महाराजगंज थाना क्षेत्र के कुढ़ई गांव निवासी जयसिंह साहनी दिसंबर 2024 में सऊदी अरब गए थे। उन्हें अलीसार कंस्ट्रक्शन कंपनी में पेंटिंग का काम मिला था। कंपनी द्वारा तय किया गया था कि छह माह बाद वीजा रिन्यू कर दिया जाएगा। शुरुआती छह माह तक उन्हें प्रतिमाह 1300 रियाल बेसिक मजदूरी और 300 रियाल खुराकी मिलती रही, लेकिन जैसे ही छह माह पूरे हुए, कंपनी ने 161 भारतीय श्रमिकों की मजदूरी रोक दी।
जब मजदूरों ने कंपनी से बात की तो उन्हें टाल दिया गया। इसके बाद से बीते तीन माह से किसी को एक रुपया भी नहीं मिला है। श्रमिक कंपनी के क्वार्टर में रह तो रहे हैं, लेकिन खाने-पीने का खर्च घर से मंगाए गए पैसों से चल रहा है।
जयसिंह साहनी ने बताया कि उन्होंने सऊदी अरब के लेबर कोर्ट और पुलिस थाने में भी शिकायत की, लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई।
इधर कुढ़ई गांव में जयसिंह की पत्नी नीलम तीन बच्चों के साथ पति की सलामती की दुआ कर रही है। परिवार की आर्थिक हालत बेहद कमजोर है। जयसिंह पांच भाइयों में तीसरे नंबर पर हैं और अलग रहते हैं। पत्नी नीलम ने बताया कि पति से बात होती रहती है और खाने-पीने के लिए यहां से मोबाइल पर पैसे भेजे जा रहे हैं। उन्होंने सरकार से जल्द पति की सुरक्षित वापसी कराने की मांग की है।
इसी तरह रौनापार थाना क्षेत्र के गोड़ियाना अराजी देवारा नैनीजोर गांव निवासी योगेंद्र साहनी भी रोजी-रोटी की तलाश में सऊदी अरब गए थे। चार माह बाद ही कंपनी में काम बंद हो गया, जिससे वह बीते कई महीनों से बेरोजगार बैठे हैं।
योगेंद्र के घर पर पिता राम वचन साहनी, माता किसवा देवी, छोटा भाई दीपक साहनी, भाभी अंजनी (पत्नी सुरेंद्र), पिंकी (पत्नी सोनू) और छोटे बच्चे रहते हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से ही कमजोर है। योगेंद्र के दो भाई सोनू और सुरेंद्र भी बाहर काम करने गए हैं।
मां किसवा देवी ने बताया कि बेटा लगभग 13 माह से सऊदी अरब में है, लेकिन केवल चार माह ही काम मिला। पिता और भाई ने बताया कि चार दिन पहले खाने-पीने के लिए 5000 रुपये भेजे गए हैं।
वहीं सुरहन मार्टीनगंज निवासी घनश्याम राजभर 18 नवंबर 2023 को सऊदी अरब गए थे। पत्नी सविता ने बताया कि पति को वहां दो साल हो चुके हैं। गांव में वह सास-ससुर और दो बेटियों के साथ रहती हैं।
इसी प्रकार बनगांव मार्टिनगंज निवासी सोनू पिछले छह वर्षों से सऊदी अरब में रह रहा है। घर पर पत्नी सरिता देवी, मां दुर्गावती और तीन बेटियां हैं। पिता हरिनाथ ने बताया कि दो दिन पहले बेटे से बात हुई थी।
विदेश में फंसे इन मजदूरों और उनके परिवारों की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है। सभी ने केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय से जल्द हस्तक्षेप कर सकुशल भारत वापसी कराने की मांग की है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ0 अनिल कुमार के कुशल निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक यातायात विवेक त्रिपाठी के पर्यवेक्षण में, क्षेत्राधिकारी लालगंज भूपेश कुमार पाण्डेय ने यातायात पुलिस के समन्वय से एनएचएआई की मदद से सड़क पर सफेद पट्टी लगाने का कार्य कराया। इसका मुख्य उद्देश्य सड़क पर लेन अनुशासन सुदृढ़ करना और दुर्घटना संभावित स्थानों पर सुरक्षा बढ़ाना है।
