
रिपोर्ट____अरुण यादव
आजमगढ़। मुबारकपुर थाना पुलिस ने फर्जी चिकित्सकीय कार्य एवं कथित लापरवाही से मरीज की मौत के मामले में वांछित आर्य नन्दिनी नर्सिंग होम के संचालक को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया है। पुलिस के अनुसार आरोपी को हरैया रेलवे अंडरपास के पास से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के मुताबिक, 15 जुलाई 2026 को मुबारकपुर थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति ने तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उनकी माता श्याम दुलारी को पेट में दर्द (हर्निया) के उपचार के लिए हरैया मोड़, अबाड़ी सठियांव स्थित आर्य नन्दिनी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि नर्सिंग होम संचालक गुलाब चन्द चौहान ने परिजनों की जानकारी और सहमति के बिना उनका ऑपरेशन कराया, जिसके दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
पीड़ित की तहरीर के आधार पर थाना मुबारकपुर में मुकदमा संख्या 264/2026, धारा 105 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक मोहम्मद शमशाद खान द्वारा की जा रही है।
विवेचना के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर 6 अगस्त 2026 को पुलिस टीम ने हरैया रेलवे अंडरपास के पास से आरोपी गुलाब चन्द चौहान (52 वर्ष), निवासी ग्राम भुसुड़ी, थाना मुबारकपुर, जनपद आजमगढ़ को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी आर्य नन्दिनी नर्सिंग होम का संचालक बताया गया है।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी का चालान कर उसे न्यायालय में पेश कर दिया। पुलिस के अनुसार इस मामले में आरोपी के विरुद्ध यही पहला आपराधिक मुकदमा दर्ज है। गिरफ्तार करने वाली टीम में उपनिरीक्षक मोहम्मद शमशाद खान और हेड कांस्टेबल प्रकाश कुमार सिंह शामिल रहे।
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रिपोर्ट_______अरुण यादव
आजमगढ़। जिले के जहानागंज थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति पर अलग-अलग नाम और जन्मतिथि का इस्तेमाल कर दो पासपोर्ट बनवाने का मामला सामने आया है। पासपोर्ट सत्यापन के दौरान अनियमितता उजागर होने पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, क्षेत्र के बेलाल अहमद पुत्र इफ्तेखार, निवासी ग्राम बरहतीर, ने पहले वर्ष 2016 में P5932243 नंबर का पासपोर्ट बनवाया था, जिसमें उसका नाम बेलाल अहमद तथा जन्मतिथि 01 जनवरी 1987 दर्ज थी। इसके बाद वर्ष 2024 में उसने B9456696 नंबर का दूसरा पासपोर्ट बनवाया, जिसमें नाम अलमद बेलाल और जन्मतिथि 01 जनवरी 1997 अंकित कराई गई।
पुलिस के द्वारा जांच में सामने आया कि दूसरे पासपोर्ट के आवेदन के साथ आधार कार्ड, बैंक पासबुक और पैन कार्ड जैसे दस्तावेज भी अलग विवरण के साथ लगाए गए थे। इस प्रकार अलग-अलग व्यक्तिगत विवरण देकर दूसरा पासपोर्ट प्राप्त करना प्रथम दृष्टया नियमों के विरुद्ध पाया गया।
वहीं इस पूरे मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) तथा पासपोर्ट अधिनियम, 1967 की धारा 12(1)(बी) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक अभिषेक कुमार कुशवाहा को सौंपी गई है। पुलिस पूरे प्रकरण की जांच कर रही है।
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रिपोर्ट_____अरुण यादव
आजमगढ़। जिले में महिलाओं के गले से चेन स्नेचिंग और चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले गिरोह के खिलाफ आजमगढ़ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंग के सरगना को गैंगस्टर एक्ट में गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ आजमगढ़ और वाराणसी में चेन स्नेचिंग, चोरी, लूट, अवैध शस्त्र रखने और गैंगस्टर एक्ट समेत कुल 11 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में संगठित अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत कोतवाली प्रभारी निरीक्षक यादवेन्द्र पाण्डेय के नेतृत्व में पुलिस टीम ने गैंगस्टर एक्ट में वांछित विशाल उर्फ बाबू बीडी पुत्र भरतलाल, निवासी पुराना कांशीराम आवास, थाना शिवपुर, जनपद वाराणसी को शुक्रवार दोपहर 12:10 बजे ठंडी सड़क बंधा रोड स्थित प्राइवेट बस स्टैंड के पास से गिरफ्तार किया।
