क्षेत्र के ग्राम मगरावां रायपुर में बीते 5 दिसंबर को दो पक्षों के बीच विवाद हो गया था। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट की और जान से मारने की नीयत से हमला किया। इस संबंध में उपनिरीक्षक यशवन्त सिंह की तहरीर पर थाना गम्भीरपुर में मुकदमा पंजीकृत किया गया था, जिसकी विवेचना के दौरान धारा 109 बीएनएस की बढ़ोतरी की गई।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए सोमवार को उपनिरीक्षक विपिन द्विवेदी ने मुखबिर की सूचना पर मुकदमे से संबंधित तीन वांछित अभियुक्तों को विषहम की ओर जाने वाली सड़क के पास से दोपहर गिरफ्तार किया। गिरफ्तार अभियुक्तों में देवेन्द्र उर्फ झीनू, प्रभाकर और बाबी शामिल हैं, जो सभी ग्राम मगरावां रायपुर, थाना गम्भीरपुर के निवासी बताए जा रहे हैं।
गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से तीन डंडे बरामद किए गए हैं। पुलिस द्वारा अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
]]>दीवानी न्यायालय में प्रैक्टिस करने वाले रविंद्र कुमार यादव एडवोकेट शहर कोतवाली क्षेत्र में कोल पांडेय मुहल्ले में मकान में रहते हैं तथा वहीं पर गोशाला भी खोल रखी है। रविंद्र कुमार की गौशाला से काशीराम कॉलोनी पुरानी जेल के पीछे का निवासी साबिर अहमद दूध लेता था। साबिर के ऊपर दूध का लगभग पांच हजार रूपये बकाया हो गया था। जिसका तगादा अक्सर रविंद्र कुमार साबिर से करते रहते थे। रविंद्र कुमार 26 अक्टूबर 2025 को रात लगभग 8:30 बजे कोलघाट से घर जा रहे थे।तभी रास्ते में साबिर से अपने बकाया रुपए की मांग की जिससे नाराज़ हो कर साबिर अहमद और उसकी पत्नी ने गाली गलौज देने लगे। साबिर अहमद ने चाकू से रविंद्र कुमार के सीने पर ताबड़तोड़ हमला किया।
इस मामले में दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी साबिर अहमद की जमानत अर्जी खारिज कर दी। अभियोजन पक्ष की तरफ से सहायक शासकीय अधिवक्ता ओम प्रकाश सिंह तथा विंध्यवासिनी प्रसाद सिंह एडवोकेट ने पैरवी की।
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