विशेष रूप से रात्रि समय और कोहरे के समय कम दृश्यता की स्थिति में यह रोड मार्किंग वाहन चालकों के लिए मार्गदर्शन का काम करेगी और आवागमन को अधिक सुरक्षित बनाएगी।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यातायात नियमों का पालन करें, निर्धारित लेन में वाहन चलाएँ और सुरक्षित गति बनाए रखें। पुलिस लगातार ऐसे उपाय कर रही है, जिससे आम नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
]]>आजमगढ़। जिले के महराजगंज थाना क्षेत्र में मिशन शक्ति अभियान के तहत पुलिस ने किशोरी के अपहरण, दुष्कर्म और धर्म परिवर्तन के आरोप वाले मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में दो बाल अपचारी भी पुलिस अभिरक्षा में लिए गए हैं।
बीते तीन दिसम्बर को स्कूल जाते समय एक किशोरी को रास्ते से बहला-फुसलाकर भगा ले जाने की घटना सामने आई थी। इस प्रकरण में किशोरी के साथ दुष्कर्म किए जाने और अवैध धर्म परिवर्तन के आरोप भी शामिल हैं। घटना के संबंध में थाना महराजगंज पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस जांच कर रही थी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ के निर्देशन में रविवार को पुलिस टीम ने ग्राम बीबीगंज, थाना दीदारगंज क्षेत्र से मुख्य आरोपी इमरान उर्फ इबरान को गिरफ्तार कर लिया। वहीं घटना से जुड़े एक किशोर और 17 वर्षीय एक किशोरी को नियमानुसार पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है। मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई जारी है।
आजमगढ़। जिले के देवगांव और रौनापार थाना क्षेत्रों में हुए अलग-अलग सड़क हादसों में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि आधा दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों ही मामलों में तेज रफ्तार वाहनों की टक्कर से घटनाएं हुईं, जिससे क्षेत्र में शोक का माहौल है।
मिली जानकारी के अनुसार, देवगांव थाना क्षेत्र के सराय खुरचून गांव निवासी हरिश्चंद राजभर (45) 08 दिसंबर की दोपहर करीब दो बजे साइकिल से बाजार से घर लौट रहे थे। सराय मोड़ पर पल्हना की ओर से आ रही तेज रफ्तार बोलेरो ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की सूचना पर परिजन उन्हें जिला अस्पताल ले गए, जहां से हालत गंभीर होने पर राजकीय मेडिकल कॉलेज चक्रपानपुर रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान शनिवार शाम उनकी मौत हो गई। मृतक एक पुत्र और दो पुत्रियों के पिता थे तथा मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते थे। कोतवाली प्रभारी विमल प्रकाश राय के अनुसार मामले की जांच की जा रही है।
वहीं दूसरी घटना रौनापार थाना क्षेत्र के लाटघाट की है, जहां शनिवार देर शाम आजमगढ़–गोरखपुर मार्ग पर यूनियन बैंक महुला और पुलिस चौकी मोहल्ला के बीच ट्रेलर और पिकअप की आमने-सामने टक्कर हो गई। इस हादसे में जोकहरा गांव निवासी पूर्व प्रधान तिलक राजभर (56) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बालचंद (65), रघु (60), लक्ष्मण (60), अभिमन्यु राजभर (27), संदीप (27) और अजय राजभर (30) गंभीर रूप से घायल हो गए।
बताया गया कि सभी लोग दोहरीघाट (मऊ) में दाह संस्कार कार्यक्रम में शामिल होकर पिकअप से लौट रहे थे, तभी रात करीब 8:45 बजे तेज रफ्तार ट्रेलर ने पिकअप को अपनी चपेट में ले लिया। घायलों को सीएचसी लाटघाट ले जाया गया, जहां से उन्हें आजमगढ़ सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। थानाध्यक्ष मंतोष सिंह ने बताया कि ट्रेलर चालक की तलाश की जा रही है और जांच जारी है। हादसे के बाद गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