महिला से चेन स्नेचिंग के बाद खुला गिरोह का नेटवर्क
पुलिस के मुताबिक, 8 नवंबर 2025 को कोतवाली क्षेत्र में बाजार से घर लौट रही एक महिला के गले से बाइक सवार दो बदमाशों ने सोने की चेन छीन ली थी। इस मामले में कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान विशाल उर्फ बाबू बीडी और उसके साथी पिंटू हरिजन उर्फ अशोक का नाम सामने आया। वहीं जांच में पता चला कि दोनों एक संगठित गिरोह बनाकर महिलाओं के गले से चेन स्नेचिंग, चोरी और अन्य संपत्ति संबंधी अपराधों को अंजाम देकर अवैध आर्थिक लाभ अर्जित करते थे। उनकी लगातार आपराधिक गतिविधियों से लोगों में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ था।
डीएम की मंजूरी के बाद दर्ज हुआ गैंगस्टर एक्ट
पुलिस ने गिरोह के खिलाफ गैंग चार्ट तैयार कर जिलाधिकारी को अनुमोदन के लिए भेजा था। 16 जुलाई 2026 को गैंग चार्ट स्वीकृत होने के बाद कोतवाली थाने में उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, 1986 के तहत गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा दर्ज किया गया।
11 मुकदमों का है आपराधिक इतिहास
गिरफ्तार आरोपी विशाल उर्फ बाबू बीडी के खिलाफ आजमगढ़ और वाराणसी के विभिन्न थानों में चेन स्नेचिंग, चोरी, लूट, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर एक्ट सहित कुल 11 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी लंबे समय से संगठित अपराध में सक्रिय था और उसकी गिरफ्तारी से चेन स्नेचिंग की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
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रिपोर्ट____अरुण यादव
हत्या के मुकदमे में सुनवाई पूरी करने के बाद अदालत ने तीन आरोपियों को सश्रम आजीवन कारावास तथा प्रत्येक को पचास पचास हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। जबकि एक आरोपी को पर्याप्त सबूत के अभाव में दोषमुक्त कर दिया। अदालत ने जुर्माना की अस्सी प्रतिशत धनराशि मृतक की पत्नी को देने का आदेश दिया है। मुकदमे की विवेचना ठीक से न करने पर अदालत विवेचक मनीष पाल के विरुद्ध कार्यवाही करने के लिए पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया है।यह फैसला जिला एवं सत्र न्यायाधीश जय प्रकाश पांडेय ने शुक्रवार को सुनाया। अभियोजन पक्ष के अनुसार वादी मुकदमा विनोद चौहान निवासी आलमपुर थाना अहरौला की गांव के रामसेवक चौहान से रंजिश चल रही थी। इस रंजिश को लेकर वादी विनोद चौहान की पत्नी इसरावती ने 22 सितंबर 2024 को एक मुकदमा दर्ज कराया था। जिससे नाराज होकर 29 सितंबर 2024 की रात शुभम चौहान चौहान, रामसेवक चौहान सुरेंद्र आदि ने वादी विनोद चौहान के पिता श्रीराम की गोली मारकर हत्या कर दी।इस हत्या के लिए वादी विनोद चौहान ने शुभम चौहान समेत दस लोगों के विरुद्ध नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई। जांच पूरी करने के बाद पुलिस ने चार आरोपियों के विरुद्ध चार्जशीट न्यायालय में प्रेषित किया। अभियोजन पक्ष की तरफ से जिला शासकीय अधिवक्ता प्रियदर्शी पियूष त्रिपाठी, सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता दीपक कुमार मिश्रा तथा जितेन्द्र यादव एडवोकेट ने कुल नौ गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी शुभम चौहान, रामसेवक तथा सुरेंद्र को सश्रम आजीवन कारावास तथा प्रत्येक को पचास पचास हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई।जबकि एक आरोपी सतिराम को पर्याप्त सबूत के अभाव में दोषमुक्त कर दिया।
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रिपोर्ट_____अरुण यादव
