रिपोर्ट______SP त्रिपाठी
आजमगढ़। जिले में नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवक-युवतियों से लाखों रुपये की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बीएसए और बीईओ कार्यालय के नाम से कथित कूटरचित नियुक्ति पत्र एवं विभागीय आदेश तैयार कर करीब 15 अभ्यर्थियों को सठियांव विकासखंड के परिषदीय विद्यालयों में योग शिक्षक के रूप में ज्वाइन करा दिया गया। कई सप्ताह तक विद्यालयों में कार्य करने के बाद जब वेतन भुगतान की बात आई तो पता चला कि नियुक्ति और आदेश दोनों फर्जी थे।
पीड़ितों ने मामले की शिकायत बीएसए, मुबारकपुर थाना और पुलिस अधीक्षक से की है। शिकायतकर्ताओं में सुनीता जायसवाल, साधना देवी, पवन कुमार राजभर, अंजलि वर्मा, प्रियंका वर्मा, रेनू जायसवाल, दीपक कुमार मिश्रा, सिमरन मद्धेशिया, प्रिया जायसवाल, रुक्मिणी देवी, रूपा जायसवाल, राहुल गोंड, वंदना जायसवाल और राजेश कुमार समेत अन्य शामिल हैं। पीड़ितों का आरोप है कि उन्हें दिए गए नियुक्ति पत्र पर मेक्स आडिया मेडिटेशन, सफदरजंग, नई दिल्ली का पता अंकित था। साथ ही खंड शिक्षा अधिकारी सठियांव और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के नाम से भी कथित आदेश जारी किए गए थे। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर विभिन्न प्राथमिक एवं कंपोजिट विद्यालयों में उनकी ज्वाइनिंग कराई गई। शिकायत के अनुसार, नियुक्ति पत्र में 12,450 से 13,500 रुपये मासिक वेतन का उल्लेख था। नौकरी दिलाने के नाम पर प्रत्येक अभ्यर्थी से 1.35 लाख से 1.50 लाख रुपये तक वसूले गए। अप्रैल और मई 2025 के दौरान सभी ने विद्यालयों में योग प्रशिक्षण भी दिया, लेकिन जब वेतन के लिए विभाग से संपर्क किया गया तो पता चला कि विभाग ने ऐसी कोई नियुक्ति ही नहीं की थी। अब इस पूरे मामले में यह सवाल भी उठ रहा है कि बिना दस्तावेजों का सत्यापन किए विद्यालयों में ज्वाइनिंग कैसे करा दी गई और इतने लंबे समय तक विभाग को इसकी भनक क्यों नहीं लगी। जबकि विद्यालय में कोई जाता है तो उससे प्रधानाध्यापक खूब पूछताछ करते हैं लेकिन विद्यालय में इतने दिन तक नौकरी करते रहे शिक्षकों से क्यों नहीं सवाल किया गया। इससे कहीं न कहीं विद्यालय के प्रधानाध्यापकों की भी भूमिका संदिग्ध लग रही है।
मामले में उठ रहे बड़े सवाल
फर्जी नियुक्ति पत्रों के आधार पर परिषदीय विद्यालयों में ज्वाइनिंग कैसे हो गई?
क्या बीईओ और विद्यालय प्रशासन ने नियुक्ति पत्रों का सत्यापन नहीं कराया?
बीएसए और बीईओ कार्यालय के नाम से फर्जी आदेश तैयार करने वाला गिरोह कौन है?
महीनों तक विद्यालयों में कार्य होने के बावजूद विभाग को इसकी जानकारी क्यों नहीं मिली?
क्या इस मामले में संबंधित अधिकारियों और विद्यालयों की भूमिका की भी जांच होगी?
यदि फर्जी आदेशों पर कार्य कराया गया तो इसकी जिम्मेदारी किसकी तय होगी?
वहीं इस पूरे मामले पर शशिचंद्र चौधरी, थाना प्रभारी मुबारकपुर ने कहा कि शिकायत मिली है। इसके लिए बीएसए से पत्राचार किया जा रहा है। बीएसए से रिपोर्ट मिलने के बाद इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वहीं इस पूरे मामले मपर राजीव कुमार पाठक,बीएसए हमारे पास भी शिकायत आई थी। मामले में बीईओ से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि विभाग की तरफ से कोई नियुक्ति नहीं की गई है। अब ये लोग कहां से नियुक्ति हुए किसी को कुछ पता नहीं है। फिलहाल जांच कराई जाएगी।
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अतरौलिया, आज़मगढ़। शिक्षण क्षेत्र अतरौलिया के अंतर्गत स्थित सेल्हरा पट्टी मैदान पर बुधवार को दो दिवसीय बेसिक बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि विनोद राजभर, जिला अध्यक्ष (लालगंज, आजमगढ़) तथा विशिष्ट अतिथि राजीव पाठक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (आजमगढ़) और पंकज मौर्या, खंड शिक्षा अधिकारी (कोयलसा) उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ हरी झंडी दिखाकर व कबूतर उड़ाकर किया गया। इसके बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राजीव पाठक ने 50 मीटर व 100 मीटर दौड़ प्रतियोगिता का शुभारंभ हरी झंडी दिखाकर किया। प्रतियोगिता में अतरौलिया विकासखंड के चार मंडलों भगतपुर, लोहरा, अतरौलिया और बढ़या के बालक एवं बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।
अतिथियों का स्वागत व सम्मान खंड शिक्षा अधिकारी अतरौलिया जगदीश यादव द्वारा किया गया। कार्यक्रम का संचालन सुरेंद्र यादव और राजकुमार ने संयुक्त रूप से किया, जबकि क्रीड़ा प्रभारी राजेश कुमार ने खेलों का सफल संचालन सुनिश्चित किया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि विनोद राजभर ने कहा कि “बच्चों में खेल भावना और अनुशासन जीवन के हर क्षेत्र में सफलता की कुंजी है। ऐसे आयोजन न केवल प्रतिभाओं को निखारते हैं बल्कि बच्चों में टीम भावना और आत्मविश्वास भी बढ़ाते हैं।”
वहीं विशिष्ट अतिथि राजीव पाठक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने कहा कि “बेसिक शिक्षा विभाग का उद्देश्य बच्चों के सर्वांगीण विकास की दिशा में काम करना है। प्रत्येक वर्ष इस तरह का आयोजन आज़मगढ़ के सभी ब्लाकों में किया जाता है, इसके बाद जनपद स्तरीय, मंडल स्तरीय,प्रतियोगिता होगी। खेल बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास का अहम माध्यम हैं, इसलिए हर विद्यालय को खेलकूद गतिविधियों को प्रोत्साहित करना चाहिए।”
इस मौके पर राज नारायण पांडे, अवनीश पांडे, मनोज सिंह, विजय यादव, अनिल कुमार, गोविंद लाल, भगवान मणि त्रिपाठी, अरुण कुमार सिंह, संतोष यादव, आलोक पांडे, अजीत पांडे, यशपाल एवं शिव गोविंद दुबे सहित क्षेत्र के अनेक शिक्षक और शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं।
प्रतियोगिता के प्रथम दिन विभिन्न दौड़ प्रतियोगिताओं में बच्चों ने अपनी उत्कृष्ट प्रतिभा का प्रदर्शन कर उपस्थित लोगों की वाहवाही लूटी। कार्यक्रम के दूसरे दिन समापन अवसर पर विजेताओं को पुरस्कृत किया जाएगा।