शनिवार को सूचना प्राप्त हुई कि अभियुक्त पीड़िता को धमकाने के उद्देश्य से पुलिस वर्दी पहनकर आया है। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने मौके से अभियुक्त प्रदीप यादव पुत्र मोतीलाल यादव निवासी ग्राम मड़ना थाना अहरौला को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के दौरान अभियुक्त के पास से उप-निरीक्षक की वर्दी, फर्जी पुलिस आई-कार्ड, कूटरचित नियुक्ति पत्र, मोबाइल फोन, पहचान पत्र तथा नकद रुपये बरामद किए गए।
पुलिस की पूछताछ में अभियुक्त ने स्वीकार किया कि उसने अच्छी शादी और धन लाभ के लालच में फर्जी दस्तावेज़ तैयार कराए थे। वह स्वयं को प्रयागराज के थाना कर्नलगंज में तैनात बताकर किराए के कमरे में रहता था और पुलिस वर्दी का इस्तेमाल कर लोगों को गुमराह कर धन अर्जित करता रहा।
मिली जानकारी के अनुसार, मुख्य चिकित्साधिकारी की टीम ने जनपद के विभिन्न प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। सबसे पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मगरावां का निरीक्षण किया गया, जहाँ कई गंभीर अनियमितताएँ पाई गईं। चिकित्सक डॉ. अतुल कुमार गुप्ता 22,23 नवम्बर को बिना किसी सूचना के अनुपस्थित पाए गए। इसके अलावा वार्डब्वॉय इसरार 21, 22 और 23 नवंबर को लगातार गैरहाजिर रहे। स्वीपर वसीम अहमद भी 23 नवंबर को बिना सूचना अनुपस्थित मिले। इस पर मुख्य चिकित्साधिकारी ने तीनों कर्मचारियों के अनुपस्थित दिवस के वेतन काटने के निर्देश जारी कर दिए।
निरीक्षण के दौरान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कलंदरपुर पहुँची टीम ने पाया कि केंद्र पर आरोग्य मेले का आयोजन किया जा रहा था। सभी व्यवस्थाएं सामान्य पाई गईं।
इसके बाद टीम पीएचसी बेलऊ पहुँची, जहाँ आरोग्य मेले का आयोजन तो चल रहा था, लेकिन मरीजों की संख्या अपेक्षा से काफी कम पाई गई। मुख्य चिकित्साधिकारी ने मरीजों की संख्या बढ़ाने हेतु चिकित्सक को आवश्यक निर्देश दिए। वहीं फार्मासिस्ट निरीक्षण के दौरान बिना सूचना के अनुपस्थित पाए गए, जिन्हें स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया गया है।
अंत में निरीक्षण टीम पीएचसी नंदाव पहुँची, जहाँ आरोग्य मेले के दौरान चिकित्सा सेवाएँ सुचारू मिलीं। निरीक्षण के समय तक 100 मरीजों का उपचार किया जा चुका था।
]]>आज़मगढ़। जिले में यातायात माह नवम्बर के तहत आज एक प्रेरक और अनूठी पहल सामने आई, जब दिव्यांगजन स्वयं सड़क सुरक्षा के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने के लिए सड़क पर उतरे। अग्रसेन चौराहे पर आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में दिव्यांगजनो ने ट्रैफिक पुलिस के साथ मिलकर हेलमेट, सीटबेल्ट, गति नियंत्रण और सुरक्षित ड्राइविंग जैसे जरूरी नियमों के प्रति लोगों को जागरूक किया। समाज की सहभागिता से सड़क सुरक्षा को मजबूत करने की इस पहल की आमजन ने खूब सराहना की।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आज़मगढ़ के निर्देशन में यातायात माह नवम्बर के अंतर्गत पूरे जनपद में सड़क सुरक्षा जागरूकता को लेकर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक यातायात विवेक त्रिपाठी और क्षेत्राधिकारी नगर शुभम तोदी के पर्यवेक्षण में सर्वसमाज को जोड़ने के उद्देश्य से आज एक महत्वपूर्ण पहल की गई। दिव्यांगजन समुदाय से विशेष अपील की गई कि वे सड़क सुरक्षा अभियान में सक्रिय रूप से शामिल होकर समाज को जागरूक करें। इस अपील का सकारात्मक परिणाम