आजमगढ़। जिले के अतरौलिया थाना क्षेत्र के बढ़या गांव निवासी एक 35 वर्षीय युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। बाजार के समीप उसका शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी है। परिजनों ने घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है। मिली जानकारी के अनुसार बढ़या गांव निवासी दिनेश उर्फ रिंशु (35) पुत्र कोमल रविवार को घर से बाजार में सामान खरीदने के लिए निकले थे। काफी देर तक घर वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। इसी दौरान बाजार के समीप उनका शव पड़े होने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही परिवार के लोग मौके पर पहुंचे। शव देखते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। वहीं मृतक अपने पीछे पत्नी सरिता, 12 वर्षीय पुत्र मंगेश, सात वर्षीय पुत्री खुशी तथा पांच वर्षीय पुत्र अंकुश को छोड़ गए हैं। पति की अचानक मौत से पत्नी सरिता का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने बताया कि दिनेश रविवार को घर पर खाना खाने के बाद सामान लेने के लिए बाजार गए थे, लेकिन कुछ देर बाद उनके निधन की सूचना मिली। वहीं इस घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और मौत के कारणों की जांच में जुटी हुई है। वहीं इस पूरे मामले में थाना प्रभारी देवेंद्र नाथ दुबे ने बताया कि मामले में तहरीर प्राप्त हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है।
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रिपोर्ट___अरुण यादव
आजमगढ़। जिले के फूलपुर थाना पुलिस ने महिला लूटकांड का सनसनीखेज खुलासा करते हुए 25-25 हजार रुपये के दो इनामी बदमाशों को पुलिस मुठभेड़ में घायल कर गिरफ्तार कर लिया। दोनों बदमाशों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके जवाब में हुई कार्रवाई में उनके पैर में गोली लगी। पुलिस ने उनके कब्जे से लूट का माल, अवैध तमंचे, कारतूस और वारदात में प्रयुक्त केटीएम बाइक बरामद की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत फूलपुर पुलिस को यह सफलता मिली। गिरफ्तार बदमाशों की पहचान समीर पुत्र अफसर निवासी सहजेरपुर तथा शिव कुमार राजभर उर्फ लाला निवासी चकबहार, थाना फूलपुर के रूप में हुई है।
महिलाओं को बनाते थे निशाना
पुलिस के अनुसार दोनों बदमाश केटीएम मोटरसाइकिल से घूमकर सुनसान स्थानों पर महिलाओं और राहगीरों को निशाना बनाते थे। असलहा दिखाकर पर्स, मोबाइल और जेवरात लूटने के बाद तेज रफ्तार बाइक से फरार हो जाते थे।
इन दोनों ने 17 जून को फूलपुर-दुर्वाषा मार्ग पर ऑटो से जा रही महिला का पर्स लूटा था, जिसमें मोबाइल, मंगलसूत्र, चांदी की पायल, नकदी और अन्य सामान था। इसके अलावा 14 जून को सरायमीर क्षेत्र में भी एक महिला से पर्स छीनने की घटना को अंजाम दिया था।
पुलिस पर की फायरिंग
24/25 जून की रात पुलिस को सूचना मिली कि दोनों बदमाश मुड़ियार ईदगाह के पास किसी वारदात की फिराक में मौजूद हैं। घेराबंदी के दौरान पुलिस को देखकर बदमाश भागने लगे और पीछा करने पर पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। फायरिंग में पुलिस वाहन की हेडलाइट क्षतिग्रस्त हो गई।
पुलिस द्वारा आत्मसमर्पण की चेतावनी देने के बावजूद बदमाश लगातार गोली चलाते रहे। आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दोनों के दाहिने पैर में गोली लगी और वे घायल होकर गिर पड़े। इसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
बरामदगी
पुलिस ने अभियुक्तों कब्ज़े से
02 अवैध देशी तमंचा (.315 बोर),02 जिंदा कारतूस,02 खोखा कारतूस,04 एंड्रॉयड मोबाइल फोन,01 जोड़ी चांदी की पायल,₹1577 नकद,केटीएम-250 मोटरसाइकिल
कई वारदातों का किया खुलासा
पूछताछ में दोनों अभियुक्तों ने फूलपुर और सरायमीर की लूट की घटनाओं के अलावा माहुल, पवई समेत अन्य क्षेत्रों में भी मोबाइल छिनैती की वारदातों को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। पुलिस उनके अन्य साथियों और पुराने अपराधों की भी जांच कर रही है।
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