मिली जानकारी के अनुसार कार्यशाला में गम्भीर सिंह (अपर जिलाधिकारी वि०/रा०), राजेश कुमार मिश्रा (जिला आबकारी अधिकारी), चन्दन यादव (जिला सूचना विज्ञान अधिकारी, एनआईसी) एवं ओमप्रकाश जायसवाल (साइबर सेल, आजमगढ़) ने उपस्थित लोगों को साइबर सुरक्षा से जुड़ी अहम जानकारियाँ दीं।
कार्यशाला में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के बढ़ते प्रभाव पर चर्चा करते हुए बताया गया कि जहां एआई शिक्षा और कार्यक्षमता बढ़ाने में सहायक है, वहीं डीपफेक वीडियो और डेटा प्राइवेसी जैसे खतरों को लेकर सतर्क रहना भी जरूरी है। अधिकारियों ने किसी भी एआई टूल के उपयोग के दौरान व्यक्तिगत एवं संवेदनशील जानकारी साझा न करने की सलाह दी।
वित्तीय सुरक्षा को लेकर बताया गया कि इंटरनेट बैंकिंग के दौरान केवल बैंक की आधिकारिक वेबसाइट और सुरक्षित नेटवर्क का ही उपयोग करें, सार्वजनिक वाई-फाई से लेन-देन से बचें और पासवर्ड व पिन को समय-समय पर बदलते रहें।
कार्यशाला में एआई के सुरक्षित एवं जिम्मेदार उपयोग की शपथ दिलाई गई तथा सेफर इंटरनेट डे 2026 की वेबसाइट पर उपलब्ध वीडियो का प्रस्तुतीकरण भी किया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ0 अनिल कुमार ने शनिवार को थाना कप्तानगंज में नवनिर्मित साइबर हेल्प डेस्क का उद्घाटन किया। इस डेस्क के संचालन से साइबर अपराधों से संबंधित शिकायतों के त्वरित निस्तारण, पीड़ितों की समयबद्ध सहायता तथा तकनीकी अपराधों की रोकथाम में बड़ी सहायता मिलेगी।
उद्घाटन के बाद एसएसपी ने थाना क्षेत्र के वरिष्ठ एवं सम्भ्रान्त नागरिकों से संवाद स्थापित किया। इस दौरान उन्होंने सामाजिक समन्वय, कानून-व्यवस्था की स्थिति, बढ़ते साइबर अपराध, सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार और पुलिस–पब्लिक साझेदारी को मजबूत बनाने जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।
कार्यक्रम में आगे रिटायर्ड पुलिस कर्मियों/पेंशनर्स को साल भेंट कर सम्मानित किया गया। साथ ही ग्राम सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से चौकीदारों को टॉर्च, सीटी व आवश्यक सामग्री भी प्रदान की गई। यह कदम पुलिस सेवा दे चुके पूर्व कर्मियों के सम्मान और जमीनी स्तर पर कार्यरत कार्मिकों के मनोबल को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

इसके साथ ही थाना क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों से आई स्कूली छात्राओं को साइबर सुरक्षा एवं मिशन शक्ति के अंतर्गत जागरूक किया गया। एसएसपी ने छात्राओं को ऑनलाइन फ्रॉड से बचाव, सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग, महिला सुरक्षा उपाय और मिशन शक्ति से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी दी। छात्राओं ने भी साइबर सुरक्षा से जुड़े प्रश्न पूछे जिनका उत्तर देकर उन्हें विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारीगण
अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन, क्षेत्राधिकारी बूढ़नपुर अजय प्रताप सिंह, थाने के अधिकारी/कर्मचारी, रिटायर्ड कर्मी/पेंशनर्स, सम्भ्रान्तजन तथा बड़ी संख्या में विभिन्न विद्यालयों की छात्राएं मौजूद रहीं।
निरीक्षण के क्रम में जिला कारागार आजमगढ़ का दौरा भी किया गया। कारागार में व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। शौचालय की सफाई कराने के निर्देश दिए गए और रसोईघर की व्यवस्थाओं की जांच की गई। इसके पश्चात जिला महिला अस्पताल का निरीक्षण किया गया, जहां मरीजों से मिलकर उनकी स्वास्थ्य स्थिति के बारे में जानकारी ली गई और व्यवस्थाओं को सही पाया गया।
अध्यक्षा के रूप में कन्या जन्मोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। नवजात कन्याओं का स्वागत रोली-चंदन, उपहार स्वरूप बेबी किट, कम्बल, मिठाई और माला पहनाकर किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं को स्वालम्बी और आत्मनिर्भर बनने के लिए जागरूक किया गया। जिला प्रोबेशन अधिकारी द्वारा महिला कल्याण विभाग की योजनाओं जैसे मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, निराश्रित महिला पेंशन योजना, और मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना की जानकारी साझा की गई।
कार्यक्रम में उपजिलाधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, महिला थानाध्यक्ष, जिला प्रोबेशन अधिकारी और वन स्टॉप सेंटर के सभी कर्मी उपस्थित रहे।
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