तब देखने को मिला जब जिला दिव्यांग अधिकारी की उपस्थिति में शनिवार को थाना कोतवाली क्षेत्रान्तर्गत अग्रसेन चौराहे पर दिव्यांगजनो द्वारा यातायात जागरूकता कार्यक्रम संचालित किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग को सड़क सुरक्षा से जोड़ना, दिव्यांगजनो की सहभागिता से यातायात नियमों के पालन को बढ़ावा देना तथा आमजन में सुरक्षित यातायात के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाना था। कार्यक्रम में दिव्यांगजनो ने चौराहे से गुजर रहे वाहन चालकों को हेलमेट लगाने, सीटबेल्ट बांधने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने और एम्बुलेंस को प्राथमिकता देने जैसे महत्वपूर्ण नियमों के बारे में जागरूक किया। ट्रैफिक पुलिस और दिव्यांगजनो ने संयुक्त रूप से सड़क सुरक्षा संदेशों को प्रभावी ढंग से प्रसारित किया, जिसे देखने वाले नागरिकों ने सराहना करते हुए नियमों का पालन करने की शपथ ली।
इस अवसर पर जिला दिव्यांग अधिकारी, यातायात पुलिस टीम, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक भी मौजूद रहे।
]]>आज़मगढ़। जिले को जीरो फेटैलिटी डिस्ट्रिक्ट (शून्य मृत्यु दर वाला जिला) बनाने के लक्ष्य के तहत सात प्रमुख सड़कों को क्रिटिकल कॉरिडोर घोषित किया गया है। इन मार्गों को सबसे अधिक दुर्घटना-प्रवण माना गया है, जिनमें आजमगढ़–दोहरीघाट, आजमगढ़–वाराणसी, आजमगढ़–जौनपुर राजमार्ग तथा पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे प्रमुख हैं। इन सड़कों पर होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर को न्यूनतम करना प्रशासन की प्राथमिकता है।
इसी के तहत कुल 24 क्रिटिकल कॉरिडोर टीमों (सीसी टीम) का गठन किया गया है। हर टीम में एक उपनिरीक्षक और चार मुख्य आरक्षी/आरक्षी शामिल होंगे, जो 15 थानों के क्रिटिकल पॉइंट्स पर लगातार निगरानी रखेंगे। गुरुवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में एएसपी ट्रैफिक विवेक त्रिपाठी ने पुलिस लाइन सभागार में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें 24 उपनिरीक्षकों और 24 आरक्षियों को दुर्घटना रोकथाम और प्रवर्तन से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रशिक्षण दिया गया।
क्रिटिकल कॉरिडोर टीमों की प्रमुख जिम्मेदारियां
दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में, खासकर शाम के समय, एआरओ द्वारा गहन चेकिंग।
क्रिटिकल कॉरिडोर पर होने वाली दुर्घटनाओं के अभियोगों की विशेष विवेचना।
प्रवर्तन कार्यवाही के तहत रात में भारी वाहनों की आकस्मिक चेकिंग, चालक की थकान व नींद की स्थिति की जांच।
टी-पॉइंट, वाई-पॉइंट और चौराहों पर अतिक्रमण पर रोकथाम।
सड़क किनारे खड़े खराब व बाधक वाहनों को तुरंत हटवाना।
बॉडीवॉर्न कैमरा, सेफ्टी टॉर्च, पीए सिस्टम, इंटरसेप्टर, कोन आदि उपकरणों का उचित उपयोग।
ढाबों, होटलों, मैरिज हॉल और पेट्रोल पंपों के बाहर अवैध पार्किंग रोकना और सुनिश्चित करना कि इससे मुख्य सड़क अवरुद्ध न हो।
क्रिटिकल कॉरिडोर पर होने वाली दुर्घटनाओं की जांच उसी कॉरिडोर पर नियुक्त उपनिरीक्षक द्वारा की जाएगी, ताकि जांच त्वरित और सटीक हो सके।
]]>वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आज़मगढ़ डॉ. अनील कुमार सिंह के वारंटी/वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की। सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी सदर के निर्देशन और थानाध्यक्ष अखिलेश कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने ग्राम बैराडीह उर्फ़ गम्भीरपुर से चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों में रमेश गुप्ता पुत्र विन्ध्याचल प्रसाद गुप्ता, अभय गुप्ता पुत्र दुर्गा प्रसाद, देवनाथ गुप्ता तथा अमरनाथ गुप्ता पुत्र केशव शामिल हैं। इन अभियुक्तों के विरुद्ध थाना गम्भीरपुर में धारा 170/126/135 BNSS के तहत चालान किया गया था तथा इन पर आरोप था कि न्यायालय द्वारा उपस्थित रहने के आदेशों के बावजूद ये लगातार अनुपस्थित रहते थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए SDM ने अभियुक्तों को गिरफ्तार कर 25 नवम्बर तक माननीय उपजिला मजिस्ट्रेट निजामाबाद के समक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था।
इसी क्रम में पुलिस टीम ने गुरुवार को सभी अभियुक्तों को उनके घर से गिरफ्तार कर आवश्यक कार्रवाई करते हुए न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया।
]]>अतरौलिया, आज़मगढ़। स्थानीय क्षेत्र के महरुपुर स्थित आर एस कॉन्वेंट स्कूल और ब्लू बेल्स पब्लिक स्कूल में शुक्रवार को पंडित जवाहरलाल नेहरू की जयंती बाल दिवस के रूप में बड़े ही हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाई गई। दोनों विद्यालयों में आयोजित भव्य बाल मेलों में बच्चों ने रचनात्मकता, प्रतिभा और आत्मविश्वास का शानदार प्रदर्शन किया।
आर एस कॉन्वेंट स्कूल में कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि सेनपुर के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. अवधेश वर्मा द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। विद्यालय परिसर में बच्चों द्वारा चाय, कॉफी, चाट, फुल्की, बर्गर, पिज़्ज़ा, मोमोज, चाउमीन, चिप्स, कुरकुरे सहित कई स्व-निर्मित व्यंजनों के आकर्षक स्टॉल सजाए गए। मुख्य अतिथि ने सभी स्टॉलों का अवलोकन कर बच्चों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों की प्रतिभा को निखारते हैं। विद्यालय प्रबंधक राणा लाखन सिंह ने नेहरू जी के बच्चों के प्रति प्रेम को याद करते हुए कहा कि बाल दिवस बच्चों में उत्साह और ऊर्जा का संचार करता है। छात्राओं प्रिया वर्मा, आराध्या तिवारी और साक्षी गुप्ता ने भी बाल मेले में भाग लेने के अपने अनुभव साझा किए। विद्यालय की प्रधानाचार्या रितु सिंह ने अतिथियों, अभिभावकों और शिक्षकों का आभार प्रकट किया।
उधर, ब्लू बेल्स पब्लिक स्कूल में भी बाल दिवस धूमधाम से मनाया गया। यहां लगभग 800 से अधिक बच्चों द्वारा चार प्रमुख थीम आधारित स्टॉल जुपिटर, सैटर्न, यूरेनस और नेपच्यून—के साथ फूड, मॉडल्स, पेंटिंग और हस्तनिर्मित वस्तुओं के दर्जनों स्टॉल लगाए गए, जिन पर अभिभावकों और छात्रों ने जमकर खरीदारी की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा जिला उपाध्यक्ष जितेंद्र सिंह गुड्डू और विशिष्ट अतिथि विद्यालय के डायरेक्टर हर्षित सिंह ने बच्चों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों को आत्मनिर्भर बनाते हैं और उनके आत्मविश्वास में वृद्धि करते हैं।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रिंसिपल बलवंत सिंह ने कहा कि बाल मेला बच्चों को शिक्षा के साथ व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करने का माध्यम है। दोनों विद्यालयों में हुए आयोजन में बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं, अभिभावक और छात्र उपस्थित रहे।
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